{"_id":"698641a5a90c92765e0b8537","slug":"salman-ali-stole-the-show-at-the-cultural-evening-with-his-song-mere-rashke-qamar-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-62256-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: मेरे रश्के कमर..से सांस्कृतिक संध्या में सलमान अली ने लूटी महफिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: मेरे रश्के कमर..से सांस्कृतिक संध्या में सलमान अली ने लूटी महफिल
विज्ञापन
अपनी सुरीली आवाज से सूफी, बॉलीवुड गीत गाकर देशी- विदेशी कलाकारों को थिरकने पर मजबूर कर दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सूरजकुंड मेले में छठे दिन की सांस्कृतिक संध्या इंडियन आइडल फेम सलमान अली के नाम रही। मुख्य चौपाल पर सलमान अली ने अपनी सुरीली आवाज से सूफी, बॉलीवुड गीत गाकर देशी- विदेशी कलाकारों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इंडियन आइडल विजेता सलमान अली ने अपनी मखमली और बुलंद आवाज से ऐसा समा बांधा कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सलमान अली ने सांस्कृतिक संध्या का आगाज प्रसिद्ध सूफी गीत सांसों की माला से सिमरू मैं पी का नाम से किया, जैसे ही उन्होंने अपनी विशेष आलाप और तान छेड़ी, पूरा मेला परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने भक्ति और सूफियाना संगीत का ऐसा मिश्रण पेश किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। सूफी गीतों के बाद उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट बॉलीवुड गाने गाए, जिस पर वहां मौजूद पर्यटक खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए।
सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड गीतों की रही धूम
सांस्कृतिक संध्या में सूफी संगीत के बाद सलमान अली ने एक के बाद एक कई सुपरहिट बॉलीवुड गानों की झड़ी लगा दी, जिस पर पर्यटक झूम उठे। उनके द्वारा मेरे रश्के कमर, ओ लाल मेरी (दमादम मस्त कलंदर), जरा सी दिल में दे जगह तू, तेरी याद साथ है, काला चश्मा, झूम बराबर झूम और सुनो गौर से दुनिया वालों जैसे गीतों पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया। कार्यक्रम में भावुक पल तब आया जब उन्होंने यह दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे गीत गाकर दर्शकों के साथ एक सीधा संवाद स्थापित किया। अंत में गायक सलमान अली ने अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में वरिष्ठ अधिकारी डा शालीन ने गायक सलमान अली को स्मृति देकर सम्मानित भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सूरजकुंड मेले में छठे दिन की सांस्कृतिक संध्या इंडियन आइडल फेम सलमान अली के नाम रही। मुख्य चौपाल पर सलमान अली ने अपनी सुरीली आवाज से सूफी, बॉलीवुड गीत गाकर देशी- विदेशी कलाकारों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इंडियन आइडल विजेता सलमान अली ने अपनी मखमली और बुलंद आवाज से ऐसा समा बांधा कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सलमान अली ने सांस्कृतिक संध्या का आगाज प्रसिद्ध सूफी गीत सांसों की माला से सिमरू मैं पी का नाम से किया, जैसे ही उन्होंने अपनी विशेष आलाप और तान छेड़ी, पूरा मेला परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने भक्ति और सूफियाना संगीत का ऐसा मिश्रण पेश किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। सूफी गीतों के बाद उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट बॉलीवुड गाने गाए, जिस पर वहां मौजूद पर्यटक खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए।
विज्ञापन
सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड गीतों की रही धूम
सांस्कृतिक संध्या में सूफी संगीत के बाद सलमान अली ने एक के बाद एक कई सुपरहिट बॉलीवुड गानों की झड़ी लगा दी, जिस पर पर्यटक झूम उठे। उनके द्वारा मेरे रश्के कमर, ओ लाल मेरी (दमादम मस्त कलंदर), जरा सी दिल में दे जगह तू, तेरी याद साथ है, काला चश्मा, झूम बराबर झूम और सुनो गौर से दुनिया वालों जैसे गीतों पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया। कार्यक्रम में भावुक पल तब आया जब उन्होंने यह दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे गीत गाकर दर्शकों के साथ एक सीधा संवाद स्थापित किया। अंत में गायक सलमान अली ने अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में वरिष्ठ अधिकारी डा शालीन ने गायक सलमान अली को स्मृति देकर सम्मानित भी किया।
विज्ञापन