{"_id":"616b00e17a90655fce2445b9","slug":"officials-being-negligent-in-implementing-grap-faridabad-news-noi610737619","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेप को लागू करने में लापरवाही बरत रहे अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेप को लागू करने में लापरवाही बरत रहे अधिकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद। जिले में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) भले ही लागू कर दिया गया है लेकिन इसे लागू करने में अधिकारी लापरवाही बरते रहे हैं। यही वजह से ग्रेप लागू होने के बावजूद खुले में भवन निर्माण सामग्री के ढेर लगे हैं। इसके अलावा किसी भी विभाग ने अभी तक सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए न तो पानी का छिड़काव शुरू किया है और न ही सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए डाली गई मिट्टी को दुरुस्त किया है।
एनसीआर के शहरों में 15 अक्तूबर से ग्रेप लागू कर दिया गया है जिससे प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। इसके तहत कई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें सड़कों पर उड़ती धूल को नियंत्रित करने के लिए उन पर पानी का छिड़काव करने, कूड़े में आग लगने की घटना को नियंत्रित करने, सड़कों पर ट्रैफिक को सुगम रखने, होटल व ढाबों आदि पर कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगाने, ईंट भट्टों को बंद करने, वाहनों में प्रदूषण की जांच करने, इंडस्ट्रीज में प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल पर रोक लगाने आदि के निर्देश दिए गए हैं। यह सभी नियम शुक्रवार से लागू हो गए हैं, लेकिन, अभी शहर में इनका पालन होता दिखाई नहीं देर रहा है। सड़कों पर अभी तक किसी भी विभाग ने पानी का छिड़काव शुरू नहीं किया है।
सड़कों के साथ वाहनों के चलने से लगातार धूल उड़ रही है। नगर निगम ने सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी आदि तो डाल दी है, लेकिन, उस पर अभी पैचवर्क नहीं हुआ है। गाड़ियां गुजरने से धूल उड़ रही है और प्रदूषण का कारण बन रही है। बाईपास रोड पर निर्माण कार्य चल रहा है और कई पाइंअ पर जाम की स्थिति बनी हुई है, वाहनों को काफी समय खड़ा होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
रावण जला, प्रदूषण का दाग छोड़ गया
जिले में पटाखे चलाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन दशहरे के मौके पर लोगों ने खूब आतिशबाजी की। बड़े आयोजनों में संस्थाओं ने अलग-अलग तरीके से दशहरा बनाया, लेकिन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने छोटे-छोटे रावण बनाकर उन्हें जलाया और आतिशबाजी भी की, जिसका असर एयर क्वॉलिटी पर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को बल्लभगढ़ व फरीदाबाद दोनों जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ा हुआ दिखाई दिया। बल्लभगढ़ में शुक्रवार की तुलना में शनिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 30 अंक व फरीदाबाद में 53 अंक अधिक बढ़ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी एयर बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को बल्लभगढ़ का 260 व फरीदाबाद में 211 एयर क्वालिटी इंडेक्स था। शनिवार को बल्लभगढ़ में यह 290 व फरीदाबाद में 264 दर्ज किया गया।
उपायुक्त ने की जिम्मेदारी तय
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रीजनल ऑफिसर स्मिता ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण को लेेकर डीसी जितेंद्र यादव ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ मीटिंग की है। उसमें सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई हैं। सिविल वर्क से संबंधित विभागों को अपने हिस्से में आने वाली सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए छिड़काव करने के लिए कहा गया है। साथ ही गड्ढों को भरने के लिए भी कहा गया है ताकि धूल न उड़े और ट्रैफिक बिना रुके चलता रहे। विभागों को सार्वजनिक जगहें भी बांटी गई हैं, जहां पर उन्हें पानी का छिड़काव करना है। मशीनों से सड़कों की सफाई करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही अधिक डस्ट वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर उचित इंतजाम करने के निर्देश हैं। सड़कों पर 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन न चलें, इसके लिए पुलिस व आरटीए को कार्रवाई करनी होगी। वाहनों के प्रदूषण की भी जांच करनी होगी। कृषि विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि फसलों की कटाई के दौरान अवशेष न जलें, इस पर पूरा ध्यान रखा जाए। शिक्षा विभाग को जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही अन्य विभागों को भी जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों को मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना होगा। लोगों को भी इसमें सहयोग देना होगा।
