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Faridabad News: डीजल की बढ़ती कीमतों और बिजली कटौती से बिगड़ रहा उद्यमियों का बजट
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उत्पादन लागत को काबू में रखना बड़ी चुनौती बना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के व्यापारियों और लघु उद्यमियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर अब यहां के उद्योगों पर साफ दिखने लगा है। कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों से पहले ही जूझ रहे उद्यमियों के सामने अब उत्पादन लागत को काबू में रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
उद्यमियों का कहना है कि भीषण गर्मी में शहर में घंटों-घंटों बिजली कटौती बनी रहती है। इसके कारण उन्हें मजबूरन बड़े जनरेटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जनरेटर चलाने के कारण डीजल की भारी खपत हो रही है और दूसरी तरफ डीजल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि ने उनके बजट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। हैरानी की बात यह है कि आईएमटी जैसे नियमित और आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली की भारी किल्लत है, जिससे नाराज उद्यमी अब बिजली विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
उद्यमियों का कहना है कि लाइट पहले से ही जाती थी, पर तब डीजल के दाम स्थिर थे और भाड़ा भी कम था, पर हर तरफ से उन्हें महंगाई झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ते रहेंगे, तो छोटे उद्योगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
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कच्चे माल के दाम पहले ही बढ़े हुए हैं। अब घंटों बिजली कटने के कारण महंगे डीजल से जनरेटर चलाना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती इन लागतों के कारण बाजार में टिकना मुश्किल हो गया है। सरकार को उद्यमियों के लिए कुछ करना चाहिए।- बीके मिश्रा, उद्यमी, आईएमटी
नियमित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए तो फिर भी सुविधाएं है, पर हमारे पास ना तो बिजली सही आती है और ना तो सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं। ऊपर से अब डीजल के दाम भी बढ़ रहे हैं, ऐसे में जनरेटर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।-विपिन सिंह, उद्यमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के व्यापारियों और लघु उद्यमियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर अब यहां के उद्योगों पर साफ दिखने लगा है। कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों से पहले ही जूझ रहे उद्यमियों के सामने अब उत्पादन लागत को काबू में रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
उद्यमियों का कहना है कि भीषण गर्मी में शहर में घंटों-घंटों बिजली कटौती बनी रहती है। इसके कारण उन्हें मजबूरन बड़े जनरेटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जनरेटर चलाने के कारण डीजल की भारी खपत हो रही है और दूसरी तरफ डीजल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि ने उनके बजट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। हैरानी की बात यह है कि आईएमटी जैसे नियमित और आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली की भारी किल्लत है, जिससे नाराज उद्यमी अब बिजली विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
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उद्यमियों का कहना है कि लाइट पहले से ही जाती थी, पर तब डीजल के दाम स्थिर थे और भाड़ा भी कम था, पर हर तरफ से उन्हें महंगाई झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ते रहेंगे, तो छोटे उद्योगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
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कच्चे माल के दाम पहले ही बढ़े हुए हैं। अब घंटों बिजली कटने के कारण महंगे डीजल से जनरेटर चलाना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती इन लागतों के कारण बाजार में टिकना मुश्किल हो गया है। सरकार को उद्यमियों के लिए कुछ करना चाहिए।- बीके मिश्रा, उद्यमी, आईएमटी
नियमित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए तो फिर भी सुविधाएं है, पर हमारे पास ना तो बिजली सही आती है और ना तो सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं। ऊपर से अब डीजल के दाम भी बढ़ रहे हैं, ऐसे में जनरेटर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।-विपिन सिंह, उद्यमी