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Faridabad News: मारपीट का ठोस साक्ष्य नहीं, जमानत याचिका मंजूर
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अधिकारी के बुलाने पर जांच में शामिल होने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। खेड़ी पुल थाना क्षेत्र में डेढ़ लाख रुपये के लेनदेन को लेकर युवक से मारपीट के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने सोनू उर्फ नवीन को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने पाया कि आरोपी का नाम प्राथमिकी में नहीं है और रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य भी नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता से मारपीट की थी।
अदालत ने आरोपी के खिलाफ किसी बरामदगी या आगे की जांच की जरूरत भी नहीं मानी। अभियोजन के अनुसार शिकायतकर्ता अंकित हनुमान नगर में किराये पर रहता है। उसने करीब एक साल पहले पड़ोसी गली में रहने वाले पुनीत को डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे। रकम वापस मांगने पर पुनीत टालता रहा। 21 अगस्त की शाम पुनीत ने उसे गली के बाहर बुलाया। वहां सोनू, मंजीत और धवल भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता के अनुसार रकम वापस मांगने पर सोनू ने गाली-गलौज करते हुए उसे पैसे भूल जाने की धमकी दी। इसके बाद उस पर चाकू से हाथ, चेहरे, सीने और पीठ पर वार किए गए और अन्य युवकों ने भी मारपीट की थी। बचाव पक्ष ने कहा कि सोनू का घटना से कोई संबंध नहीं है और उसके खिलाफ कोई आपत्तिजनक साक्ष्य नहीं है। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी का नाम प्राथमिकी में नहीं है और उसके खिलाफ मारपीट में शामिल होने का कोई ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं है। गिरफ्तारी की स्थिति में उसे 75 हजार रुपये के जमानती बांड और इतनी ही राशि के जमानती पर अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया गया। उसे जांच अधिकारी के बुलाने पर जांच में शामिल होने के निर्देश भी दिए गए।
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फरीदाबाद। खेड़ी पुल थाना क्षेत्र में डेढ़ लाख रुपये के लेनदेन को लेकर युवक से मारपीट के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने सोनू उर्फ नवीन को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने पाया कि आरोपी का नाम प्राथमिकी में नहीं है और रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य भी नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता से मारपीट की थी।
अदालत ने आरोपी के खिलाफ किसी बरामदगी या आगे की जांच की जरूरत भी नहीं मानी। अभियोजन के अनुसार शिकायतकर्ता अंकित हनुमान नगर में किराये पर रहता है। उसने करीब एक साल पहले पड़ोसी गली में रहने वाले पुनीत को डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे। रकम वापस मांगने पर पुनीत टालता रहा। 21 अगस्त की शाम पुनीत ने उसे गली के बाहर बुलाया। वहां सोनू, मंजीत और धवल भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता के अनुसार रकम वापस मांगने पर सोनू ने गाली-गलौज करते हुए उसे पैसे भूल जाने की धमकी दी। इसके बाद उस पर चाकू से हाथ, चेहरे, सीने और पीठ पर वार किए गए और अन्य युवकों ने भी मारपीट की थी। बचाव पक्ष ने कहा कि सोनू का घटना से कोई संबंध नहीं है और उसके खिलाफ कोई आपत्तिजनक साक्ष्य नहीं है। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया।
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अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी का नाम प्राथमिकी में नहीं है और उसके खिलाफ मारपीट में शामिल होने का कोई ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं है। गिरफ्तारी की स्थिति में उसे 75 हजार रुपये के जमानती बांड और इतनी ही राशि के जमानती पर अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया गया। उसे जांच अधिकारी के बुलाने पर जांच में शामिल होने के निर्देश भी दिए गए।
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