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Faridabad News: भूजल स्तर को रोकने के लिए बारिश का पानी जमीन के भीतर पहुंचाया जाएगा
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यमुना और बुढ़िया नाले के किनारे की जा रही स्थानों की तलाश, एफएमडीए ने विशेषज्ञ एजेंसी की है नियुक्त
15 वर्षों में भूजल स्तर औसतन 45 से 60 फीट नीचे चला गया
450 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता शहर को प्रतिदिन होती है
280 एमएलडी तक ही सीमित है पानी की आपूर्ति
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर में तेजी से गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने व्यापक कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए एफएमडीए ने एक विशेषज्ञ एजेंसी को नियुक्त किया है जिसने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इस सर्वे में यमुना और बुढ़िया नाले के किनारे ऐसे स्थलों की तलाश की जा रही है जहां बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाया जा सके। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के जलस्तर में सुधार लाना और भविष्य के जल संकट को कम करना है।
जानकारी के अनुसार फिलहाल फरीदाबाद को प्रतिदिन करीब 450 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की आवश्यकता है। जबकि मौजूदा आपूर्ति लगभग 280 एमएलडी तक ही सीमित है। इस कमी को पूरा करने के लिए शहर को प्रतिदिन 170 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। गर्मियों में यह कमी और भी अधिक हो जाती है। कई कॉलोनियों में पानी का दबाव घट जाता है और लोगों को मजबूरन टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में बीते 15 वर्षों में भूजल स्तर औसतन 45 से 60 फीट नीचे चला गया है। जबकि कुछ क्षेत्रों में यह गिरावट 100 से 150 फीट तक दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर यह रफ्तार जारी रही तो आने वाले वर्षों में कई इलाकों में पानी निकालना मुश्किल हो जाएगा।
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सर्वे से बनेगा रिचार्ज जोन
एफएमडीए द्वारा किए जाने वाले सर्वे में शहर के अंदर और बाहरी हिस्सों में करीब 1750 ट्यूबवेल्स की जांच कराई जाएगी। इनमें से लगभग 450 ट्यूबवेल को जल आपूर्ति के लिए और 1300 के करीब स्थानों को रिचार्ज पॉइंट के रूप में चिह्नित किया जाएगा। एजेंसी इन स्थानों की भौगोलिक और भूगर्भीय स्थिति का अध्ययन करेगी, ताकि बरसात का पानी जमीन में समा सके और भूजल स्तर में सुधार हो।
यमुना और बुढ़िया नाले के आसपास बनने वाले ये रिचार्ज जोन वर्षा जल संरक्षण में अहम भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल जलस्तर में सुधार होगा बल्कि मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थितियों में भी पानी का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
शहर के लोगों के लिए यह पहल सीधे राहत की खबर है। इससे न केवल पीने के पानी की आपूर्ति में सुधार होगा बल्कि भूमिगत जल पर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह योजना सफल रहती है तो आने वाले तीन वर्षों में फरीदाबाद के कई इलाकों में भूजल स्तर में 5 से 8 फीट तक सुधार देखने को मिल सकता है।
33 तालाबों का किया जा चुका है जीर्णोद्धार
जानकारी के अनुसार अमृत सरोवर योजना के तहत प्रत्येक जिले में 75 तालाबों का निर्माण या पुनरुद्धार किया जाना है। इस योजना के तहत फरीदाबाद जिले में फरवरी तक 33 तालाबों का पुनरुद्धार किया गया है। इन तालाबों का क्षेत्रफल लगभग 1 एकड़ और जल धारण क्षमता लगभग 10 हजार घन मीटर है।
एफएमडीए भी करवाएगा तालाबों का सौंदर्यीकरण
फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) ने यमुना नदी के किनारे स्थित 50 गांवों में नए तालाबों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। यह पहल जल पुनर्भरण और भूजल स्तर को सुधारने के उद्देश्य से की जा रही है। इससे भी लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
फरीदाबाद की जनसंख्या और औद्योगिक विस्तार के चलते जल की मांग हर साल बढ़ रही है। इसको देखते हुए एफएमडीए बड़े स्तर पर काम कर रहा है। सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। आगे की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। - एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एफएमडीए, अंकित भारद्वाज
