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Faridabad News: स्वामित्व योजना में 751 दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम पट्टे (लीज) पर चल रही दुकानों का स्वामित्व 751 दुकानदारों को दे रहा है। पैसा जमा कराने पर 319 को दुकानों की रजिस्ट्री करा दी गई है, वहीं, 324 को जल्द पूरा पैसे देने को कहा है। 225 फाइलें तहसीलों में रजिस्ट्री कराने के लिए भेजी हुई हैं। इसके लिए करीब 1573 दुकानदारों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें से करीब 724 आवेदन रद्द हो गए हैं।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने जनवरी 2021 में एक अधिसूचना जारी की थी। जिसमें 20 साल से अधिक पट्टे/ किराये की संपत्तियों के लोगों को आवेदन कर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी थी। निगम क्षेत्र में 1757 संपत्तियां लीज पर हैं। पहले चरण में 175 व्यक्तियों ने सरकार की हिदायतों के अनुसार आवेदन किया था। दूसरी ओर लोगों की मांग पर सरकार ने पिछले साल जुलाई में दोबारा ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। चार जुलाई से 30 सितंबर करीब 1491 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इसके बाद इस साल तीसरी बार ऑनलाइन पोर्टल खोला गया। जिससे बचे लोगों को योजना का लाभ मिल सके। इसमें करीब 121 लोगों ने आवेदन किया है। आवेदनों की जांच के बाद पात्रों को दुकानों का स्वामित्व दिया जा रहा है। निगम के अनुसार 751 आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें से 319 दुकानों की दुकान मालिकों के नाम रजिस्ट्री हो चुकी है। 334 लोगों ने अभी पूरे पैसे जमा नहीं कराए हैं। वहीं 225 फाइलें तहसील में रजिस्ट्री के लिए भेजी गई हैं। इसके अलावा 102 लोगों ने जरूरी कागजात को नहीं जमा कराया है, उन्हें जल्द औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है।
क्षेत्रीय कराधान अधिकारी मुख्यालय सुनीता कुमारी ने बताया कि पात्रों को दुकान का मालिकाना हक दिया जा रहा है। 751 के आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में पैसे जमा कराने वालों की दुकानों की रजिस्ट्री कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोग जरूरी कागजात और पैसे जमा कराकर दुकान अपने नाम जल्द करा लें। अधिकारी ने बताया कि निगम इसे लेकर गंभीर है और पात्रों को जल्द मालिकाना हक देने के लिए कार्य कर रहा है।
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लोगों की आजीविका के लिए दी गई थीं दुकानें
देश के विभाजन के बाद आए लोगों को एनआईटी में बसाया गया था और कइयों को बाद में दुकानें अलॉट की गई थीं। अब कई दुकानें सड़कों के दायरे में आ गई हैं। ऐसे में उन्हें दुकानों का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोग सरकार से नियम में छूट देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।
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वर्जन
स्वामित्व योजना के तहत करीब 1573 दुकानदारों ने आवेदन किया हुआ है। 751 आवेदन सही मिले हैं और पात्रों को लीज की दुकान का स्वामित्व सरकार की हिदायतों के अनुसार जारी किया जा रहा है।
सुनीता कुमारी, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (मुख्यालय)
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फरीदाबाद। नगर निगम पट्टे (लीज) पर चल रही दुकानों का स्वामित्व 751 दुकानदारों को दे रहा है। पैसा जमा कराने पर 319 को दुकानों की रजिस्ट्री करा दी गई है, वहीं, 324 को जल्द पूरा पैसे देने को कहा है। 225 फाइलें तहसीलों में रजिस्ट्री कराने के लिए भेजी हुई हैं। इसके लिए करीब 1573 दुकानदारों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें से करीब 724 आवेदन रद्द हो गए हैं।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने जनवरी 2021 में एक अधिसूचना जारी की थी। जिसमें 20 साल से अधिक पट्टे/ किराये की संपत्तियों के लोगों को आवेदन कर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी थी। निगम क्षेत्र में 1757 संपत्तियां लीज पर हैं। पहले चरण में 175 व्यक्तियों ने सरकार की हिदायतों के अनुसार आवेदन किया था। दूसरी ओर लोगों की मांग पर सरकार ने पिछले साल जुलाई में दोबारा ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। चार जुलाई से 30 सितंबर करीब 1491 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इसके बाद इस साल तीसरी बार ऑनलाइन पोर्टल खोला गया। जिससे बचे लोगों को योजना का लाभ मिल सके। इसमें करीब 121 लोगों ने आवेदन किया है। आवेदनों की जांच के बाद पात्रों को दुकानों का स्वामित्व दिया जा रहा है। निगम के अनुसार 751 आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें से 319 दुकानों की दुकान मालिकों के नाम रजिस्ट्री हो चुकी है। 334 लोगों ने अभी पूरे पैसे जमा नहीं कराए हैं। वहीं 225 फाइलें तहसील में रजिस्ट्री के लिए भेजी गई हैं। इसके अलावा 102 लोगों ने जरूरी कागजात को नहीं जमा कराया है, उन्हें जल्द औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है।
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क्षेत्रीय कराधान अधिकारी मुख्यालय सुनीता कुमारी ने बताया कि पात्रों को दुकान का मालिकाना हक दिया जा रहा है। 751 के आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में पैसे जमा कराने वालों की दुकानों की रजिस्ट्री कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोग जरूरी कागजात और पैसे जमा कराकर दुकान अपने नाम जल्द करा लें। अधिकारी ने बताया कि निगम इसे लेकर गंभीर है और पात्रों को जल्द मालिकाना हक देने के लिए कार्य कर रहा है।
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लोगों की आजीविका के लिए दी गई थीं दुकानें
देश के विभाजन के बाद आए लोगों को एनआईटी में बसाया गया था और कइयों को बाद में दुकानें अलॉट की गई थीं। अब कई दुकानें सड़कों के दायरे में आ गई हैं। ऐसे में उन्हें दुकानों का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोग सरकार से नियम में छूट देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।
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वर्जन
स्वामित्व योजना के तहत करीब 1573 दुकानदारों ने आवेदन किया हुआ है। 751 आवेदन सही मिले हैं और पात्रों को लीज की दुकान का स्वामित्व सरकार की हिदायतों के अनुसार जारी किया जा रहा है।
सुनीता कुमारी, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (मुख्यालय)