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फॉगिंग की व्यवस्था खुद ही कर रहे लोग
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फरीदाबाद। डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों ने लोगों में डर बिठा दिया है। सेक्टर व कॉलोनियों के लोग अब खुद अपने क्षेत्र में फॉगिंग की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। ऐसे में उन्हें नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग से मांग के अनुरूप दवाई नहीं मिल रही है। लिहाजा वह बाजार से इसे खरीदने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम समुचित तरीके से फॉगिंग नहीं करा रहे हैं इसलिए अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए वह जिम्मेदारी खुद उठा रहे हैं। इसके लिए अपने पैसों से फॉगिंग मशीन खरीदी है। लोगों का यह भी आरोप है कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मांग के बावजूद फॉगिंग की दवाई नहीं मिल रही, ऐसे में वह बाजार से इसे मोटी रकम पर खरीद रहे हैं।
ओल्ड फरीदाबाद स्थित कृषि संबंधित सामानों के एक कारोबारी ने बताया कि बीते पांच से सात दिनों के अंदर लोगों में फॉगिंग की दवाई यानी डेल्टामैथीन की मांग बढ़ गई है। रोजाना काफी संख्या में लोग इसे खरीदने के लिए दुकान पर आ रहे हैं और वह दो से तीन लीटर एक बार में खरीदकर ले जा रहे हैं। कारोबारी के अनुसार मौजूदा समय में एक लीटर डेल्टामैथीन की कीमत एक हजार रुपये है। इसके अलावा मच्छर मारने में उपयोगी अन्य दवाईयों की मांग भी बढ़ रही है।
नगर निगम के पास भी दवाई की है कमी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में नगर निगम के पास भी फॉगिंग की दवाई की कमी है। इसका प्रभाव शहर में किए जा रहे फॉगिंग अभियान पर भी पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि दवाई के अभाव में अधिकांश क्षेत्रों में फॉगिंग करने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा आरडब्ल्यूए व सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा नगर निगम से दवाई की मांग की जा रही है तो उन्हें बाजार से इसे खरीदने की सलाह दी जा रही है। इससे लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है। हालांकि निगम के पास दवाई की कमी को स्वास्थ्य विभाग नकार रहा है, विभागीय अधिकारी का कहना है कि समय-समय पर निगम को मांग के अनुसार दवाई दी जा रही है।
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10 लीटर डीजल में एक एम.एल होता है मिलाना
कृषि संबंधित सामानों के एक कारोबारी ने बताया कि एक एम.एल डेल्टामैथीन को 10 लीटर डीजल में मिलकर फॉगिंग की जानी चाहिए। इससे खतरनाक मच्छर मर जाएंगे और लोग सुरक्षित रह सकेंगे।
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के पास दवाई की कमी नहीं है। दोनों विभागों द्वारा जिले में निरंतर फॉगिंग कराई जा रही है और डेंगू के बढ़ते मामलों पर काबू पाने की कोशिश हो रही है।
- डॉ. रामभगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग
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ओल्ड फरीदाबाद स्थित कृषि संबंधित सामानों के एक कारोबारी ने बताया कि बीते पांच से सात दिनों के अंदर लोगों में फॉगिंग की दवाई यानी डेल्टामैथीन की मांग बढ़ गई है। रोजाना काफी संख्या में लोग इसे खरीदने के लिए दुकान पर आ रहे हैं और वह दो से तीन लीटर एक बार में खरीदकर ले जा रहे हैं। कारोबारी के अनुसार मौजूदा समय में एक लीटर डेल्टामैथीन की कीमत एक हजार रुपये है। इसके अलावा मच्छर मारने में उपयोगी अन्य दवाईयों की मांग भी बढ़ रही है।
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नगर निगम के पास भी दवाई की है कमी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में नगर निगम के पास भी फॉगिंग की दवाई की कमी है। इसका प्रभाव शहर में किए जा रहे फॉगिंग अभियान पर भी पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि दवाई के अभाव में अधिकांश क्षेत्रों में फॉगिंग करने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा आरडब्ल्यूए व सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा नगर निगम से दवाई की मांग की जा रही है तो उन्हें बाजार से इसे खरीदने की सलाह दी जा रही है। इससे लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है। हालांकि निगम के पास दवाई की कमी को स्वास्थ्य विभाग नकार रहा है, विभागीय अधिकारी का कहना है कि समय-समय पर निगम को मांग के अनुसार दवाई दी जा रही है।
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10 लीटर डीजल में एक एम.एल होता है मिलाना
कृषि संबंधित सामानों के एक कारोबारी ने बताया कि एक एम.एल डेल्टामैथीन को 10 लीटर डीजल में मिलकर फॉगिंग की जानी चाहिए। इससे खतरनाक मच्छर मर जाएंगे और लोग सुरक्षित रह सकेंगे।
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के पास दवाई की कमी नहीं है। दोनों विभागों द्वारा जिले में निरंतर फॉगिंग कराई जा रही है और डेंगू के बढ़ते मामलों पर काबू पाने की कोशिश हो रही है।
- डॉ. रामभगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग