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Faridabad News: इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तोला जा रहा राशन
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तराजुओं को नई 5जी आधारित पीओएस मशीनों से जोड़ा गया है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अब जिले के सभी राशन डिपो पर इलेक्ट्रॉनिक तराजू से राशन तोला जा रहा है। इन तराजुओं को नई 5जी आधारित पीओएस मशीनों से जोड़ा गया है, जिससे उपभोक्ताओं को मिलने वाले राशन की मात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा। नई व्यवस्था जुलाई माह से लागू कर दी गई है।
जिले में ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी और बल्लभगढ़ जोन में कुल 645 सरकारी राशन डिपो संचालित हैं। इनके माध्यम से करीब 2.5 लाख राशन कार्डधारकों और लगभग 10 लाख लाभार्थी सदस्यों को हम महीने राशन वितरित किया जाता है। राशन वितरण में अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से मई में सभी डिपो संचालकों को नई पीओएस मशीनों को साथ इलेक्ट्रॉनिक तराजू उपलब्ध कराए गए थे।
नई व्यवस्था के तहत गेहूं, चावल और चीनी का जितना वजन इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर दर्ज होगा, उतनी ही मात्रा पीओएस मशीन से निकलने वाली पर्ची में भी दर्ज होगी। इससे राशन की मात्रा में हेराफेरी की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। पहले इस्तेमाल होने वाले सामान्य तराजुओं में डिजिटल रिकॉर्ड नहीं बनता था, जिससे कम तौल की शिकायतें सामने आती थीं।
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार पहले कई लाभार्थी शिकायत करते थे कि उन्हें निर्धारित मात्रा से एक से दो किलो तक कम राशन दिया जाता है। इस तरह कई डिपो संचालक हर महीने कई क्विंटल अनाज गबन कर जाते थे। नई तकनीक के लागू होने से ऐसी शिकायतों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
राशन लेने का बाद पीओएस मशीन से निकलने वाली पर्ची जरूर लें और उसमें दर्ज मात्रा का मिलान करें। अगर किसी डिपो पर कम राशन देने या गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो पर्ची के आधार पर संबंधित डिपो संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-कविता सिंह, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अब जिले के सभी राशन डिपो पर इलेक्ट्रॉनिक तराजू से राशन तोला जा रहा है। इन तराजुओं को नई 5जी आधारित पीओएस मशीनों से जोड़ा गया है, जिससे उपभोक्ताओं को मिलने वाले राशन की मात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा। नई व्यवस्था जुलाई माह से लागू कर दी गई है।
जिले में ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी और बल्लभगढ़ जोन में कुल 645 सरकारी राशन डिपो संचालित हैं। इनके माध्यम से करीब 2.5 लाख राशन कार्डधारकों और लगभग 10 लाख लाभार्थी सदस्यों को हम महीने राशन वितरित किया जाता है। राशन वितरण में अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से मई में सभी डिपो संचालकों को नई पीओएस मशीनों को साथ इलेक्ट्रॉनिक तराजू उपलब्ध कराए गए थे।
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नई व्यवस्था के तहत गेहूं, चावल और चीनी का जितना वजन इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर दर्ज होगा, उतनी ही मात्रा पीओएस मशीन से निकलने वाली पर्ची में भी दर्ज होगी। इससे राशन की मात्रा में हेराफेरी की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। पहले इस्तेमाल होने वाले सामान्य तराजुओं में डिजिटल रिकॉर्ड नहीं बनता था, जिससे कम तौल की शिकायतें सामने आती थीं।
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार पहले कई लाभार्थी शिकायत करते थे कि उन्हें निर्धारित मात्रा से एक से दो किलो तक कम राशन दिया जाता है। इस तरह कई डिपो संचालक हर महीने कई क्विंटल अनाज गबन कर जाते थे। नई तकनीक के लागू होने से ऐसी शिकायतों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
राशन लेने का बाद पीओएस मशीन से निकलने वाली पर्ची जरूर लें और उसमें दर्ज मात्रा का मिलान करें। अगर किसी डिपो पर कम राशन देने या गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो पर्ची के आधार पर संबंधित डिपो संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-कविता सिंह, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक