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Faridabad News: डायरिया के मरीजों की बढ़ी संख्या, बच्चा वार्ड हुआ फुल

Fri, 08 Sep 2023 06:44 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 Sep 2023 06:44 PM IST
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Number of diarrhea patients increased, child ward became full
- प्रतिदिन करीब 30 से 40 मरीज आ रहे
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। दिन प्रतिदिन बढ़ती गर्मी के कारण डायरिया का प्रकोप बच्चों में तेजी से फैल रहा है। बीके अस्पताल में हर रोज करीब 30 से 40 बच्चे डायरिया से ग्रस्त के उपचार के लिए आ रहे हैं। जिसमें से 10 बच्चों को दिन के समय भर्ती करके उपचार दिया जा रहा है। वहीं गंभीर बच्चों को इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है। इन दिनों बच्चा वार्ड डायरिया से ग्रस्त मरीजों से पूरी तरह से फुल हो गया है। इसी वजह से थैलीसीमिया वार्ड में डायरिया के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बीके अस्पताल में हर रोज दो हजार के करीब मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिसमें नए व पुराने दोनों मरीज शामिल हैं। इनमें से करीब 200 मरीज बाल रोग विशेषज्ञ के हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विकास गोयल ने बताया कि उनकी ओपीडी में हर रोज 200 से 250 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिसमें से 100 से 125 बच्चे डायरिया से ग्रसित होते हैं। उन्होंने बताया कि वर्षा के बाद जब तापमान में बढ़ोतरी हुई तो वायरल, डायरिया के मरीज बढ़ना शुरू हो गए। बीमारी से ग्रस्त इन बच्चों को पेट दर्द के साथ उल्टी, दस्त होते हैं। जिसकी वजह से गंभीर बच्चों को भर्ती करना पड़ता है। बीमारी के कारण बच्चे सही से खान पान का सेवन नहीं करते हैं। जिसकी वजह से शरीर के अंदर पानी की कमी को पूरा करने के लिए ड्रिप का इस्तेमाल किया जाता है। दो से तीन दिनों तक लगातार दवाएं और निगरानी के बाद वह स्वस्थ होने लगते हैं। बच्चा वार्ड में इस समय करीब 30 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। जिसमें सबसे ज्यादा डायरिया के मरीज हैं। उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे ऐसे होते हैं, जिनको दिन में भर्ती करने के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाता है। मरीजों को ओपीडी में उपचार लेने के बाद इमरजेंसी में भेज दिया जाता है। जहां उन बच्चों को दिन के समय भर्ती कर उपचार देने के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाता है। इसके अलावा गंभीर बच्चों को इमरजेंसी में उपचार देने के बाद बच्चा वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। बच्चा वार्ड फुल होने की वजह से अब बच्चों को थैलीसीमिया वार्ड में भर्ती किया जा रहा है।



एसएनसीयू वार्ड भी हैं फुल
डॉ. विकास ने बताया कि स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट में कुल 33 वार्मर हैं। जिसमें नवजात को भर्ती किया जाता है। उन्होंने बताया कि अभी एसएनसीयू में कुल 48 नवजात बच्चे भर्ती हैं। जिसमें सबसे ज्यादा सांस लेने में दिक्कत वाले नवजातों को भर्ती किया हुआ है। इस दौरान ओआरएस घोल का इस्तेमाल करें, पेट में दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लें। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी के मौसम में डायरिया से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा चीनी व नमक वाला पानी पीएं। दस्त के दौरान रोगी को मूंग की दाल, मसूर की दाल का सूप, दही, मूंग की खिचड़ी, दलिया आदि देना चाहिए।
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