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Faridabad News: ई-टॉयलेट प्रोजेक्ट में लापरवाही पर पूर्व डीजीएम पर कार्रवाई की सिफारिश
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ई-टॉयलेट प्रोजेक्ट में लापरवाही पर पूर्व डीजीएम पर कार्रवाई की सिफारिश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर में स्थापित किए गए ई-टॉयलेट्स की खराब स्थिति और रखरखाव में गंभीर लापरवाही को लेकर अब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एफएससीएल ने हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को पत्र लिखकर तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) अरबिंद कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। यह मामला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में 10 ई-टॉयलेट्स की स्थापना और 5 वर्षों तक उनके संचालन एवं रखरखाव से जुड़ा है। करीब 2.02 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए 18 जुलाई 2017 को समझौता हुआ था और चार महीने में काम पूरा किया जाना था। लेकिन दस्तावेजों के अनुसार, एजेंसी को बिना किसी कंप्लीशन सर्टिफिकेट और सक्षम प्राधिकरण की मंजूरी के ही 09 अक्टूबर 2018 और 09 जनवरी 2019 को संचालन एवं रखरखाव के लिए पत्र जारी कर दिए गए।
फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बताया कि 8 टॉयलेट्स 15 अक्टूबर 2018 से और शेष 2 टॉयलेट्स 15 जनवरी 2019 से शुरू हुए लेकिन एजेंसी द्वारा रखरखाव की प्रक्रिया ठीक से नहीं निभाई गई। इसके बावजूद करीब 1.68 करोड़ रुपये की राशि एजेंसी को भुगतान कर दी गई, जिसमें ब्याज समेत करीब 34.5 लाख रुपये बैंक द्वारा ट्रांसफर किए गए।
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प्रोजेक्ट में गड़बड़ी का मामला कई बार एफएससीएल बोर्ड और एफएमडीए की बैठकों में उठ चुका है। 4 मई 2025 को हुई बैठक में यह विषय फिर से सामने आया, जहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई और संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। एफएससीएल ने बताया कि पूर्व डीजीएम ने एजेंसी के अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया। उनकी लापरवाही के कारण न केवल परियोजना की गुणवत्ता प्रभावित हुई, बल्कि सरकारी धन की भी क्षति हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर में स्थापित किए गए ई-टॉयलेट्स की खराब स्थिति और रखरखाव में गंभीर लापरवाही को लेकर अब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एफएससीएल ने हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को पत्र लिखकर तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) अरबिंद कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। यह मामला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में 10 ई-टॉयलेट्स की स्थापना और 5 वर्षों तक उनके संचालन एवं रखरखाव से जुड़ा है। करीब 2.02 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए 18 जुलाई 2017 को समझौता हुआ था और चार महीने में काम पूरा किया जाना था। लेकिन दस्तावेजों के अनुसार, एजेंसी को बिना किसी कंप्लीशन सर्टिफिकेट और सक्षम प्राधिकरण की मंजूरी के ही 09 अक्टूबर 2018 और 09 जनवरी 2019 को संचालन एवं रखरखाव के लिए पत्र जारी कर दिए गए।
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फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बताया कि 8 टॉयलेट्स 15 अक्टूबर 2018 से और शेष 2 टॉयलेट्स 15 जनवरी 2019 से शुरू हुए लेकिन एजेंसी द्वारा रखरखाव की प्रक्रिया ठीक से नहीं निभाई गई। इसके बावजूद करीब 1.68 करोड़ रुपये की राशि एजेंसी को भुगतान कर दी गई, जिसमें ब्याज समेत करीब 34.5 लाख रुपये बैंक द्वारा ट्रांसफर किए गए।
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प्रोजेक्ट में गड़बड़ी का मामला कई बार एफएससीएल बोर्ड और एफएमडीए की बैठकों में उठ चुका है। 4 मई 2025 को हुई बैठक में यह विषय फिर से सामने आया, जहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई और संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। एफएससीएल ने बताया कि पूर्व डीजीएम ने एजेंसी के अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया। उनकी लापरवाही के कारण न केवल परियोजना की गुणवत्ता प्रभावित हुई, बल्कि सरकारी धन की भी क्षति हुई है।