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Faridabad News: यूपी की कठपुतलियों ने दिया सामाजिक भ्रांतियां मिटाने का संदेश

Fri, 19 Jan 2024 11:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jan 2024 11:27 PM IST
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Puppets of UP gave the message of eradicating social misconceptions
फरीदाबाद। विज्ञान महोत्सव में उत्तर प्रदेश (लखनऊ) से कठपुतलियां लेकर पहुंचे नारायण श्रीवास्तव दर्शकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। कागज और मेथी से बनी कठपुतियां अनूठे अंदाज में लोगों को जागरूक कर रही हैं। यह केंद्र सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के साथ-साथ समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर रहे हैं।
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नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि देश में कई जगहों पर अलग-अलग प्रकार की कठपुतलियां बनाई जाती हैं। रूस से उनके गुरु स्व. प्रोफेसर राम निरंजन लाल ये कला सीखकर आए थे। उन्होंने यूपी में इस कठपुतली को बेकार कागज और मेथी का इस्तेमाल करके बनाया। इन कठपुतलियों को दोबारा रिसाइकल किया जा सकता है। इससे पर्यावरण को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है। वहीं इससे कई लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
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20-30 दिनों में तैयार होती है एक कठपुतली

कलाकार दीप प्रकाश और सोनाली मौर्या ने बताया कि एक कठपुतली को तैयार करने में लगभग 20-30 दिन लगते हैं। पहले कागज और मेथी को भिगोकर कठपुतलियों का आकार दिया जाता है, फिर अलग-अलग रंगों और कपड़ों से इनकी साज सज्जा की जाती है। इन कठपुतलियों की सबसे ज्यादा डिमांड है। ज्यादातर नुक्कड़ नाटक करने वाले कलाकार इसे खरीदते हैं। इसकी शुरुआती कीमत 10,000 है, जिसमें 10-12 कठपुतलियां होती हैं।
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अंतिम छोर के व्यक्ति को कर रहे जागरूक

नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि वह केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को देश के कोने-कोने में पहुंचा रहे हैं। आज भी एक वर्ग ऐसा है, जहां बाल विवाह सहित अन्य भ्रांतियां फैली हुई हैं, वह गांव की चौपालों पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त गंभीर बीमारियों और उसके इलाज तथा बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं।


विद्यार्थियों से बातचीत

कठपुतलियों को टीवी पर देखा था, आज सामने देखने को मिला है, यह अविश्वसनीय है। यह अनोखे अंदाज में जागरूक कर रहे हैं।

-कनिका, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हिमाचल प्रदेश।

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विज्ञान महोत्सव में बहुत सी नई चीजें देखने को मिली हैं। उत्तर प्रदेश की कठपुतलियों को देखने का पहली बार मौका मिला। यह अनोखे अंदाज में संदेश दे रही हैं।

-अनुष्का, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हिसार।
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