फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Patients are being given dates two and a half months away for surgeries.

Faridabad News: ऑपरेशन के लिए मरीजों को मिल रही ढाई महीने बाद की तारीख

Mon, 07 Sep 2026 12:51 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:51 AM IST
विज्ञापन
Patients are being given dates two and a half months away for surgeries.
बीके अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाएं
विज्ञापन

कई गंभीर मरीज निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर

भारती दुबे


फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का असर अब मरीजों के ऑपरेशन पर भी पड़ रहा है। अस्पताल में ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों को दो से ढाई महीने बाद की तारीख मिल रही है। स्थिति यह है कि अस्पताल में होने वाले छोटे-मोटे ऑपरेशन के लिए भी मरीजों को ढाई महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



अस्पताल में चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बताई जा रही है। वर्तमान में जो चिकित्सक ओपीडी में बैठ रहे हैं, वही अपनी ड्यूटी के साथ ऑपरेशन भी कर रहे हैं। इससे ऑपरेशन की संख्या सीमित हो रही है और मरीजों को लंबी तारीख दी जा रही है। कई मरीजों को ऑपरेशन के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन




बीके अस्पताल में पथरी, घुटने और कूल्हे के प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद समेत कई तरह के ऑपरेशन किए जाते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी और जरूरत के अनुसार अन्य ऑपरेशन भी किए जाते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण इन सेवाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन




मरीजों का कहना है कि कई जरूरी ऑपरेशन अस्पताल में नहीं हो पा रहे हैं। कुछ ऑपरेशन नहीं होने के कारण मरीजों को दवाइयां देकर वापस भेज दिया जाता है या दूसरे अस्पताल में जाने की सलाह दी जाती है। इससे उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।



किडनी-लिवर के गंभीर मरीजों को किया जा रहा रेफर


मरीजों के अनुसार किडनी और लिवर से संबंधित गंभीर मामलों में भी उन्हें रेफर किया जा रहा है। अस्पताल का हार्ट सेंटर भी बंद होने से हृदय रोगियों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई गंभीर मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ता है।



निजी अस्पतालों पर बढ़ी निर्भरता


सरकारी अस्पताल में समय पर ऑपरेशन नहीं होने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों की निजी अस्पतालों पर निर्भरता बढ़ रही है। निजी अस्पतालों में उपचार और ऑपरेशन का खर्च अधिक होने से इसका सीधा असर मरीजों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आने के बाद भी यदि लंबी तारीख या रेफर किया जाता है तो उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने और बंद पड़ी सेवाओं को जल्द शुरू करने की मांग की है, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके।

-----

मरीजों से बातचीत


जिले का सबसे बड़ा नागरिक अस्पताल है, लेकिन सुविधाएं न के बराबर हैं। सरकार को जरूरतमंद लोगों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का विस्तार करना चाहिए। - असलम, डबुआ कॉलोनी

----

मरीज बड़ी संख्या में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन रेफर करने के अलावा अस्पताल की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। - श्यामलाल, सेक्टर- 23
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed