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Nuh Violence: छावनी में बदला शहर, इंटरनेट सेवाएं बंद; 30 करोड़ का ऑनलाइन लेनदेन रहा प्रभावित; दिनभर हाई अलर्ट
Wed, 02 Aug 2023 10:40 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 02 Aug 2023 10:40 AM IST
सार
नूंह हिंसा के बाद पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा मंगलवार को खुद सड़कों पर उतरे और फ्लैग मार्च निकाला। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार हजार पुलिस कर्मी शहर में तैनात किए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग किसी भी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है।
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Nuh Violence
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नूंह के नल्हड़ मंदिर में जलाभिषेक के बाद हुए बवाल के बाद से शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बुधवार रात तक के लिए बंद कर दी हैं, जिसका शहर वासियों पर व्यापक असर देखने को मिला। इंटरनेट बंद होने करीब 30 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेनदेन प्रभावित रहा।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दवा वितरण प्रक्रिया भी प्रभावित रही। इसके साथ ही तहसीलों में रजिस्ट्री के काम पर असर पड़ा, जिससे दिनभर लोग परेशान रहे। मंगलवार को पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया।
जिला मजिस्ट्रेट विक्रम सिंह ने जिले में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत प्रभाव से धारा 144 लागू करने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी जिले नूंह में सोमवार को हुई सांप्रदायिक घटना के बाद शहर में किसी भी तरह की कानून व्यवस्था बिगड़ने के अंदेशे को देखते हुए यह कदम उठाए गए हैं।
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सोमवार रात को प्रशासन की ओर से इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई, जिससे लोगों को काफी दिक्कतें हुईं। जिला लीड बैंक के प्रबंधक हरिओम शर्मा ने बताया कि यूपीआई व अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोज लगभग 30 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। मंगलवार को इंटरनेट नहीं चलने से ऑनलाइन भुगतान में लोगों को काफी परेशानी हुई।
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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दवा वितरण प्रक्रिया भी प्रभावित रही। इसके साथ ही तहसीलों में रजिस्ट्री के काम पर असर पड़ा, जिससे दिनभर लोग परेशान रहे। मंगलवार को पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया।
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जिला मजिस्ट्रेट विक्रम सिंह ने जिले में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत प्रभाव से धारा 144 लागू करने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी जिले नूंह में सोमवार को हुई सांप्रदायिक घटना के बाद शहर में किसी भी तरह की कानून व्यवस्था बिगड़ने के अंदेशे को देखते हुए यह कदम उठाए गए हैं।
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सोमवार रात को प्रशासन की ओर से इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई, जिससे लोगों को काफी दिक्कतें हुईं। जिला लीड बैंक के प्रबंधक हरिओम शर्मा ने बताया कि यूपीआई व अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोज लगभग 30 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। मंगलवार को इंटरनेट नहीं चलने से ऑनलाइन भुगतान में लोगों को काफी परेशानी हुई।
ऐसे में छोटी-बड़ी चीजें लोगों को नकद भुगतान कर खरीदनी पड़ी। इसी तरह ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पंजीकरण से लेकर दवा वितरण तक सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से होते हैं। इंटरनेट बंद होने से सबसे अधिक परेशानी दवा वितरण केंद्रों पर उठानी पड़ी।
मरीज की जांच के बाद डॉक्टरों की तरफ से दवा ऑनलाइन कर दी गई लेकिन इसका एसएमएस मरीज के फोन व दवा वितरण केंद्र पर नहीं पहुंचने से दवा लेने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। जिले में मंगलवार से तहसीलों में रजिस्ट्री का कार्य भी शुरू कर दिया गया लेकिन इंटरनेट बंद होने से यहां भी लोगों को समस्या से जूझना पड़ा।
पुलिस आयुक्त खुद सड़कों पर उतरे और फ्लैग मार्च निकाला
पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा मंगलवार को खुद सड़कों पर उतरे और फ्लैग मार्च निकाला। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार हजार पुलिस कर्मी शहर में तैनात किए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग किसी भी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है।
पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा मंगलवार को खुद सड़कों पर उतरे और फ्लैग मार्च निकाला। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार हजार पुलिस कर्मी शहर में तैनात किए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग किसी भी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है।
किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों पर किसी तरह का जमावड़ा करने वालों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर रखी है। उल्लंघन करने वालों को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मंगलवार को टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने सभी डीसीपी एसीपी, क्राइम ब्रांच और थाना प्रबंधक चौकी प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए कहीं पर भी किसी भी तरह की गड़बड़ी करने या धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
पांच से अधिक व्यक्ति किसी उद्देश्यपूर्ण मंशा से या किसी संगठन, जाति, धर्म ,समुदाय के खिलाफ इकट्ठा होकर कोई मीटिंग नारेबाजी धरना प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफाॅर्म पर पुलिस की मॉनिटरिंग जारी है। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने ,धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने संबंधित भड़काऊ और मैसेज फॉरवर्ड न करें। साइबर थाना पुलिस इस पर निगरानी रख रही है।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अपने मोबाइल की बजाय किसी दूसरे मोबाइल से कुछ मैसेज इधर-उधर फॉरवर्ड कर रहे थे। पुलिस ने ऐसे कई असामाजिक तत्वों को धर दबोचा। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा सेक्टर 21 स्थित कार्यालय से फ्लैग मार्च निकालते हुए निकले।
उनके साथ सभी डीसीपी, एसीपी व पुलिस की टीमें थीं। फ्लैग मार्च अनकीर चौकी से होते हुए बढ़खल गांव, सैनिक कॉलोनी मोड़, भाखरी गांव होते हुए पाली गांव से धौज, समयपुर, गौंछी के बाद सेक्टर 58 होते हुए मथुरा रोड पहुंचकर बल्लभगढ़ मेट्रो रेलवे स्टेशन, सेक्टर 3, सेक्टर 7 से सेक्टर 12 होता हुआ वापस पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचा।
शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी एसीपी 24 घंटे ड्यूटी पर रहकर पेट्रोलिंग करते रहेंगे। इसके लिए 8- 8 घंटे की शिफ्ट लगाई गई है। क्राइम ब्रांच की टीम संदिग्ध लोगों की निगरानी रख रही है। थाना चौकी की पुलिस ज्यादा से ज्यादा फोर्स के साथ अपने अपने एरिया में अलर्ट है। जिला प्रशासन ने सभी इलाकों के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि असामाजिक तत्वों के बहकावे में न आकर शांति बनाए रखें।