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Faridabad News: मकान बेचने के नाम पर एनआरआई पर तीन करोड़ की ठगी का आरोप
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व्यापारी की शिकायत पर थाना सेंट्रल पुलिस ने मामला दर्ज किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मकान बेचने के नाम पर एक अनिवासी भारतीय (एनआरआई) पर दिल्ली के एक व्यापारी ने तीन करोड़ पांच लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। दिल्ली निवासी व्यक्ति का कहना है कि फरीदाबाद के सेक्टर-14 स्थित मकान की एवज में पूरा पैसा लेने के बाद भी एनआरआई ने रजिस्ट्री नहीं कराई है। व्यापारी की शिकायत पर थाना सेंट्रल पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सीआर पार्क नई दिल्ली निवासी अशोक बोहरा पुत्र किशन चंद बोहरा ने सेंट्रल थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मई 2022 में एनआरआई सुनीत ओबराय के साथ सेक्टर-14 स्थित एक मकान के लिए अनुबंध हुआ था। सुनीत ने बताया था कि यह मकान उनके नाम पर दर्ज है अनुबंध के तहत अशोक ने सुनीत के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 2 करोड़ 20 लाख रुपये जमा कराए थे। अनुबंध के आधार पर सभी लेनदेन पूरे होने पर सुनीत ने उनको मकान पर कब्जा दे दिया।
बाद में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से पता चला कि यह मकान सुनीत ओबराय के पिता और मां के नाम पर दर्ज है। इसके बाद उन्होंने सुनीत से बात की तो उसने बाद में भारत आने पर रजिस्ट्री कराने की बात कही। 2024 में सुनीत भारत आया और रजिस्ट्री कराने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये लिए। इस दौरान एचएसवीपी से मकान अपने नाम ट्रांसफर कराकर वापस चला गया। इस दौरान सुनीत ने उनकी भतीजी नेहा बोहरा के नाम पर एचएसवीपी में मकान बेचने की अनुमति ली थी लेकिन इसकी रजिस्ट्री नहीं कराई। वह बार-बार रजिस्ट्री की बात कहते रहे लेकिन सुनीत ने ध्यान नहीं दिया।
आरोप है कि सुनीत ओबराय ने रजिस्ट्री कराने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये और आने-जाने का खर्च 8 लाख 50 हजार रुपये और ले लिए। इसके अलावा 45 लाख 59 हजार 750 रुपये इनकम टैक्स के रूप में जमा कराए। इसके अलावा 15 लाख 25 हजार रुपये के स्टांप खरीदे और कोर्ट फीस भी जमा की। 17 अप्रैल को सुनीत ओबराय भारत आया लेकिन उसने रजिस्ट्री कराने से मना कर दिया। पीड़ित ने 18 अप्रैल को सेंट्रल थाने में शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि आरोपी दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में ठहरा है। पुलिस की ओर से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मकान बेचने के नाम पर एक अनिवासी भारतीय (एनआरआई) पर दिल्ली के एक व्यापारी ने तीन करोड़ पांच लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। दिल्ली निवासी व्यक्ति का कहना है कि फरीदाबाद के सेक्टर-14 स्थित मकान की एवज में पूरा पैसा लेने के बाद भी एनआरआई ने रजिस्ट्री नहीं कराई है। व्यापारी की शिकायत पर थाना सेंट्रल पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सीआर पार्क नई दिल्ली निवासी अशोक बोहरा पुत्र किशन चंद बोहरा ने सेंट्रल थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मई 2022 में एनआरआई सुनीत ओबराय के साथ सेक्टर-14 स्थित एक मकान के लिए अनुबंध हुआ था। सुनीत ने बताया था कि यह मकान उनके नाम पर दर्ज है अनुबंध के तहत अशोक ने सुनीत के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 2 करोड़ 20 लाख रुपये जमा कराए थे। अनुबंध के आधार पर सभी लेनदेन पूरे होने पर सुनीत ने उनको मकान पर कब्जा दे दिया।
बाद में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से पता चला कि यह मकान सुनीत ओबराय के पिता और मां के नाम पर दर्ज है। इसके बाद उन्होंने सुनीत से बात की तो उसने बाद में भारत आने पर रजिस्ट्री कराने की बात कही। 2024 में सुनीत भारत आया और रजिस्ट्री कराने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये लिए। इस दौरान एचएसवीपी से मकान अपने नाम ट्रांसफर कराकर वापस चला गया। इस दौरान सुनीत ने उनकी भतीजी नेहा बोहरा के नाम पर एचएसवीपी में मकान बेचने की अनुमति ली थी लेकिन इसकी रजिस्ट्री नहीं कराई। वह बार-बार रजिस्ट्री की बात कहते रहे लेकिन सुनीत ने ध्यान नहीं दिया।
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आरोप है कि सुनीत ओबराय ने रजिस्ट्री कराने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये और आने-जाने का खर्च 8 लाख 50 हजार रुपये और ले लिए। इसके अलावा 45 लाख 59 हजार 750 रुपये इनकम टैक्स के रूप में जमा कराए। इसके अलावा 15 लाख 25 हजार रुपये के स्टांप खरीदे और कोर्ट फीस भी जमा की। 17 अप्रैल को सुनीत ओबराय भारत आया लेकिन उसने रजिस्ट्री कराने से मना कर दिया। पीड़ित ने 18 अप्रैल को सेंट्रल थाने में शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि आरोपी दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में ठहरा है। पुलिस की ओर से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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