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Faridabad News: बच्चों को होम वर्क करवाने में अभिभावकों की होगी अहम भूमिका
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- दादा-दादी या नाना-नानी मेंटर की भूमिका निभाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को गृह कार्य यानी होम वर्क थका देने वाला नहीं दिया जाएगा। शीतकालीन अवकाश के दौरान होम वर्क को कराने में अभिभावकों की विशेष भूमिका रहेगी। जिसमें दादा-दादी या नाना-नानी मुख्य मेंटर की भूमिका निभाएंगे। अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को संस्कार, दक्षता, कौशल तथा व्यवहार कुशलता की शिक्षा प्रदान की जाएगी। बच्चों में सृजनात्मक, रचनात्मक और कल्पनाशीलता को विकसित किया जाएगा।
राजकीय स्कूलों में एक से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने आसपास के वातावरण से ही काफी कुछ नया सीखने को मिलेगा। इस बात का ध्यान रखा गया कि विद्यार्थियों को गृहकार्य करने के दौरान किसी प्रकार का खर्च न करना पड़े। मौसम के अनुरूप 42 तरह की गतिविधियों को तैयार किया गया है। इनमें से 10 को प्रत्येक विद्यार्थी को करना अनिवार्य होगा। इस महीने के तीसरे सप्ताह में पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें इन गतिविधियों के मूल्यांकन पर चर्चा की जाएगी।
विद्यार्थियों को फूलों की पहचान करना, बाजार में उपलब्ध सब्जियों के नाम लिखना, मूंगफली से दाने निकलना और उनको गिनना, प्रतिदिन न्यूनतम और अधिकतम तापमान लिखना, परिवार के सदस्यों के जूते के नंबर पता करना, रसोई घर में परिवार के सदस्यों की मदद करना, मसालों व अन्य खाद्य पदार्थों की पहचान कर उसका नाम लिखना शामिल है। परिवार के सदस्यों के मोबाइल नंबर याद करना, घर के कमरे एवं आंगन की लंबाई एवं चौड़ाई को मापना, गणतंत्र दिवस के मौके पर दो देशभक्ति गीत याद करना, कैलेंडर देखकर रविवार और छुट्टियों की गिनती करनी होगी। विद्यार्थियों को किताब खोलकर नहीं बैठना होगा, उन्हें बाथरूम में बाल्टी और टब को गिलास के पानी से भरते हुए गिनती करनी होगी। इसी तरह बच्चों को अपने परिवार के लोगों, दोस्तों और घर के आसपास के पेड़-पौधों के अलावा पशु पक्षियों और परिवहन साधनों के चित्र भी बनाने होंगे। आसपास के पेड़ों के सूखे पत्तों से किताब पर छापे यानी चित्र भी बच्चों को बनाने होंगे। वहीं, घर की रसोई के बर्तन, घर के दरवाजे और खिड़कियों के नाम भी लिखने हैं।
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खेल-खेल में गृह कार्य पूरा कराने का लक्ष्य
शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को खेल-खेल में गृह कार्य पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 42 गतिविधियों को तैयार किया गया है। इनमें से 10 गतिविधियों को पूरा करना होगा।
- डॉ. अविनाश शर्मा, जिला एफएलएन समन्यवक
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को गृह कार्य यानी होम वर्क थका देने वाला नहीं दिया जाएगा। शीतकालीन अवकाश के दौरान होम वर्क को कराने में अभिभावकों की विशेष भूमिका रहेगी। जिसमें दादा-दादी या नाना-नानी मुख्य मेंटर की भूमिका निभाएंगे। अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को संस्कार, दक्षता, कौशल तथा व्यवहार कुशलता की शिक्षा प्रदान की जाएगी। बच्चों में सृजनात्मक, रचनात्मक और कल्पनाशीलता को विकसित किया जाएगा।
राजकीय स्कूलों में एक से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने आसपास के वातावरण से ही काफी कुछ नया सीखने को मिलेगा। इस बात का ध्यान रखा गया कि विद्यार्थियों को गृहकार्य करने के दौरान किसी प्रकार का खर्च न करना पड़े। मौसम के अनुरूप 42 तरह की गतिविधियों को तैयार किया गया है। इनमें से 10 को प्रत्येक विद्यार्थी को करना अनिवार्य होगा। इस महीने के तीसरे सप्ताह में पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें इन गतिविधियों के मूल्यांकन पर चर्चा की जाएगी।
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विद्यार्थियों को फूलों की पहचान करना, बाजार में उपलब्ध सब्जियों के नाम लिखना, मूंगफली से दाने निकलना और उनको गिनना, प्रतिदिन न्यूनतम और अधिकतम तापमान लिखना, परिवार के सदस्यों के जूते के नंबर पता करना, रसोई घर में परिवार के सदस्यों की मदद करना, मसालों व अन्य खाद्य पदार्थों की पहचान कर उसका नाम लिखना शामिल है। परिवार के सदस्यों के मोबाइल नंबर याद करना, घर के कमरे एवं आंगन की लंबाई एवं चौड़ाई को मापना, गणतंत्र दिवस के मौके पर दो देशभक्ति गीत याद करना, कैलेंडर देखकर रविवार और छुट्टियों की गिनती करनी होगी। विद्यार्थियों को किताब खोलकर नहीं बैठना होगा, उन्हें बाथरूम में बाल्टी और टब को गिलास के पानी से भरते हुए गिनती करनी होगी। इसी तरह बच्चों को अपने परिवार के लोगों, दोस्तों और घर के आसपास के पेड़-पौधों के अलावा पशु पक्षियों और परिवहन साधनों के चित्र भी बनाने होंगे। आसपास के पेड़ों के सूखे पत्तों से किताब पर छापे यानी चित्र भी बच्चों को बनाने होंगे। वहीं, घर की रसोई के बर्तन, घर के दरवाजे और खिड़कियों के नाम भी लिखने हैं।
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खेल-खेल में गृह कार्य पूरा कराने का लक्ष्य
शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को खेल-खेल में गृह कार्य पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 42 गतिविधियों को तैयार किया गया है। इनमें से 10 गतिविधियों को पूरा करना होगा।
- डॉ. अविनाश शर्मा, जिला एफएलएन समन्यवक