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Faridabad News: रिश्वत लेते पकड़े गए पीएसआई को मिली जमानत
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वॉयस सैंपल के लिए फोरेंसिक लैब जाना होगा
एसीबी थाने में 21 नवंबर 2024 को दर्ज हुई थी एफआईआर
साइबर क्राइम थाना एनआईटी के पीएसआई अर्जुन को टीम ने मौके से पकड़ा था
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगी के आरोपी को जमानत दिलाने में मदद के नाम पर रिश्वत लेते पकड़े गए पीएसआई (प्रोबेशनर सब-इंस्पेक्टर) अर्जुन सिंह को जिला अदालत से जमानत मिल गई है। अदालत ने जमानत देते हुए ये निर्देश दिए हैं कि उसके वॉयस सैंपल फोरेंसिक लैब में लिए जाने हैं। ऐसे में जब भी जांच अधिकारी उसे वॉयस सैंपल के लिए बुलाएगा तो उसे जाना होगा। अगर वो नहीं जाएगा तो जांच अधिकारी को हक है कि इसकी जमानत रद्द कराने के लिए याचिका दायर कर सकते हैं।
21 नवंबर 2024 की रात को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने साइबर क्राइम थाना एनआईटी के पीएसआई अर्जुन को 12 लाख 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था। जबकि पीएसआई राम वहां से फरार हो गया। आरोपी की कार से पुलिस को 7 लाख 47 हजार रुपये मिले। कुल 19 लाख 97 हजार रुपये एसीबी ने बरामद किए। दिल्ली के रोहिणी निवासी निशिल गर्ग ने मामले में एसीबी को शिकायत दी कि साइबर क्राइम थाना एनआईटी के अर्जुन सिंह और राम उससे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। जिसके बाद टीम ने रेड की और मामले में एफआईआर दर्ज की। फरीदाबाद पुलिस की ओर से दोनों के साथ ही थाने के एसएचओ अमित को भी सस्पेंड किया जा चुका है।
पीएसआई अर्जुन तभी से जेल में बंद था जबकि इंस्पेक्टर अमित व पीएसआई रामसिंह केस में गिरफ्तार नहीं हुए। इंस्पेक्टर अमित को भी 24 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
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एसीबी थाने में 21 नवंबर 2024 को दर्ज हुई थी एफआईआर
साइबर क्राइम थाना एनआईटी के पीएसआई अर्जुन को टीम ने मौके से पकड़ा था
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगी के आरोपी को जमानत दिलाने में मदद के नाम पर रिश्वत लेते पकड़े गए पीएसआई (प्रोबेशनर सब-इंस्पेक्टर) अर्जुन सिंह को जिला अदालत से जमानत मिल गई है। अदालत ने जमानत देते हुए ये निर्देश दिए हैं कि उसके वॉयस सैंपल फोरेंसिक लैब में लिए जाने हैं। ऐसे में जब भी जांच अधिकारी उसे वॉयस सैंपल के लिए बुलाएगा तो उसे जाना होगा। अगर वो नहीं जाएगा तो जांच अधिकारी को हक है कि इसकी जमानत रद्द कराने के लिए याचिका दायर कर सकते हैं।
21 नवंबर 2024 की रात को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने साइबर क्राइम थाना एनआईटी के पीएसआई अर्जुन को 12 लाख 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था। जबकि पीएसआई राम वहां से फरार हो गया। आरोपी की कार से पुलिस को 7 लाख 47 हजार रुपये मिले। कुल 19 लाख 97 हजार रुपये एसीबी ने बरामद किए। दिल्ली के रोहिणी निवासी निशिल गर्ग ने मामले में एसीबी को शिकायत दी कि साइबर क्राइम थाना एनआईटी के अर्जुन सिंह और राम उससे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। जिसके बाद टीम ने रेड की और मामले में एफआईआर दर्ज की। फरीदाबाद पुलिस की ओर से दोनों के साथ ही थाने के एसएचओ अमित को भी सस्पेंड किया जा चुका है।
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पीएसआई अर्जुन तभी से जेल में बंद था जबकि इंस्पेक्टर अमित व पीएसआई रामसिंह केस में गिरफ्तार नहीं हुए। इंस्पेक्टर अमित को भी 24 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
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