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Faridabad News: छापेमारी की भनक पर रिश्वत की रकम लेकर भागे पटवारी के सहायक को राहत नहीं
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रिश्वत की रकम बरामद होना बाकी, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। छापेमारी की भनक लगते ही रिश्वत की 25 हजार रुपये की रकम लेकर भागे हलका पटवारी के निजी सहायक आफताब को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने तीन जुलाई को उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के पास से रिश्वत की रकम अभी बरामद की जानी बाकी है। प्रभावी जांच के लिए उसकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक है, इसलिए उसे अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।
मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) फरीदाबाद में 29 अप्रैल को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राजपाल ने आरोप लगाया था कि जमीन की म्यूटेशन में सुधार कराने के बदले हलका पटवारी जावेद ने 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद एसीबी ने ट्रैप लगाकर 25 हजार रुपये की रिश्वत के साथ कार्रवाई की।
जांच के दौरान गिरफ्तार पटवारी जावेद ने खुलासा किया कि छापेमारी की भनक लगते ही उसने रिश्वत की 25 हजार रुपये की रकम अपने निजी सहायक आफताब को सौंप दी, जो रकम लेकर मौके से भाग गया। पुलिस का कहना है कि यही रकम अभी तक बरामद नहीं हुई है और इसकी बरामदगी के लिए आरोपी की हिरासत में पूछताछ जरूरी है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आफताब का नाम मूल एफआईआर में नहीं था और वह सरकारी कर्मचारी भी नहीं है। हालांकि अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और उसकी अग्रिम जमानत से जांच प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। छापेमारी की भनक लगते ही रिश्वत की 25 हजार रुपये की रकम लेकर भागे हलका पटवारी के निजी सहायक आफताब को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने तीन जुलाई को उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के पास से रिश्वत की रकम अभी बरामद की जानी बाकी है। प्रभावी जांच के लिए उसकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक है, इसलिए उसे अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।
मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) फरीदाबाद में 29 अप्रैल को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राजपाल ने आरोप लगाया था कि जमीन की म्यूटेशन में सुधार कराने के बदले हलका पटवारी जावेद ने 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद एसीबी ने ट्रैप लगाकर 25 हजार रुपये की रिश्वत के साथ कार्रवाई की।
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जांच के दौरान गिरफ्तार पटवारी जावेद ने खुलासा किया कि छापेमारी की भनक लगते ही उसने रिश्वत की 25 हजार रुपये की रकम अपने निजी सहायक आफताब को सौंप दी, जो रकम लेकर मौके से भाग गया। पुलिस का कहना है कि यही रकम अभी तक बरामद नहीं हुई है और इसकी बरामदगी के लिए आरोपी की हिरासत में पूछताछ जरूरी है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आफताब का नाम मूल एफआईआर में नहीं था और वह सरकारी कर्मचारी भी नहीं है। हालांकि अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और उसकी अग्रिम जमानत से जांच प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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