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Haryana: सरकारी अस्पताल में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था, जांच के लिए जमीन पर बैठने को मजबूर गर्भवती महिलाएं
Fri, 10 Jun 2022 09:07 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बल्लभगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, बल्लभगढ़
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 10 Jun 2022 09:07 PM IST
सार
केंद्र पर महिला रोग, दांत रोग, बाल रोग और सामान्य रोग विशेषज्ञ के डॉक्टर बैठते हैं। गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर खून आदि की जांच करवानी पड़ती है। लैब के बाहर महिलाएं लाइन में जमीन पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करती हैं।
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जमीन पर बैठीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बल्लभगढ़ सेक्टर-3 स्थित फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में रोजाना करीब 100 गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। महिला रोग विशेषज्ञ द्वारा गर्भवतियों को खून की जांच के लिए कहा जाता है। महिलाओं को जांच के लिए लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है, लेकिन केंद्र पर बैठने तक की सुविधा नहीं है।
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केंद्र पर महिला रोग, दांत रोग, बाल रोग और सामान्य रोग विशेषज्ञ के डॉक्टर बैठते हैं। गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर खून आदि की जांच करवानी पड़ती है। लैब के बाहर महिलाएं लाइन में जमीन पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करती हैं।
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सेक्टर-3 निवासी रोशनी ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे कार्ड बनवाकर डॉक्टर से उपचार लिया। खून की जांच के लिए लैब भेजा गया, लेकिन लैब के बाहर लंबी लाइन होने की वजह से उन्हें जमीन पर ही बैठना पड़ा। लैब टेक्नीशियन अफसर सुरभि का कहना है कि वह रोज करीब 40 मरीजों की जांच करती है। एक मरीज की जांच करने में 10 मिनट का समय लगता है। सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक जांच करती हूं। इसके बाद जांच रिपोर्ट बनाती हूं।
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खून की जांच करवाने के लिए जमीन पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। - अंजू, बल्लभगढ़
करीब एक घंटे से खून की जांच करवाने के लिए केंद्र के बाहर बैठी हूं, लेकिन अब तक नंबर नहीं आया है। - आशा सेक्टर-3
सरकार द्वारा कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई है। सीएमओ से मांग करेंगे कि स्वास्थ्य केंद्र पर एक और लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की जाएं। - डॉ. मानसिंह, एसएमओ