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Faridabad News: 10 हजार के इनामी स्टेनो ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
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एसीबी की बड़ी कार्रवाई-10 हजार का इनामी प्रदीप स्टेनो ने नूेह कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा 6 फरवरी को शैक्षणिक जांच की क्लीन चिट देने के मामले में ग्राम पंचायत करहेड़ा के ग्राम सचिव हसीन को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में एसीबी द्वारा एसडीएम के स्टेनो प्रदीप को भी आरोपी बनाया गया था। जिसके बाद से ही आरोपी फरार हो गया। सोमवार को लगभग सात माह बाद स्टेनो प्रदीप ने नूंह कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसे एसीबी के हवाले कर दिया गया। गत 6 फरवरी से आज तक एसीबी सह आरोपी स्टेनो को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थी। जिसके बाद एसीबी ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम
घाेषित किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम द्वारा सोमवार को भ्रष्टाचार मामले में फरार आरोपी प्रदीप कुमार तत्कालीन स्टेनो, एसडीएम फिरोजपुर झिरका को जिला नूंह में सीजेएम न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद प्रदीप को नियामानुसार अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया।
3 लाख रुपये की रिश्वत के साथ हुआ था ग्राम सचिव अरेस्ट
करहेडा गांव के सरपंच की मार्कशीट का मामला एसडीएम कार्यालय फिरोजपुर झिरका में विचाराधीन था। जिसके चलते सरपंच ने पंचायत सचिव के माध्यम से एक कर्मचारी से संपर्क किया, जैसे ही पंचायत सचिव ने उक्त कर्मचारी से पैसे पकड़े वैसे ही घात लगाए बैठी एसीबी गुरुग्राम की टीम ने मौके पर ही आरोपी ग्राम सचिव हसीन को पैसे सहित धर दबोचा। एसीबी के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि यह पैसे फर्जी दस्तावेज को बदलवाने के एवज में देने थे। स्टेनो के पद पर कार्यरत प्रदीप की ग्राम सचिव हसीन व ग्राम पंचायत के सरपंच के साथ हुई चैट और बातचीत के आधार पर एसीबी ने स्टेनो को भी सह आरोपी बनाया था।
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गिरफ्तारी से हो सकते है बड़े खुलासे
एसीबी के अधिकारियों व सूत्रों की माने तो इस मामले की मुख्य कड़ी सह आरोपी प्रदीप से जुड़ी हुई है। गिरफ्तारी होने से इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस मामले से जुड़े रुपये की संपत्ति के कागजात निकलवा लिए है, सूत्रों की माने तो स्टेनो प्रदीप एक अधिकारी के रिश्तेदार की छत्रछाया में था।
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अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा 6 फरवरी को शैक्षणिक जांच की क्लीन चिट देने के मामले में ग्राम पंचायत करहेड़ा के ग्राम सचिव हसीन को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में एसीबी द्वारा एसडीएम के स्टेनो प्रदीप को भी आरोपी बनाया गया था। जिसके बाद से ही आरोपी फरार हो गया। सोमवार को लगभग सात माह बाद स्टेनो प्रदीप ने नूंह कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसे एसीबी के हवाले कर दिया गया। गत 6 फरवरी से आज तक एसीबी सह आरोपी स्टेनो को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थी। जिसके बाद एसीबी ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम
घाेषित किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम द्वारा सोमवार को भ्रष्टाचार मामले में फरार आरोपी प्रदीप कुमार तत्कालीन स्टेनो, एसडीएम फिरोजपुर झिरका को जिला नूंह में सीजेएम न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद प्रदीप को नियामानुसार अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया।
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3 लाख रुपये की रिश्वत के साथ हुआ था ग्राम सचिव अरेस्ट
करहेडा गांव के सरपंच की मार्कशीट का मामला एसडीएम कार्यालय फिरोजपुर झिरका में विचाराधीन था। जिसके चलते सरपंच ने पंचायत सचिव के माध्यम से एक कर्मचारी से संपर्क किया, जैसे ही पंचायत सचिव ने उक्त कर्मचारी से पैसे पकड़े वैसे ही घात लगाए बैठी एसीबी गुरुग्राम की टीम ने मौके पर ही आरोपी ग्राम सचिव हसीन को पैसे सहित धर दबोचा। एसीबी के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि यह पैसे फर्जी दस्तावेज को बदलवाने के एवज में देने थे। स्टेनो के पद पर कार्यरत प्रदीप की ग्राम सचिव हसीन व ग्राम पंचायत के सरपंच के साथ हुई चैट और बातचीत के आधार पर एसीबी ने स्टेनो को भी सह आरोपी बनाया था।
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गिरफ्तारी से हो सकते है बड़े खुलासे
एसीबी के अधिकारियों व सूत्रों की माने तो इस मामले की मुख्य कड़ी सह आरोपी प्रदीप से जुड़ी हुई है। गिरफ्तारी होने से इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस मामले से जुड़े रुपये की संपत्ति के कागजात निकलवा लिए है, सूत्रों की माने तो स्टेनो प्रदीप एक अधिकारी के रिश्तेदार की छत्रछाया में था।