{"_id":"614232c78ebc3e0b145b2638","slug":"patients-taking-two-hours-to-reach-the-doctor-faridabad-news-noi604803833","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों को डॉक्टर तक पहुंचने में लग रहे दो घंटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों को डॉक्टर तक पहुंचने में लग रहे दो घंटे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद। बदलते मौसम के साथ वायरल बुखार, डेंगू-मलेरिया, डायरिया व सांस लेने की समस्या से पीड़ित तेजी से बढ़े हैं। इस माह के आंकड़े सहित अस्पताल के हालात इसकी पुष्टि भी करते हैं। इमरजेंसी में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार सुबह-दोपहर-शाम की किसी शिफ्ट में समय पर खाना खाने तक का समय नहीं है। मरीजों की तादाद इतनी है कि हर मिनट काम बढ़ रहा है। इसमें सर्वाधिक वायरल बुखार, सांस रोगी व डायरिया पीड़ित हैं। बुधवार को अमर उजाला संवाददाता ने नागरिक अस्पताल के हालातों का जायजा लिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज के लिए इंतजार करते दिखे।
एक मरीज को डॉक्टर तक पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लग रहा है। बुधवार को दस वर्षीय बच्ची राधिका को लेकर उसकी मौसी व बहन बीके नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंची। सुबह पौने सात बजे ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिजन गायत्री ने बताया कि इमरजेंसी में कहा गया कि यह ओपीडी का मामला है। ऐसे में ओपीडी पंजीकरण शुरू होने का इंतजार किया। सुबह 8:23 पर कार्ड बना और 8:39 पर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने उसे तुरंत इमरजेंसी में भर्ती किया। वहीं, आंख की ओपीडी, महिला रोग विशेषज्ञ सहित सामान्य रोग विशेषज्ञ तक एक मरीज को पहुंचने में दो से तीन घंटे का समय लगा।
इमरजेंसी में बेहोशी के हालात में पहुंच रहे मरीज
अस्पताल में न सिर्फ मरीजों की तादाद बड़ी है बल्कि उनके हालात भी नाजुक हैं। बुधवार को अस्पताल इमरजेंसी में भर्ती डायरिया पीड़ित बुजुर्ग, बच्चे व नौजवान इस हालत में भी नहीं थे कि वह अपना नाम बता सकें। एक-एक मरीज के साथ दो तीमारदार मौजूद हैं। इमरजेंसी कक्ष में मरीजों को परामर्श दे रहे डॉ. प्रदीप दोपहर करीब पौने एक बजे अपने कक्ष में मरीज देख रहे थे। इसी बीच सेक्टर-23 संजय कॉलोनी निवासी रोशनी (25) को बेहोशी की हालत में लेकर परिजन डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर देखते ही समय गए कि यह डायरिया गंभीर मरीज है। डॉ. प्रदीप ने बताया कि मरीज समय से अस्पताल नहीं पहुंच रहे। ऐसे में हालात ज्यादा खतरनाक हो रहे हैँ। कई लोग डायरिया और वायरल पीड़ित होने के तीसरे व चौथे दिन अस्पताल आ रहे हैं। यह चिंता जनक स्थिति है। डॉ. प्रदीप के अनुसार बदलता मौसम, लोगों का लापरवाही और स्वच्छ पेयजल के अभाव में बीमारी बढ़ी है।
विज्ञापन
सामान्य रोग विशेषज्ञ एक दिन में देख रहे 500 मरीज
बीके नागरिक अस्पताल में सामान्य रोग विशेषज्ञ के दो कक्ष हैं। इनमें औसतन एक दिन में करीब 500 मरीज परामर्श को आ रहे हैं। कक्ष नंबर 6 में डॉ. योगेश गुप्ता अपने सहायकों संग मरीजों का उपचार करने में जुटे रहे हैं। दोपहर 12-30 बजे तक डॉ. गुप्ता 150 मरीजों की जांच कर चुके थे। इसी तरह कक्ष नंबर 8 में डॉ. मोहित अग्रवाल भी सहायक संग मरीजों की जांच में जुटे रहे। एक कक्ष में दो डॉक्टर होने के बावजूद ओपीडी कक्ष में दोपहर दो बजे तक भी मरीजों की भारी भीड़ रही।
मरीजों की संख्या
माह ओपीडी वार्ड में भर्ती इमरजेंसी भर्ती
जनवरी 33152 1719 63
फरवरी 40536 1699 70
मार्च 46071 1786 166
अप्रैल 35284 1320 174
मई 16118 879 216
जून 36796 1125 125
जुलाई 24982 1419 138
अगस्त 31363 1734 191
वर्जन-
मरीजों की तादाद बढ़ी है। इसको ध्यान में रखते हुए दो कक्ष में चार डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे हैं। इसमें दो विशेषज्ञ व दो सहायक हैं। इमरजेंसी में भी नर्सिंग व इमरजेंसी डॉक्टर को मरीजों के तुरंत उपचार के निर्देश हैं। जरूरत पड़ने पर किसी भी फौरी व्यवस्था के लिए प्रबंधन तैयार है। - डॉ. सविता यादव, पीएमओ, बीके नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
एक मरीज को डॉक्टर तक पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लग रहा है। बुधवार को दस वर्षीय बच्ची राधिका को लेकर उसकी मौसी व बहन बीके नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंची। सुबह पौने सात बजे ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिजन गायत्री ने बताया कि इमरजेंसी में कहा गया कि यह ओपीडी का मामला है। ऐसे में ओपीडी पंजीकरण शुरू होने का इंतजार किया। सुबह 8:23 पर कार्ड बना और 8:39 पर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने उसे तुरंत इमरजेंसी में भर्ती किया। वहीं, आंख की ओपीडी, महिला रोग विशेषज्ञ सहित सामान्य रोग विशेषज्ञ तक एक मरीज को पहुंचने में दो से तीन घंटे का समय लगा।
विज्ञापन
इमरजेंसी में बेहोशी के हालात में पहुंच रहे मरीज
अस्पताल में न सिर्फ मरीजों की तादाद बड़ी है बल्कि उनके हालात भी नाजुक हैं। बुधवार को अस्पताल इमरजेंसी में भर्ती डायरिया पीड़ित बुजुर्ग, बच्चे व नौजवान इस हालत में भी नहीं थे कि वह अपना नाम बता सकें। एक-एक मरीज के साथ दो तीमारदार मौजूद हैं। इमरजेंसी कक्ष में मरीजों को परामर्श दे रहे डॉ. प्रदीप दोपहर करीब पौने एक बजे अपने कक्ष में मरीज देख रहे थे। इसी बीच सेक्टर-23 संजय कॉलोनी निवासी रोशनी (25) को बेहोशी की हालत में लेकर परिजन डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर देखते ही समय गए कि यह डायरिया गंभीर मरीज है। डॉ. प्रदीप ने बताया कि मरीज समय से अस्पताल नहीं पहुंच रहे। ऐसे में हालात ज्यादा खतरनाक हो रहे हैँ। कई लोग डायरिया और वायरल पीड़ित होने के तीसरे व चौथे दिन अस्पताल आ रहे हैं। यह चिंता जनक स्थिति है। डॉ. प्रदीप के अनुसार बदलता मौसम, लोगों का लापरवाही और स्वच्छ पेयजल के अभाव में बीमारी बढ़ी है।
विज्ञापन
सामान्य रोग विशेषज्ञ एक दिन में देख रहे 500 मरीज
बीके नागरिक अस्पताल में सामान्य रोग विशेषज्ञ के दो कक्ष हैं। इनमें औसतन एक दिन में करीब 500 मरीज परामर्श को आ रहे हैं। कक्ष नंबर 6 में डॉ. योगेश गुप्ता अपने सहायकों संग मरीजों का उपचार करने में जुटे रहे हैं। दोपहर 12-30 बजे तक डॉ. गुप्ता 150 मरीजों की जांच कर चुके थे। इसी तरह कक्ष नंबर 8 में डॉ. मोहित अग्रवाल भी सहायक संग मरीजों की जांच में जुटे रहे। एक कक्ष में दो डॉक्टर होने के बावजूद ओपीडी कक्ष में दोपहर दो बजे तक भी मरीजों की भारी भीड़ रही।
मरीजों की संख्या
माह ओपीडी वार्ड में भर्ती इमरजेंसी भर्ती
जनवरी 33152 1719 63
फरवरी 40536 1699 70
मार्च 46071 1786 166
अप्रैल 35284 1320 174
मई 16118 879 216
जून 36796 1125 125
जुलाई 24982 1419 138
अगस्त 31363 1734 191
वर्जन-
मरीजों की तादाद बढ़ी है। इसको ध्यान में रखते हुए दो कक्ष में चार डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे हैं। इसमें दो विशेषज्ञ व दो सहायक हैं। इमरजेंसी में भी नर्सिंग व इमरजेंसी डॉक्टर को मरीजों के तुरंत उपचार के निर्देश हैं। जरूरत पड़ने पर किसी भी फौरी व्यवस्था के लिए प्रबंधन तैयार है। - डॉ. सविता यादव, पीएमओ, बीके नागरिक अस्पताल