{"_id":"68c998d21943218af400b9ae","slug":"patients-with-fever-cough-cold-and-sore-throat-increased-in-the-hospital-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-51500-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: अस्पताल में बढ़े बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: अस्पताल में बढ़े बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द के मरीज
Tue, 16 Sep 2025 10:35 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Tue, 16 Sep 2025 10:35 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में डायरिया, बुखार, पेट दर्द और खांसी जुकाम वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब दस डेंगू और मलेरिया व करीब 15 मरीजों की टाइफाइड जांच की जा रही है। शहर में इस वर्ष अब तक मलेरिया के 13 और डेंगू के 16 मामले आ चुके हैं।
अगस्त माह में लगभग 150 बुखार के मरीजों की जांच की गई थी, जिसमें टाइफाइड के मामले शून्य हैं। सितंबर माह में भी अभी तक टाइफाइड का आंकड़ा शून्य है। प्रतिदिन मरीजों की जांच लैब में की जा रही है। बीके अस्पताल में रोजाना करीब 200 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर मरीज बच्चे और बुजुर्ग हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसमी उतार-चढ़ाव, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और बढ़ता प्रदूषण लोगों की बीमारी की प्रमुख वजह बन रहा है। साथ ही, दूषित पानी और साफ-सफाई की कमी भी इन रोगों को बढ़ावा दे रही है।
सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि लोगों को बाहर के खाने से बचने, साफ पानी पीने और व्यक्तिगत साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। डॉक्टरों ने लोगों को अपना खास ख्याल रखने की सलाह दी है। शरीर को हाइड्रेट रखें और अगर बुखार या पेट दर्द के लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। जिले में डायरिया, बुखार, पेट दर्द और खांसी जुकाम वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब दस डेंगू और मलेरिया व करीब 15 मरीजों की टाइफाइड जांच की जा रही है। शहर में इस वर्ष अब तक मलेरिया के 13 और डेंगू के 16 मामले आ चुके हैं।
अगस्त माह में लगभग 150 बुखार के मरीजों की जांच की गई थी, जिसमें टाइफाइड के मामले शून्य हैं। सितंबर माह में भी अभी तक टाइफाइड का आंकड़ा शून्य है। प्रतिदिन मरीजों की जांच लैब में की जा रही है। बीके अस्पताल में रोजाना करीब 200 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर मरीज बच्चे और बुजुर्ग हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसमी उतार-चढ़ाव, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और बढ़ता प्रदूषण लोगों की बीमारी की प्रमुख वजह बन रहा है। साथ ही, दूषित पानी और साफ-सफाई की कमी भी इन रोगों को बढ़ावा दे रही है।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि लोगों को बाहर के खाने से बचने, साफ पानी पीने और व्यक्तिगत साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। डॉक्टरों ने लोगों को अपना खास ख्याल रखने की सलाह दी है। शरीर को हाइड्रेट रखें और अगर बुखार या पेट दर्द के लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विज्ञापन