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15 वर्षों में भूजल स्तर औसतन 45 से 60 फीट नीचे चला गया
450 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता शहर को प्रतिदिन होती है
280 एमएलडी तक ही सीमित है पानी की आपूर्ति
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर में तेजी से गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने व्यापक कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए एफएमडीए ने एक विशेषज्ञ एजेंसी को नियुक्त किया है जिसने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इस सर्वे में यमुना और बुढ़िया नाले के किनारे ऐसे स्थलों की तलाश की जा रही है जहां बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाया जा सके। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के जलस्तर में सुधार लाना और भविष्य के जल संकट को कम करना है।
जानकारी के अनुसार फिलहाल फरीदाबाद को प्रतिदिन करीब 450 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की आवश्यकता है। जबकि मौजूदा आपूर्ति लगभग 280 एमएलडी तक ही सीमित है। इस कमी को पूरा करने के लिए शहर को प्रतिदिन 170 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। गर्मियों में यह कमी और भी अधिक हो जाती है। कई कॉलोनियों में पानी का दबाव घट जाता है और लोगों को मजबूरन टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में बीते 15 वर्षों में भूजल स्तर औसतन 45 से 60 फीट नीचे चला गया है। जबकि कुछ क्षेत्रों में यह गिरावट 100 से 150 फीट तक दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर यह रफ्तार जारी रही तो आने वाले वर्षों में कई इलाकों में पानी निकालना मुश्किल हो जाएगा।
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सर्वे से बनेगा रिचार्ज जोन
एफएमडीए द्वारा किए जाने वाले सर्वे में शहर के अंदर और बाहरी हिस्सों में करीब 1750 ट्यूबवेल्स की जांच कराई जाएगी। इनमें से लगभग 450 ट्यूबवेल को जल आपूर्ति के लिए और 1300 के करीब स्थानों को रिचार्ज पॉइंट के रूप में चिह्नित किया जाएगा। एजेंसी इन स्थानों की भौगोलिक और भूगर्भीय स्थिति का अध्ययन करेगी, ताकि बरसात का पानी जमीन में समा सके और भूजल स्तर में सुधार हो।
यमुना और बुढ़िया नाले के आसपास बनने वाले ये रिचार्ज जोन वर्षा जल संरक्षण में अहम भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल जलस्तर में सुधार होगा बल्कि मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थितियों में भी पानी का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
शहर के लोगों के लिए यह पहल सीधे राहत की खबर है। इससे न केवल पीने के पानी की आपूर्ति में सुधार होगा बल्कि भूमिगत जल पर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह योजना सफल रहती है तो आने वाले तीन वर्षों में फरीदाबाद के कई इलाकों में भूजल स्तर में 5 से 8 फीट तक सुधार देखने को मिल सकता है।
33 तालाबों का किया जा चुका है जीर्णोद्धार
जानकारी के अनुसार अमृत सरोवर योजना के तहत प्रत्येक जिले में 75 तालाबों का निर्माण या पुनरुद्धार किया जाना है। इस योजना के तहत फरीदाबाद जिले में फरवरी तक 33 तालाबों का पुनरुद्धार किया गया है। इन तालाबों का क्षेत्रफल लगभग 1 एकड़ और जल धारण क्षमता लगभग 10 हजार घन मीटर है।
एफएमडीए भी करवाएगा तालाबों का सौंदर्यीकरण
फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) ने यमुना नदी के किनारे स्थित 50 गांवों में नए तालाबों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। यह पहल जल पुनर्भरण और भूजल स्तर को सुधारने के उद्देश्य से की जा रही है। इससे भी लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
फरीदाबाद की जनसंख्या और औद्योगिक विस्तार के चलते जल की मांग हर साल बढ़ रही है। इसको देखते हुए एफएमडीए बड़े स्तर पर काम कर रहा है। सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। आगे की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। - एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एफएमडीए, अंकित भारद्वाज