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सूरजकुंड मेले में तैयारियां तेज, बनने लगीं हट्स

Sat, 20 Nov 2021 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 10:57 PM IST
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Preparations intensified in Surajkund fair, huts started being built
फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र के सूरजकुंड की वादियों में लगने वाले सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी गई हैं। हट्स नए सिरे से बनाई जा रही हैं। दीवारों पर गोबर और मिट्टी का लेप किया जा रहा है। साथ ही चौपाल की रंगाई-पुताई की जा रही है। फरवरी में लगने वाले इस मेले में पर्यटकों को कश्मीर की कला और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
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साल 2020 में मेला खत्म होने के बाद कोरोना का संकट देश के सामने खड़ा हो गया था। इससे वर्ष 2021 का मेला नहीं लग पाया था। कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने के बाद राज्य सरकार ने सूरजकुंड मेले के आयोजन को पिछले दिनों अधिकारिक मंजूरी प्रदान की थी। इसके साथ ही थीम स्टेट का भी चयन किया गया था। इस बार थीम स्टेट जम्मू एंड कश्मीर होगा। अगले वर्ष 4 से 20 फरवरी तक मेला लगेगा। इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। पार्टनर कंट्री के रूप में ब्रिटेन का चयन हो चुका है। वहीं केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022 में लगने वाले इस मेले में बुलाए जाने वाले देशों की सूची बनाकर उन्हें आमंत्रित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शनिवार को मेला परिसर में बने पुरानी हट्स को तोड़ने के साथ नई हट्स बनाने का काम किया गया। प्रवेश द्वार से लेकर मेला परिसर को रंग बिरंगे रंगों में रंगा जा रहा है। बिजली के लिए नए सिरे से लाइनें बिछाई जा रही है।
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300 करोड़ के नुकसान का अनुमान
मेला अधिकारियों की मानें तो मेले में 10 से 12 लाख दर्शकों की भीड़ जमा होती है। मेला देखने दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा समेत हरियाणा के अन्य जिलों के साथ देश विदेश से लाखों लोग आते हैं। वर्ष 2021 में मेला न लगने से करीब 250 से 300 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। अकेले मेला अथॉरिटी को 30 से 35 करोड़ का नुकसान हुआ है। इस मेले में शिल्पकारों और आम जनता के बीच करीब 200 से 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार होता है।
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कश्मीर को दूसरी बार मिला मौका
मेला प्राधिकरण के नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि जम्मू एंड कश्मीर को दूसरी बार थीम स्टेट बनने का मौका मिला है जबकि यह राज्य धारा 370 हटने के बाद पहली बार थीम स्टेट के रूप में आ रहा है। उन्होंने बताया कि 22 साल बाद कश्मीर को थीम स्टेट बनने का मौका मिला है। इसके पहले वर्ष 2000 में थीम स्टेट बना था।

200 से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई
मेला प्राधिकरण के नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि अब मेला शुरू होने में अब दो माह का समय बचा है इसलिए हट्स बनाने का काम तेजी से शुरू किया गया है। मेले को सजाने संवारने में 200 से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। रंगाई-पुताई के साथ हट्स को नए सिरे से बनाया जा रहा है।
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