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Faridabad News: सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में छाएगा ओडीओपी

Sat, 03 Jan 2026 12:25 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jan 2026 12:25 AM IST
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ODOP will dominate the Surajkund International Crafts Fair.
शिल्प मेला 31 जनवरी से 14 फरवरी तक हरियाणा में होगा
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उत्तर प्रदेश की लोक कला, हस्तशिल्प और व्यंजनों की होगी प्रस्तुति



अमर उजाला ब्यूरो



लखनऊ। भारतीय लोक परंपराओं और शिल्प कला के वैश्विक उत्सव सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 31 जनवरी से 14 फरवरी तक फरीदाबाद हरियाणा में आयोजित किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर 2026 में उत्तर प्रदेश को थीम स्टेट के रूप में चुना गया है। पर्यटन विभाग अपनी लोक कलाओं, हस्तशिल्प व हथकरघा एवं वस्त्र परंपराओं, लोक नृत्य-संगीत, स्थानीय व्यंजनों आदि से प्रदेश की पहचान को मेले में प्रस्तुत करेगा।



इस वर्ष सूरजकुंड मेला कई मायनों में खास होगा। राज्य की हस्तशिल्प व हथकरघा परंपराओं को एक सशक्त मंच देने के लिए एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) आधारित 40 हस्तशिल्प स्टॉल स्थापित किया जाएंगे। इसके साथ ही फिरोजाबाद की कांच की चूड़ियां, कन्नौज के इत्र, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, वाराणसी-लखनऊ-भदोही की जरी-जरदोजी और चिकनकारी सहित अन्य जिलों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
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पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सूरजकुंड मेला 2026 में संस्कृति, खानपान सहित सुविधाओं का दायरा पहले से कहीं ज्यादा बड़ा रखा गया है। मेले में प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 6 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रदेश की लोक नृत्य, लोक संगीत एवं पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। मेले में तीन विशेष अवसरों पर प्रदेश की पारंपरिक व समकालीन वेशभूषा, आभूषण और फैशन को प्रदर्शित करने वाला फैशन शो भी होगा।
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प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि प्रदेश के स्टॉलों के साथ-साथ मेला क्षेत्र में पाथवे पर मूंज बुनाई, धान की बालियों, खुर्जा पॉटरी और ब्लैक पॉटरी से जुड़ी डिजाइन उकेरी जाएंगी। हर जिले और शिल्प के लिए विशेष साइनेज और क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से आगंतुक शिल्प निर्माण प्रक्रिया, कारीगरों की प्रोफाइल, जिले की पहचान और इससे जुड़ी जानकारी ले सकेंगे। यहां हर जिला अपनी कला के साथ सांस्कृतिक दूत की भूमिका निभाएगा।
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