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Faridabad News: गुर्जर महोत्सव में दूर-दूर से पहुंचे लोग, पारंपरिक संस्कृति की दिखी झलक
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पारंपरिक वेशभूषा में सजी गुर्जरियों ने हरियाणवी लोकगीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेला परिसर में आयोजित गुर्जर महोत्सव में दूर-दूर से पहुंचे पर्यटकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन का भरपूर लुत्फ उठाया। महोत्सव में पारंपरिक संस्कृति, लोककला और खानपान की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
महोत्सव के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी गुर्जरियों ने हरियाणवी लोकगीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। उनके नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया और तालियों की गूंज से पूरा परिसर गूंज उठा। नृत्य के माध्यम से गुर्जर समाज की सांस्कृतिक विरासत और लोककला को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा। देसी पकवानों की खुशबू और स्वाद ने पर्यटकों को खूब आकर्षित किया। चौपाल पर बैठकर पर्यटकों ने लोकनृत्य का आनंद लिया और ग्रामीण परिवेश का अनुभव किया। आयोजन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे महोत्सव समाज की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेला परिसर में आयोजित गुर्जर महोत्सव में दूर-दूर से पहुंचे पर्यटकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन का भरपूर लुत्फ उठाया। महोत्सव में पारंपरिक संस्कृति, लोककला और खानपान की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
महोत्सव के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी गुर्जरियों ने हरियाणवी लोकगीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। उनके नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया और तालियों की गूंज से पूरा परिसर गूंज उठा। नृत्य के माध्यम से गुर्जर समाज की सांस्कृतिक विरासत और लोककला को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
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महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा। देसी पकवानों की खुशबू और स्वाद ने पर्यटकों को खूब आकर्षित किया। चौपाल पर बैठकर पर्यटकों ने लोकनृत्य का आनंद लिया और ग्रामीण परिवेश का अनुभव किया। आयोजन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे महोत्सव समाज की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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