फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   not a single hydraulic platform in a district with a population of 20 lakhs

राम भरोसे आग से सुरक्षा, 20 लाख की आबादी वाले जिले में एक भी हाईड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं

Tue, 06 Apr 2021 10:49 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 06 Apr 2021 10:49 PM IST
विज्ञापन
not a single hydraulic platform in a district with a population of 20 lakhs
फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। देश की सौ स्मार्ट सिटी में शुमार फरीदाबाद में आग से सुरक्षा की बात करें तो व्यवस्था भगवान भरोसे ही है। तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर फरीदाबाद में हजारों बहुमंजिला इमारतें हैं। जिनमें लाखों की आबादी रह रही है। इसके साथ लगातार नई-नई इमारतें बन भी रही हैं, लेकिन आग से सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है। करीब 20 लाख की आबादी वाले जिले में दमकल विभाग के पास मात्र नौ गाड़ियां ही हैं। हालात ये हैं कि जरा सी आगजनी पर ही दूसरे जिलों से गाड़ियां मंगवानी पड़ती हैं। ऐसे में यदि किसी बहुमंजिला इमारत में आग लगी तो लोगों की जिंदगी को बचाना काफी मुश्किल हो सकता है।
विज्ञापन

जिला अग्निशमन अधिकारी आरएस दहिया का कहना है कि शहर की आबादी और इमारतों की ऊंचाई को देखते हुए यहां हाईड्रोलिक प्लेट फार्म, फोम टेंडर व वॉटर टेंडर की भारी कमी है। स्टाफ को लेकर भी जिले में भारी समस्या है। जिले में मात्र 60 कर्मचारी हैं। जबकि दमकल विभाग में करीब 180 पद खाली पड़े हैं। इसमें सबसे ज्यादा कमी फायर ऑपरेटर की है। इसके साथ ही फायर मैन, सब फायर अधिकारी, फायर अधिकारी के पद भी खाली हैं।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि शहर में आग की घटना होने पर दूसरे जिलों से गाड़ियां मंगवानी पड़ती हैं। उन्हें आने में समय लगने के कारण आग पर काबू पाने में कई बार समय भी लग जाता है। इसके साथ ही अलग अलग तरह की आग पर काबू के लिए केवल पानी से बात नहीं बनती। इसके लिए फोम टेंडर व अन्य सुविधाएं भी जरूरी हैं। शहर में हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म एक भी नहीं है। पूरे प्रदेश में केवल तीन ही हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म हैं, जिसमें से दो गुरुग्राम और तीसरा पंचकूला में है। ऊंची इमारतों तक पानी पहुंचाने का जिले में व्यापक प्रबंध नहीं है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में केवल नौ ही गाड़ियां
जिले में फिलहाल नौ बड़ी गाड़ियां, तीन छोटी गाड़ी और तीन बुलेट मोटरसाइकिल हैं। जबकि नियमों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में प्रत्येक साढ़े सात किलोमीटर पर एक फायर स्टेशन होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक पचास हजार की आबादी पर एक दमकल गाड़ी होनी चाहिए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग बुझाने के लिए छोटी गाड़ियां और मोटरसाइकिल अतिरिक्त होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed