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नीमका जेल में सजायाफ्ता कैदी ने लगाई फांसी
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बल्लभगढ़। नीमका जेल में बंद एक सजायाफ्ता कैदी ने रविवार रात बैरक में बने शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह काफी समय से अवसाद में था। वह अपना स्थानांतरण गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल में करवाना चाहता था। इसके लिए उसने जेल अधिकारियों सहित अदालत में भी गुहार लगाई थी।
मूलरूप से नेपाल निवासी संतोष कुमार, यहां गुरुग्राम की कृष्णा नगर का रहने वाला था। लूटपाट के दो मामलों में उसे गुरुग्राम की अदालत से 10-10 साल की सजा हुई थी। इसके अलावा थाना सूरजकुंड स्थित लूटपाट कर हत्या के एक मामले में संतोष को उम्रकैद की सजा हुई थी, जिसके बाद उसे गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल से नीमका जेल में स्थानांतरित किया गया था। जेल प्रबंधन के अनुसार सजा होने के बाद वापस भोंडसी जेल में स्थानांतरित होना चाहता था। उसने इस संबंध में जेल प्रशासन और अदालत में भी याचिका लगाई थी। स्थानांतरण नहीं होने के कारण संतोष काफी परेशान था और अवसादग्रस्त हो गया था।
सोमवार सुबह जेल प्रशासन ने बैरकों में बंद कैदियों को उठाना शुरू किया तो संतोष दिखाई नहीं दिया। पुलिस ने शौचालय में देखा तो वह रोशनदान की ग्रिल से चादर का फंदा लगाकर लटका हुआ था। इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई। मामले की न्यायिक जांच के लिए न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मोहम्मद शागिर जेल पहुंचे। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।
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मूलरूप से नेपाल निवासी संतोष कुमार, यहां गुरुग्राम की कृष्णा नगर का रहने वाला था। लूटपाट के दो मामलों में उसे गुरुग्राम की अदालत से 10-10 साल की सजा हुई थी। इसके अलावा थाना सूरजकुंड स्थित लूटपाट कर हत्या के एक मामले में संतोष को उम्रकैद की सजा हुई थी, जिसके बाद उसे गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल से नीमका जेल में स्थानांतरित किया गया था। जेल प्रबंधन के अनुसार सजा होने के बाद वापस भोंडसी जेल में स्थानांतरित होना चाहता था। उसने इस संबंध में जेल प्रशासन और अदालत में भी याचिका लगाई थी। स्थानांतरण नहीं होने के कारण संतोष काफी परेशान था और अवसादग्रस्त हो गया था।
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सोमवार सुबह जेल प्रशासन ने बैरकों में बंद कैदियों को उठाना शुरू किया तो संतोष दिखाई नहीं दिया। पुलिस ने शौचालय में देखा तो वह रोशनदान की ग्रिल से चादर का फंदा लगाकर लटका हुआ था। इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई। मामले की न्यायिक जांच के लिए न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मोहम्मद शागिर जेल पहुंचे। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।
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