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Faridabad News: मानसून से पहले जलभराव से निपटने की तैयारी, 66 चौराहों की पहचान
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फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून के दौरान सड़कों पर होने वाले जलभराव से राहत दिलाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने शहर के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत ऐसे प्रमुख हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं जहां हर वर्ष बारिश के समय पानी भरने से यातायात और आम जनजीवन प्रभावित होता है।
प्राधिकरण ने मास्टर प्लान की प्रति नगर निगम, एनएचएआइ, एचएसवीपी, लोक निर्माण विभाग और पुलिस सहित संबंधित विभागों को भेज दी है, ताकि सुझाव लेकर इसे अंतिम रूप दिया जा सके। अधिकारियों का लक्ष्य है कि मानसून से पहले जरूरी सुधार कार्य शुरू कर दिए जाएं, जिससे हजारों वाहन चालकों को राहत मिल सके।
मास्टर प्लान में बदरपुर बॉर्डर से सीकरी तक राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर के कई प्रमुख चौराहों को चिन्हित किया गया है। इनमें अजरौंदा, बाटा, वाईएमसीए, गुडईयर और बल्लभगढ़ जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां बारिश के समय अक्सर जलभराव से यातायात प्रभावित होता है। अजरौंदा चौक पर जल निकासी सुधारने के लिए पहले ही करीब 1.16 करोड़ रुपये खर्च कर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
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अधिकारियों के अनुसार शहर के 66 से अधिक चौराहों पर अब तक सुधार कार्य किए गए हैं, जबकि कई अन्य स्थानों पर अभी काम होना बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न विभागों के समन्वय और समय पर रखरखाव से ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून के दौरान सड़कों पर होने वाले जलभराव से राहत दिलाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने शहर के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत ऐसे प्रमुख हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं जहां हर वर्ष बारिश के समय पानी भरने से यातायात और आम जनजीवन प्रभावित होता है।
प्राधिकरण ने मास्टर प्लान की प्रति नगर निगम, एनएचएआइ, एचएसवीपी, लोक निर्माण विभाग और पुलिस सहित संबंधित विभागों को भेज दी है, ताकि सुझाव लेकर इसे अंतिम रूप दिया जा सके। अधिकारियों का लक्ष्य है कि मानसून से पहले जरूरी सुधार कार्य शुरू कर दिए जाएं, जिससे हजारों वाहन चालकों को राहत मिल सके।
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मास्टर प्लान में बदरपुर बॉर्डर से सीकरी तक राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर के कई प्रमुख चौराहों को चिन्हित किया गया है। इनमें अजरौंदा, बाटा, वाईएमसीए, गुडईयर और बल्लभगढ़ जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां बारिश के समय अक्सर जलभराव से यातायात प्रभावित होता है। अजरौंदा चौक पर जल निकासी सुधारने के लिए पहले ही करीब 1.16 करोड़ रुपये खर्च कर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
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अधिकारियों के अनुसार शहर के 66 से अधिक चौराहों पर अब तक सुधार कार्य किए गए हैं, जबकि कई अन्य स्थानों पर अभी काम होना बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न विभागों के समन्वय और समय पर रखरखाव से ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।