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सरकारी अस्पताल में सिलिंडर लेकर इलाज के लिए पहुंचे लोग
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फरीदाबाद। कोरोना महामारी के कारण हालात इतने बदतर हो रहे हैं कि लोगों को अस्पताल में इलाज के लिए अब दवाओं के साथ ऑक्सीजन सिलिंडर का भी इंतजाम करना पड़ रहा है। रविवार को बीके सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे कई मरीजों को इस दर्द से गुजरना पड़ा। कई मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटा दिया गया तो कई रेफर कर दिए गए। वहीं, भर्ती मरीजों को इमरजेंसी में इलाज के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर पहुंचना पड़ा। इस बीच दो मरीजों की मौत हो गई। यह कहना मुश्किल है कि मरीजों के दम तोड़ने का कारण गंभीर बीमारी रही या हावी हो रही अव्यवस्था। उधर, अस्पताल प्रबंधन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी रणदीप सिंह पुनिया का कहना है कि इलाज के लिए ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जा रही। किसी मरीज को परेशानी नहीं होने दी जा रही।
रविवार को बीके सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में उपचाराधीन मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत झेलनी पड़ी। इमरजेंसी से मरीजों को लगातार रेफर किया गया। वहीं एंबुलेंस में लाइफ सपोर्ट सिस्टम के तौर पर रखे गए सिलिंडर को उतारकर मरीजों को ऑक्सीजन दी गई। इस दौरान कई मरीज वेंटिलेटर की तलाश में सिविल अस्पताल पहुंचे।
कई मरीजों को दूसरी बीमारी से जूझना पड़ा। परिजन मरीजों को लेकर परेशान इधर उधर भटकते रहे। कई मरीज अस्पताल की इमरजेंसी में ही अपनों के जाने की खबर सुन टूट गए। इस दौरान कई निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की किल्लत की सूचना मिली। हालांकि जिला प्रशासन ने समय रहते उपलब्ध करा दी।
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एंबुलेंस के लिए भी भटके मरीज
कई मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिलने पर वह अपनी मरीज को ऑटो रिक्शा और स्कूटी से ले जाने को मजबूर दिखे। कई मरीज अपने तीमारदारों के कंधों पर लदकर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल की ओर जाते दिखे। मरीजों की हालत देख स्वास्थ्य सेवाओं पर नियंत्रण बेकाबू नजर आया। एक ओर जान बचाने के लिए लोग अस्पताल पहुंच रहे थे तो दूसरी ओर इलाज न मिलने पर यही मरीज बेबस लौट रहे थे। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बेबसी में कई बेहाल दिखे तो कई को सरकारी अस्पताल से भी मायूसी हाथ लगी।
ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। आइसोलेशन वार्ड और छह वेंटिलेटर के लिए प्रतिदिन साढ़े तीन हजार से चार हजार लीटर ऑक्सीजन की खपत हो रही है। हर मिनट इसकी निगरानी की जा रही है। परेशानी होते ही प्रबंधन की मदद से इंतजाम कर लिया जाता है।
- डॉ. राजेश धीमन, प्रशासनिक सहयोगी, बीके सिविल अस्पताल
मेट्रो अस्पताल ने ट्वीट कर मांगी मदद
ऑक्सीजन की कमी केवल नागरिक अस्पताल में नहीं बल्कि मेट्रो अस्पताल प्रबंधन भी ऑक्सीजन की कमी को लेकर परेशान रहा। रविवार दोपहर 1:27 बजे मेट्रो अस्पताल के ट्विटर हैंडल मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स से एक ट्वीट किया गया, इसमें बताया गया कि केवल दो से तीन घंटे की ऑक्सीजन उपलब्ध है और 200 से अधिक मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। यदि ऑक्सीजन समाप्त होती है, मरीजों की पहचान करना मुश्किल हो जाएगा। ट्वीट के माध्यम से उपायुक्त, मुख्यमंत्री हरियाणा और सीपी फरीदाबाद को ट्वीट किया गया है।
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रविवार को बीके सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में उपचाराधीन मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत झेलनी पड़ी। इमरजेंसी से मरीजों को लगातार रेफर किया गया। वहीं एंबुलेंस में लाइफ सपोर्ट सिस्टम के तौर पर रखे गए सिलिंडर को उतारकर मरीजों को ऑक्सीजन दी गई। इस दौरान कई मरीज वेंटिलेटर की तलाश में सिविल अस्पताल पहुंचे।
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कई मरीजों को दूसरी बीमारी से जूझना पड़ा। परिजन मरीजों को लेकर परेशान इधर उधर भटकते रहे। कई मरीज अस्पताल की इमरजेंसी में ही अपनों के जाने की खबर सुन टूट गए। इस दौरान कई निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की किल्लत की सूचना मिली। हालांकि जिला प्रशासन ने समय रहते उपलब्ध करा दी।
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एंबुलेंस के लिए भी भटके मरीज
कई मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिलने पर वह अपनी मरीज को ऑटो रिक्शा और स्कूटी से ले जाने को मजबूर दिखे। कई मरीज अपने तीमारदारों के कंधों पर लदकर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल की ओर जाते दिखे। मरीजों की हालत देख स्वास्थ्य सेवाओं पर नियंत्रण बेकाबू नजर आया। एक ओर जान बचाने के लिए लोग अस्पताल पहुंच रहे थे तो दूसरी ओर इलाज न मिलने पर यही मरीज बेबस लौट रहे थे। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बेबसी में कई बेहाल दिखे तो कई को सरकारी अस्पताल से भी मायूसी हाथ लगी।
ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। आइसोलेशन वार्ड और छह वेंटिलेटर के लिए प्रतिदिन साढ़े तीन हजार से चार हजार लीटर ऑक्सीजन की खपत हो रही है। हर मिनट इसकी निगरानी की जा रही है। परेशानी होते ही प्रबंधन की मदद से इंतजाम कर लिया जाता है।
- डॉ. राजेश धीमन, प्रशासनिक सहयोगी, बीके सिविल अस्पताल
मेट्रो अस्पताल ने ट्वीट कर मांगी मदद
ऑक्सीजन की कमी केवल नागरिक अस्पताल में नहीं बल्कि मेट्रो अस्पताल प्रबंधन भी ऑक्सीजन की कमी को लेकर परेशान रहा। रविवार दोपहर 1:27 बजे मेट्रो अस्पताल के ट्विटर हैंडल मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स से एक ट्वीट किया गया, इसमें बताया गया कि केवल दो से तीन घंटे की ऑक्सीजन उपलब्ध है और 200 से अधिक मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। यदि ऑक्सीजन समाप्त होती है, मरीजों की पहचान करना मुश्किल हो जाएगा। ट्वीट के माध्यम से उपायुक्त, मुख्यमंत्री हरियाणा और सीपी फरीदाबाद को ट्वीट किया गया है।