{"_id":"5d8ba2368ebc3e01711f72ea","slug":"plaster-of-ceiling-in-bk-hospital-fall-down-faridabad-news-noi463573652","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीके अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष की छत से गिरा प्लास्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीके अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष की छत से गिरा प्लास्टर
विज्ञापन
फरीदाबाद बीके सिविल अस्पताल आपातकालीन कक्ष में गिरी सिलिंग ।
- फोटो : Faridabad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीके अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष की छत से गिरा प्लास्टर
फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इमरजेंसी केंद्र की छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। इससे छत पर लगी सीलिंग भी फट गई। हादसे के दौरान वहां कोई स्टाफ या मरीज मौजूद नहीं था। वहीं दो दिन पहले हुए इस हादसे से अस्पताल प्रबंधन ने कोई सबक नहीं लिया। बिना छत की मरम्मत कराए बुधवार को भी इसी केंद्र में मरीजों को देखा जा रहा था।
अस्पताल स्टाफ ने बताया कि हादसा सोमवार देर शाम का है। इस दौरान मरीजों की संख्या कम थी। ऐसे में इमरजेंसी कक्ष खाली था। स्टाफ नर्स अपने कक्ष में थी। अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज आई। स्टाफ सहित मरीज भी बाहर निकल आए। देखा तो छत की सीलिंग टूट कर नीचे आ पड़ी थी। हादसे के दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई इंतजाम नहीं किया गया। मामले में अस्पताल प्रबंधन इतना लापरवाह दिखा कि दुर्घटना में घायल मरीजों का इलाज इस जगह पर बिना रोक टोक किया जा रहा है।
वर्जन
मामले की जानकारी है। निर्माण केंद्र को लिखा जा चुका है। पत्र में मामले की गंभीरता का भी विवरण दिया गया है। चूंकि यह मरम्मत कार्य वेंडर से कराया जाएगा। ऐसे में डीपीआर रेट के आधार पर ही काम कराया जाएगा।
विज्ञापन
डॉ. धीमन, प्रबंधक प्रतिनिधि
विज्ञापन
फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इमरजेंसी केंद्र की छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। इससे छत पर लगी सीलिंग भी फट गई। हादसे के दौरान वहां कोई स्टाफ या मरीज मौजूद नहीं था। वहीं दो दिन पहले हुए इस हादसे से अस्पताल प्रबंधन ने कोई सबक नहीं लिया। बिना छत की मरम्मत कराए बुधवार को भी इसी केंद्र में मरीजों को देखा जा रहा था।
अस्पताल स्टाफ ने बताया कि हादसा सोमवार देर शाम का है। इस दौरान मरीजों की संख्या कम थी। ऐसे में इमरजेंसी कक्ष खाली था। स्टाफ नर्स अपने कक्ष में थी। अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज आई। स्टाफ सहित मरीज भी बाहर निकल आए। देखा तो छत की सीलिंग टूट कर नीचे आ पड़ी थी। हादसे के दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई इंतजाम नहीं किया गया। मामले में अस्पताल प्रबंधन इतना लापरवाह दिखा कि दुर्घटना में घायल मरीजों का इलाज इस जगह पर बिना रोक टोक किया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
मामले की जानकारी है। निर्माण केंद्र को लिखा जा चुका है। पत्र में मामले की गंभीरता का भी विवरण दिया गया है। चूंकि यह मरम्मत कार्य वेंडर से कराया जाएगा। ऐसे में डीपीआर रेट के आधार पर ही काम कराया जाएगा।
विज्ञापन
डॉ. धीमन, प्रबंधक प्रतिनिधि