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अतिसंवेदनशील मामलों पर त्वरित कार्रवाई की जाए : एडीसी
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चिह्नित आपराधिक मामलों को लेकर हुई समीक्षा बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में बृहस्पतिवार को चिह्नित अपराध संबंधी समीक्षा बैठक की गई। अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने जिले में चिह्नित अपराध के तहत आने वाले एससी-एसटी एक्ट व सुरक्षा समीक्षा मामलों की जांच कर गंभीरता से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिसंवेदनशील मामलों पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
एडीसी सतबीर मान ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चिह्नित अपराध में कोर्ट में जाने से पहले संबंधित मामलों की रिपोर्ट बनाएं। साथ ही ऐसे मामलों पर पुलिस विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में अवगत कराएं। उन्होंने पॉक्सो और एनडीपीएस मामलों की भी समीक्षा की। साथ ही संबंधित मामलों में समन निकलने के बाद भी गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ वारंट निकालने के निर्देश दिए।
एडीसी ने कहा कि पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस कमर्शियल, रेप, मर्डर, एमटीपी, पीसी एक्ट करप्शन मामले चिह्नित अपराध के तहत आते हैं। ऐसे मामलों में गहनता से जांच कर केस अदालत में पेश किए जाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी अपराधी कोर्ट में केस की मजबूती न होने के कारण बचकर नहीं निकलना चाहिए। इस दौरान संबंधित अधिकारियों सहित जिला न्यायवादी व संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में बृहस्पतिवार को चिह्नित अपराध संबंधी समीक्षा बैठक की गई। अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने जिले में चिह्नित अपराध के तहत आने वाले एससी-एसटी एक्ट व सुरक्षा समीक्षा मामलों की जांच कर गंभीरता से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिसंवेदनशील मामलों पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
एडीसी सतबीर मान ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चिह्नित अपराध में कोर्ट में जाने से पहले संबंधित मामलों की रिपोर्ट बनाएं। साथ ही ऐसे मामलों पर पुलिस विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में अवगत कराएं। उन्होंने पॉक्सो और एनडीपीएस मामलों की भी समीक्षा की। साथ ही संबंधित मामलों में समन निकलने के बाद भी गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ वारंट निकालने के निर्देश दिए।
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एडीसी ने कहा कि पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस कमर्शियल, रेप, मर्डर, एमटीपी, पीसी एक्ट करप्शन मामले चिह्नित अपराध के तहत आते हैं। ऐसे मामलों में गहनता से जांच कर केस अदालत में पेश किए जाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी अपराधी कोर्ट में केस की मजबूती न होने के कारण बचकर नहीं निकलना चाहिए। इस दौरान संबंधित अधिकारियों सहित जिला न्यायवादी व संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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