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Faridabad News: मोहना में बांध निर्माण स्थल का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
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किसानों ने अपनी चिंताओं और संभावित नुकसान से अधिकारियों को अवगत कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए यमुना पर बनाए जा रहे बांध को लेकर किसानों की ओर से उठाई जा रही समस्याओं के संबंध में शुक्रवार को सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रिंस और जूनियर इंजीनियर भगत सिंह ने मोहना स्थित बांध निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बांध निर्माण की स्थिति, किसानों की भूमि और पूर्व में उठाई गई समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान किसानों ने अपनी चिंताओं और संभावित नुकसान से अधिकारियों को अवगत कराया।
किसानों ने बताया कि यमुना का पानी पहले से ही उनकी भूमि में बह रहा है, जिससे उनकी जमीन वर्षों से प्रभावित हो रही है। ऐसे में बांध निर्माण के बाद उनकी और अधिक भूमि प्रभावित होने तथा भविष्य में नुकसान बढ़ने की आशंका है। किसानों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपनी जमीन और आजीविका को नुकसान पहुंचाकर किसी भी निर्माण कार्य को स्वीकार नहीं करेंगे।
मौके पर किसानों की बात सुनने और स्थिति का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने माना कि किसानों द्वारा उठाई जा रही समस्या वास्तविक और जायज है। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा तथा मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
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किसानों ने मांग की कि उनकी भूमि और यमुना के जलभराव से संबंधित समस्या का स्थायी, स्पष्ट और न्यायसंगत समाधान होने के बाद ही बांध निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए। किसानों ने एकजुट होकर कहा कि समस्या का समाधान होने तक निर्माण कार्य स्थगित रखा जाए और वे अपनी मांग प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से रखते रहेंगे।
गौरतलब है कि 10 मई 2026 को मोहना स्थित सिद्ध बाबा मंदिर में आयोजित पंचायत में किसानों और ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया था कि भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान होने तक बांध निर्माण कार्य रोका जाएगा।
इस दौरान ओमी मेंबर, ईश्वर नंबरदार, सतवीर मैनेजर, ज्ञान, रूपलाल, धर्मवीर पहलवान, गिर्राज मास्टर, सत्तू थानेदार, मोहन, विक्रम, वेद प्रकाश, गौरा, सोहनलाल भगत, बसंत, ओमवीर सिंह, किसान नेता कुकरिया, लाला फौजी, कुमरपाल, लखनपाल सहित अन्य किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए यमुना पर बनाए जा रहे बांध को लेकर किसानों की ओर से उठाई जा रही समस्याओं के संबंध में शुक्रवार को सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रिंस और जूनियर इंजीनियर भगत सिंह ने मोहना स्थित बांध निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बांध निर्माण की स्थिति, किसानों की भूमि और पूर्व में उठाई गई समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान किसानों ने अपनी चिंताओं और संभावित नुकसान से अधिकारियों को अवगत कराया।
किसानों ने बताया कि यमुना का पानी पहले से ही उनकी भूमि में बह रहा है, जिससे उनकी जमीन वर्षों से प्रभावित हो रही है। ऐसे में बांध निर्माण के बाद उनकी और अधिक भूमि प्रभावित होने तथा भविष्य में नुकसान बढ़ने की आशंका है। किसानों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपनी जमीन और आजीविका को नुकसान पहुंचाकर किसी भी निर्माण कार्य को स्वीकार नहीं करेंगे।
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मौके पर किसानों की बात सुनने और स्थिति का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने माना कि किसानों द्वारा उठाई जा रही समस्या वास्तविक और जायज है। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा तथा मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
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किसानों ने मांग की कि उनकी भूमि और यमुना के जलभराव से संबंधित समस्या का स्थायी, स्पष्ट और न्यायसंगत समाधान होने के बाद ही बांध निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए। किसानों ने एकजुट होकर कहा कि समस्या का समाधान होने तक निर्माण कार्य स्थगित रखा जाए और वे अपनी मांग प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से रखते रहेंगे।
गौरतलब है कि 10 मई 2026 को मोहना स्थित सिद्ध बाबा मंदिर में आयोजित पंचायत में किसानों और ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया था कि भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान होने तक बांध निर्माण कार्य रोका जाएगा।
इस दौरान ओमी मेंबर, ईश्वर नंबरदार, सतवीर मैनेजर, ज्ञान, रूपलाल, धर्मवीर पहलवान, गिर्राज मास्टर, सत्तू थानेदार, मोहन, विक्रम, वेद प्रकाश, गौरा, सोहनलाल भगत, बसंत, ओमवीर सिंह, किसान नेता कुकरिया, लाला फौजी, कुमरपाल, लखनपाल सहित अन्य किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।