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Faridabad News: बारिश में जलभराव और जाम से परेशान हुए लोग
Wed, 27 Aug 2025 11:05 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Wed, 27 Aug 2025 11:05 PM IST
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मुख्य मार्गों के साथ शहर के अंदर की सड़कों व गलियों में भरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और करीब साढ़े 10 बजे अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तीन घंटे तक लगातार हुई । बारिश ने जहां लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत दी वहीं शहर की सड़कें पानी-पानी हो गईं। जगह-जगह जलभराव और जाम की स्थिति के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश से मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक जलभराव की समस्या देखने को मिली। कई इलाकों में एक से दो फीट तक पानी भर गया। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों को हुई।
मुख्य मार्गों पर ठप रहा यातायात
बारिश के चलते शहर के प्रमुख मार्ग जैसे बड़खल रोड, एनआईटी, बल्लभगढ़ चौराहा, बाईपास रोड और ओल्ड फरीदाबाद से होकर गुजरने वाले रास्तों पर यातायात पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। जगह-जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जलभराव के कारण कई वाहन बीच सड़क पर ही खराब हो गए, जिससे जाम और बढ़ गया। सुबह ऑफिस टाइम पर सैकड़ों लोग घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे।
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कॉलोनियों और सेक्टरों में हाल बेहाल
बारिश का असर केवल मुख्य सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि कॉलोनियों और अंदरूनी गलियों में भी पानी भर गया। एनआईटी क्षेत्र, सेक्टर-22, सेक्टर-15, 16, बल्लभगढ़ और सेक्टर-29 जैसे इलाकों में घरों के बाहर तक पानी जमा हो गया। कई जगहों पर लोग अपने घरों से बाहर तक नहीं निकल पा रहे थे। दुकानदारों ने बताया कि बारिश का पानी दुकानों के अंदर घुसने से उनका सामान भी खराब हो गया।
निगम की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
हर बार की तरह इस बार भी बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। बारिश से पहले नाले-नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था का दावा करने वाले अधिकारी पूरी तरह विफल नजर आए। कई स्थानों पर नाले बंद पड़े रहे, जिसकी वजह से पानी सड़कों पर ही ठहर गया। स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाया कि अगर कुछ घंटों की बारिश में ही हालात ऐसे हो जाते हैं, तो मानसून के बाकी दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि मानसून से पहले से सफाई अभियान चल रहा है। जिन स्थानों पर नालों की सफाई से जलभराव कम हो सकता है वहां सफाई करवाई जा रही है। जहां ढांचागत समस्या है वहां पर कुछ दिनों में स्थाई समाधान पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और करीब साढ़े 10 बजे अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तीन घंटे तक लगातार हुई । बारिश ने जहां लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत दी वहीं शहर की सड़कें पानी-पानी हो गईं। जगह-जगह जलभराव और जाम की स्थिति के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश से मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक जलभराव की समस्या देखने को मिली। कई इलाकों में एक से दो फीट तक पानी भर गया। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों को हुई।
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मुख्य मार्गों पर ठप रहा यातायात
बारिश के चलते शहर के प्रमुख मार्ग जैसे बड़खल रोड, एनआईटी, बल्लभगढ़ चौराहा, बाईपास रोड और ओल्ड फरीदाबाद से होकर गुजरने वाले रास्तों पर यातायात पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। जगह-जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जलभराव के कारण कई वाहन बीच सड़क पर ही खराब हो गए, जिससे जाम और बढ़ गया। सुबह ऑफिस टाइम पर सैकड़ों लोग घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे।
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कॉलोनियों और सेक्टरों में हाल बेहाल
बारिश का असर केवल मुख्य सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि कॉलोनियों और अंदरूनी गलियों में भी पानी भर गया। एनआईटी क्षेत्र, सेक्टर-22, सेक्टर-15, 16, बल्लभगढ़ और सेक्टर-29 जैसे इलाकों में घरों के बाहर तक पानी जमा हो गया। कई जगहों पर लोग अपने घरों से बाहर तक नहीं निकल पा रहे थे। दुकानदारों ने बताया कि बारिश का पानी दुकानों के अंदर घुसने से उनका सामान भी खराब हो गया।
निगम की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
हर बार की तरह इस बार भी बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। बारिश से पहले नाले-नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था का दावा करने वाले अधिकारी पूरी तरह विफल नजर आए। कई स्थानों पर नाले बंद पड़े रहे, जिसकी वजह से पानी सड़कों पर ही ठहर गया। स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाया कि अगर कुछ घंटों की बारिश में ही हालात ऐसे हो जाते हैं, तो मानसून के बाकी दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि मानसून से पहले से सफाई अभियान चल रहा है। जिन स्थानों पर नालों की सफाई से जलभराव कम हो सकता है वहां सफाई करवाई जा रही है। जहां ढांचागत समस्या है वहां पर कुछ दिनों में स्थाई समाधान पर काम शुरू कर दिया जाएगा।