{"_id":"6a99ac847384bcd85f0b4b81","slug":"over-50-students-cancelled-their-admission-after-failing-to-get-their-preferred-course-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-79065-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: मनपसंद कोर्स नहीं मिला तो 50 से अधिक छात्रों ने रद्द कराया दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: मनपसंद कोर्स नहीं मिला तो 50 से अधिक छात्रों ने रद्द कराया दाखिला
विज्ञापन
निजी कॉलेजों और दूसरे जिलों का रुख कर रहे छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में स्नातक कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया भले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन महाविद्यालयों में छात्रों की आवाजाही अभी थमी नहीं है। अब छात्र दाखिला लेने के बजाय अपना दाखिला रद्द करवाने के लिए कॉलेजों के चक्कर लगा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह मनपसंद कॉलेज और कोर्स में सीट नहीं मिलना है। जिले के आठ राजकीय महाविद्यालयों में 50 से अधिक छात्र इस बार अपना दाखिला रद्द करवा चुके हैं। कई छात्रों ने पहले सरकारी कॉलेजों में उपलब्ध सीट पर दस्तावेज और फीस जमा कर दाखिला सुनिश्चित कर लिया था। इसके बाद दूसरे कॉलेजों की मेरिट सूची जारी होने पर उन्हें मनपसंद विषय या कोर्स में सीट मिल गई। ऐसे में छात्रों ने पहले कॉलेज से दाखिला रद्द करवाकर दूसरे कॉलेज का रुख किया। कुछ छात्रों ने राजकीय कॉलेज में मनपसंद कोर्स नहीं मिलने के कारण निजी महाविद्यालयों में भी दाखिला लिया है।
रद्द कराने की प्रक्रिया बेहद कठिन
दाखिला रद्द कराने पहुंचे छात्रों का कहना है कि नया दाखिला लेने की प्रक्रिया की तुलना में पुराना दाखिला रद्द कराना अधिक परेशानी वाला है। छात्रों को कॉलेज में आवेदन देने के साथ संबंधित दस्तावेज और फीस वापसी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है। कई बार अलग-अलग काउंटरों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों का समय भी खराब हो रहा है। सेक्टर-16 स्थित डॉ. जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय के नोडल अधिकारी रविंद्र ने बताया कि कुछ छात्रों ने दूसरे कॉलेजों में पसंद का कोर्स मिलने के बाद दाखिले रद्द करवाए हैं।
छात्रों से बातचीत
पहले उपलब्ध सीट पर दाखिला लेना मजबूरी थी। बाद में दूसरे कॉलेज में पसंद का कोर्स मिला, लेकिन दाखिला रद्द कराने में काफी परेशानी हुई। साहिल, छात्र
विज्ञापन
मनपसंद विषय मिलने के बाद कॉलेज बदलना पड़ा। नया दाखिला आसानी से हो गया, लेकिन पुराना दाखिला रद्द कराने में कई बार कॉलेज जाना पड़ा। साहिल मौर्या, छात्र
सरकारी कॉलेज में दाखिला तो मिल गया था, लेकिन पसंद का कोर्स नहीं मिला। बाद में निजी कॉलेज में सीट मिली तो दाखिला बदलना पड़ा।
शाहरुख खान, छात्र
दूसरे जिले में पसंद के कोर्स की सीट मिलने पर दाखिला रद्द कराया। प्रक्रिया आसान नहीं थी और दस्तावेज जमा कराने के लिए कई जगह जाना पड़ा। सूरज, छात्र
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में स्नातक कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया भले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन महाविद्यालयों में छात्रों की आवाजाही अभी थमी नहीं है। अब छात्र दाखिला लेने के बजाय अपना दाखिला रद्द करवाने के लिए कॉलेजों के चक्कर लगा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह मनपसंद कॉलेज और कोर्स में सीट नहीं मिलना है। जिले के आठ राजकीय महाविद्यालयों में 50 से अधिक छात्र इस बार अपना दाखिला रद्द करवा चुके हैं। कई छात्रों ने पहले सरकारी कॉलेजों में उपलब्ध सीट पर दस्तावेज और फीस जमा कर दाखिला सुनिश्चित कर लिया था। इसके बाद दूसरे कॉलेजों की मेरिट सूची जारी होने पर उन्हें मनपसंद विषय या कोर्स में सीट मिल गई। ऐसे में छात्रों ने पहले कॉलेज से दाखिला रद्द करवाकर दूसरे कॉलेज का रुख किया। कुछ छात्रों ने राजकीय कॉलेज में मनपसंद कोर्स नहीं मिलने के कारण निजी महाविद्यालयों में भी दाखिला लिया है।
रद्द कराने की प्रक्रिया बेहद कठिन
दाखिला रद्द कराने पहुंचे छात्रों का कहना है कि नया दाखिला लेने की प्रक्रिया की तुलना में पुराना दाखिला रद्द कराना अधिक परेशानी वाला है। छात्रों को कॉलेज में आवेदन देने के साथ संबंधित दस्तावेज और फीस वापसी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है। कई बार अलग-अलग काउंटरों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों का समय भी खराब हो रहा है। सेक्टर-16 स्थित डॉ. जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय के नोडल अधिकारी रविंद्र ने बताया कि कुछ छात्रों ने दूसरे कॉलेजों में पसंद का कोर्स मिलने के बाद दाखिले रद्द करवाए हैं।
विज्ञापन
छात्रों से बातचीत
पहले उपलब्ध सीट पर दाखिला लेना मजबूरी थी। बाद में दूसरे कॉलेज में पसंद का कोर्स मिला, लेकिन दाखिला रद्द कराने में काफी परेशानी हुई। साहिल, छात्र
विज्ञापन
मनपसंद विषय मिलने के बाद कॉलेज बदलना पड़ा। नया दाखिला आसानी से हो गया, लेकिन पुराना दाखिला रद्द कराने में कई बार कॉलेज जाना पड़ा। साहिल मौर्या, छात्र
सरकारी कॉलेज में दाखिला तो मिल गया था, लेकिन पसंद का कोर्स नहीं मिला। बाद में निजी कॉलेज में सीट मिली तो दाखिला बदलना पड़ा।
शाहरुख खान, छात्र
दूसरे जिले में पसंद के कोर्स की सीट मिलने पर दाखिला रद्द कराया। प्रक्रिया आसान नहीं थी और दस्तावेज जमा कराने के लिए कई जगह जाना पड़ा। सूरज, छात्र