विज्ञापन
एनसीआर के शहरों में 15 अक्तूबर से ग्रेप लागू कर दिया गया है जिससे प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। इसके तहत कई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें सड़कों पर उड़ती धूल को नियंत्रित करने के लिए उन पर पानी का छिड़काव करने, कूड़े में आग लगने की घटना को नियंत्रित करने, सड़कों पर ट्रैफिक को सुगम रखने, होटल व ढाबों आदि पर कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगाने, ईंट भट्टों को बंद करने, वाहनों में प्रदूषण की जांच करने, इंडस्ट्रीज में प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल पर रोक लगाने आदि के निर्देश दिए गए हैं। यह सभी नियम शुक्रवार से लागू हो गए हैं, लेकिन, अभी शहर में इनका पालन होता दिखाई नहीं देर रहा है। सड़कों पर अभी तक किसी भी विभाग ने पानी का छिड़काव शुरू नहीं किया है।
विज्ञापन
सड़कों के साथ वाहनों के चलने से लगातार धूल उड़ रही है। नगर निगम ने सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी आदि तो डाल दी है, लेकिन, उस पर अभी पैचवर्क नहीं हुआ है। गाड़ियां गुजरने से धूल उड़ रही है और प्रदूषण का कारण बन रही है। बाईपास रोड पर निर्माण कार्य चल रहा है और कई पाइंअ पर जाम की स्थिति बनी हुई है, वाहनों को काफी समय खड़ा होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
रावण जला, प्रदूषण का दाग छोड़ गया
जिले में पटाखे चलाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन दशहरे के मौके पर लोगों ने खूब आतिशबाजी की। बड़े आयोजनों में संस्थाओं ने अलग-अलग तरीके से दशहरा बनाया, लेकिन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने छोटे-छोटे रावण बनाकर उन्हें जलाया और आतिशबाजी भी की, जिसका असर एयर क्वॉलिटी पर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को बल्लभगढ़ व फरीदाबाद दोनों जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ा हुआ दिखाई दिया। बल्लभगढ़ में शुक्रवार की तुलना में शनिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 30 अंक व फरीदाबाद में 53 अंक अधिक बढ़ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी एयर बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को बल्लभगढ़ का 260 व फरीदाबाद में 211 एयर क्वालिटी इंडेक्स था। शनिवार को बल्लभगढ़ में यह 290 व फरीदाबाद में 264 दर्ज किया गया।
उपायुक्त ने की जिम्मेदारी तय
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रीजनल ऑफिसर स्मिता ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण को लेेकर डीसी जितेंद्र यादव ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ मीटिंग की है। उसमें सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई हैं। सिविल वर्क से संबंधित विभागों को अपने हिस्से में आने वाली सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए छिड़काव करने के लिए कहा गया है। साथ ही गड्ढों को भरने के लिए भी कहा गया है ताकि धूल न उड़े और ट्रैफिक बिना रुके चलता रहे। विभागों को सार्वजनिक जगहें भी बांटी गई हैं, जहां पर उन्हें पानी का छिड़काव करना है। मशीनों से सड़कों की सफाई करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही अधिक डस्ट वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर उचित इंतजाम करने के निर्देश हैं। सड़कों पर 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन न चलें, इसके लिए पुलिस व आरटीए को कार्रवाई करनी होगी। वाहनों के प्रदूषण की भी जांच करनी होगी। कृषि विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि फसलों की कटाई के दौरान अवशेष न जलें, इस पर पूरा ध्यान रखा जाए। शिक्षा विभाग को जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही अन्य विभागों को भी जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों को मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करना होगा। लोगों को भी इसमें सहयोग देना होगा।