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Faridabad News: एक वर्ष से सात बेड के सहारे चला रहा पॉली क्लीनिक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। स्वास्थ्य विभाग एक साल से सेक्टर-55 स्थित पॉली क्लीनिक में मात्र सात बिस्तरों के सहारे चला रहा है। सुविधाओं की कमी से यहां ऑपरेशन थियेटर भी शुरू नहीं हुआ। गर्भवतियों को प्रसव के लिए बीके अस्पताल और बल्लभगढ़ एम्स अस्पताल में रेफर किया जाता है। शुरुआती घोषणा में इसे 30 बेड की क्षमता का अस्पताल शुरू होना था।
पॉली क्लीनिक में पहले कौशल विकास विश्वविद्यालय का दफ्तर चलता था। वर्ष 2012 में 30 बिस्तर के अस्पताल को शुरू तो कर दिया गया, लेकिन बेड की संख्या केवल सात ही है। अस्पताल के पूरी तरह से शुरू होने पर संजय कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, संजय कॉलोनी, सेक्टर 55, सेक्टर-25, गौच्छी, जीवन नगर व प्रतापगढ़ इलाकों के एक लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। यहां पर आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के अलावा छोटे ऑपरेशन, प्रसूति व अन्य कोई सुविधा भी नहीं मिल रही है।
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अस्पताल में हर माह 50 से अधिक प्रसव
कर्मचारियों और विशेषज्ञों की कमी से फिलहाल सात बिस्तर का अस्पताल चलाया जा रहा है। इनमें प्रसव की सुविधाएं दी जाती हैं। अस्पताल में हर महीने 50 से अधिक डिलीवरी होती है। ऑपरेशन थियेटर शुरू नहीं होने से गंभीर गर्भवतियों को बल्लभगढ़ और बीके अस्पताल रेफर किया जाता है। अस्पताल में 28 कर्मचारियों की जगह है, लेकिन अब तक सिर्फ 15 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। जिसमें तीन डॉक्टर सामान्य रोग , दंत रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ है। स्त्री रोग विशेषज्ञ सिर्फ ओपीडी सेवाएं और सामान्य प्रसव कराती हैं।
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सेक्टर-55 स्थित पॉली क्लीनिक में आधुनिक एकीकृत प्रयोगशाला बनाने का प्रस्ताव जिला स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश सरकार को भेज दिया है। निदेशालय से लैब की मंजूरी मिल गई है। यहां कैंसर की स्क्रीनिंग के अलावा यूरीन कल्चर, ब्लड कल्चर, विटामिन-डी, थायराइड सहित अन्य विभिन्न तरह की कल्चर की जांच की सुविधा फ्री मिलेगी। अस्पताल में 30 बिस्तरों का अस्पताल क्यों शुरू नहीं हुआ। इसकी जानकारी नहीं है। - डॉ. विनय गुप्ता, सीएमओ
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बल्लभगढ़। स्वास्थ्य विभाग एक साल से सेक्टर-55 स्थित पॉली क्लीनिक में मात्र सात बिस्तरों के सहारे चला रहा है। सुविधाओं की कमी से यहां ऑपरेशन थियेटर भी शुरू नहीं हुआ। गर्भवतियों को प्रसव के लिए बीके अस्पताल और बल्लभगढ़ एम्स अस्पताल में रेफर किया जाता है। शुरुआती घोषणा में इसे 30 बेड की क्षमता का अस्पताल शुरू होना था।
पॉली क्लीनिक में पहले कौशल विकास विश्वविद्यालय का दफ्तर चलता था। वर्ष 2012 में 30 बिस्तर के अस्पताल को शुरू तो कर दिया गया, लेकिन बेड की संख्या केवल सात ही है। अस्पताल के पूरी तरह से शुरू होने पर संजय कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, संजय कॉलोनी, सेक्टर 55, सेक्टर-25, गौच्छी, जीवन नगर व प्रतापगढ़ इलाकों के एक लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। यहां पर आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के अलावा छोटे ऑपरेशन, प्रसूति व अन्य कोई सुविधा भी नहीं मिल रही है।
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अस्पताल में हर माह 50 से अधिक प्रसव
कर्मचारियों और विशेषज्ञों की कमी से फिलहाल सात बिस्तर का अस्पताल चलाया जा रहा है। इनमें प्रसव की सुविधाएं दी जाती हैं। अस्पताल में हर महीने 50 से अधिक डिलीवरी होती है। ऑपरेशन थियेटर शुरू नहीं होने से गंभीर गर्भवतियों को बल्लभगढ़ और बीके अस्पताल रेफर किया जाता है। अस्पताल में 28 कर्मचारियों की जगह है, लेकिन अब तक सिर्फ 15 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। जिसमें तीन डॉक्टर सामान्य रोग , दंत रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ है। स्त्री रोग विशेषज्ञ सिर्फ ओपीडी सेवाएं और सामान्य प्रसव कराती हैं।
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सेक्टर-55 स्थित पॉली क्लीनिक में आधुनिक एकीकृत प्रयोगशाला बनाने का प्रस्ताव जिला स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश सरकार को भेज दिया है। निदेशालय से लैब की मंजूरी मिल गई है। यहां कैंसर की स्क्रीनिंग के अलावा यूरीन कल्चर, ब्लड कल्चर, विटामिन-डी, थायराइड सहित अन्य विभिन्न तरह की कल्चर की जांच की सुविधा फ्री मिलेगी। अस्पताल में 30 बिस्तरों का अस्पताल क्यों शुरू नहीं हुआ। इसकी जानकारी नहीं है। - डॉ. विनय गुप्ता, सीएमओ