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Faridabad News: मेडिकल कॉलेज में शुरू हुए पोस्टमार्टम, विसरा की भी होगी जांच

Sat, 26 Oct 2024 02:29 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Oct 2024 02:29 AM IST
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Post mortems started in the medical college, viscera will also be examined
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हर रोज हो रहे दो पोस्टमार्टम,
बीके अस्पताल व बाहर से आते हैं शव

हेमलता रावत

फरीदाबाद। एनआईटी 3 नंबर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू हो गई है। इस सुविधा के शुरू होने से बीके अस्पताल की मोर्चरी का बोझ कम हो जाएगा। अभी अस्पताल में हर रोज दो शव का पोस्टमार्टम किया जाता है। इसके अलावा अब रोहतक पीजीआई जाने वाले विसरा की भी जांच मेडिकल कॉलेज में ही होगी। जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर पुलिस को दे दी जाएगी।


ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में हर रोज करीब तीन हजार से अधिक मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं। जिसमें से कुछ मरीज की उपचार के दौरान मौत हो जाती है। जिन लोगों की मौत हादसों या किसी अन्य संदिग्ध परिस्थिति में होती थी उन शवों काे पोस्टमार्टम करवाने के लिए पहले बीके अस्पताल भेजा जाता था, लेकिन अब यह सुविधा मेडिकल कॉलेज में ही शुरू हो गई है। जिसके चलते अब परिजनों को कोई परेशानी नहीं होगी। मोर्चरी के इंचार्ज डॉक्टर महेश कुमार ने बताया कि यह सुविधा एक सप्ताह पहले शुरू हुई है। अभी हर रोज एक से दो शवों का पोस्टमार्टम होता है। जिसमें बीमित व्यक्ति के अलावा बाहर के व्यक्ति भी होते हैं।
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बीके अस्पताल को पत्र लिखकर कराया अवगत

डॉ. महेश ने बताया कि उन्होंने बीके अस्पताल को पत्र लिखकर अवगत करवाया है कि उनके यहां पर भी अब पोस्टमार्टम शुरू हो गए हैं। जिसके चलते वह विघटित शरीर और कई जगहों से टूटी हुई हड्डी वाले शव को मेडिकल कॉलेज में रेफर कर सकते हैं। वहीं जिन शवों का पोस्टमार्टम बोर्ड ऑफ डॉक्टर के तहत होना है उसका भी उन्हीं के अस्पताल में होगा। जिसके चलते अब बीके अस्पताल से भी शव भेजे जा रहे हैं।
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अब विसरा जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा रोहतक
विसरा, शरीर के अंदर के कोमल अंगों को कहते हैं। विसरा जांच, किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसके शरीर के कुछ अंगों का सैंपल लेकर उनका रासायनिक परीक्षण करने की प्रक्रिया है। इस जांच से मौत के कारणों का पता चलता है। विसरा जांच के लिए आंत, दिल, किडनी, लिवर जैसे अंगों के सैंपल लिए जाते हैं। विसरा जांच, उन मामलों में कराई जाती है जिनकी पोस्टमार्टम से मौत के कारणों का पता नहीं चल पाता है। पहले जिले से विसरा की जांच करवाने के लिए रोहतक स्थित पीजीआई मेडिकल कॉलेज भेजा जाता था। जिसके चलते परिजनों के साथ पुलिसकर्मी को भी परेशानी होती थी, लेकिन अब यह सुविधा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में भी शुरू हो गई है। अब शव का विसरा रोहतक की बजाए मेडिकल भेजा जा रहा है। जिसकी जांच की रिपोर्ट अस्पताल की ओर से एक सप्ताह के अंदर दे दी जाती है। इसके अलावा अगर कोई स्पेशल केस होता है तो उसके विसरा की जांच की रिपोर्ट दो दिन के अंदर पुलिस को सौंप दी जाएगी।
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