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बुजुर्ग के हत्यारोपी को पुलिस दोबारा लेगी रिमांड पर
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फरीदाबाद। चार्मवुड विलेज में रहने वाले बुजुर्ग सरदार गुरुबचन सिंह की हत्या के आरोपी को क्राइम ब्रांच डीएलएफ दोबारा रिमांड पर लेगी। आरोपी को क्राइम ब्रांच ने 17 नवंबर को गिरफ्तार किया था, मगर कोरोना संक्रमित पाए जाने के कारण उसे आइसोलेट करना पड़ा था। इस वजह से आरोपी से पूछताछ नहीं हो पाई थी। रिमांड अवधि पूरी होने के कारण उसे अस्पताल से सीधा जेल भेज दिया था।
चार्मवुड विलेज सूरजकुंड निवासी गुरुबचन सिंह 29 अगस्त को लापता हो गए थे। यहां वे अकेले रहते थे। वे रेलवे से सेवानिवृत्त थे। परिवार में बस एक बहन है, जो पति रविंदर के साथ सुशांत लोक गुरुग्राम में रहती है। रविंदर की शिकायत पर सूरजकुंड थाना पुलिस ने गुरुबचन सिंह की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की थी। जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ के पास पहुंची। क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल कुमार ने जांच शुरू की। टीम को गुरुबचन के नौकर भरत उर्फ मोनू पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ में उसने दिल्ली जैतपुर निवासी राहुल और दीपक के साथ 29 अगस्त को उनका अपहरण कर गला घोंटकर हत्या की बात कबूल कर ली। शव अनूपशहर के पास गंगनहर में ठिकाने लगा दिया था। क्राइम ब्रांच ने तीनों को गिरफ्तार कर अदालत से रिमांड पर लिया। जब उनका मेडिकल कराया गया तो भरत और राहुल कोरोना पॉजिटिव मिले। पुलिस ने उन्हें तुरंत अस्पताल में आइसोलेट करा दिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जेल भेज दिया।
क्राइम ब्रांच उनसे हत्या के संबंध में ज्यादा पूछताछ नहीं कर पाई, न ही साक्ष्य जुटा पाई। गंगनहर से भी गुरुबचन सिंह का शव बरामद नहीं हो पाया। आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पुलिस नए सिरे से पूछताछ करेगी और सबूत जुटाएगी। आरोपी ने गाजियाबाद से गुरुबचन सिंह के प्रापर्टी के फर्जी कागजात भी बनवाए थे, पुलिस उन कागजात की भी बरामदगी करेगी।
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चार्मवुड विलेज सूरजकुंड निवासी गुरुबचन सिंह 29 अगस्त को लापता हो गए थे। यहां वे अकेले रहते थे। वे रेलवे से सेवानिवृत्त थे। परिवार में बस एक बहन है, जो पति रविंदर के साथ सुशांत लोक गुरुग्राम में रहती है। रविंदर की शिकायत पर सूरजकुंड थाना पुलिस ने गुरुबचन सिंह की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की थी। जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ के पास पहुंची। क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल कुमार ने जांच शुरू की। टीम को गुरुबचन के नौकर भरत उर्फ मोनू पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ में उसने दिल्ली जैतपुर निवासी राहुल और दीपक के साथ 29 अगस्त को उनका अपहरण कर गला घोंटकर हत्या की बात कबूल कर ली। शव अनूपशहर के पास गंगनहर में ठिकाने लगा दिया था। क्राइम ब्रांच ने तीनों को गिरफ्तार कर अदालत से रिमांड पर लिया। जब उनका मेडिकल कराया गया तो भरत और राहुल कोरोना पॉजिटिव मिले। पुलिस ने उन्हें तुरंत अस्पताल में आइसोलेट करा दिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जेल भेज दिया।
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क्राइम ब्रांच उनसे हत्या के संबंध में ज्यादा पूछताछ नहीं कर पाई, न ही साक्ष्य जुटा पाई। गंगनहर से भी गुरुबचन सिंह का शव बरामद नहीं हो पाया। आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पुलिस नए सिरे से पूछताछ करेगी और सबूत जुटाएगी। आरोपी ने गाजियाबाद से गुरुबचन सिंह के प्रापर्टी के फर्जी कागजात भी बनवाए थे, पुलिस उन कागजात की भी बरामदगी करेगी।
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