{"_id":"6a5bc591d01f8610a00bc645","slug":"new-facility-for-testing-engineering-products-to-come-up-in-faridabad-preparations-underway-to-install-a-100-tonne-capacity-machine-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-75256-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: फरीदाबाद में इंजीनियरिंग उत्पादों की जांच को मिलेगी नई सुविधा, 100 टन क्षमता की मशीन लगाने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: फरीदाबाद में इंजीनियरिंग उत्पादों की जांच को मिलेगी नई सुविधा, 100 टन क्षमता की मशीन लगाने की तैयारी
विज्ञापन
एनआईटी स्थित सरकारी क्वालिटी मार्किंग सेंटर को आधुनिक मशीनों से किया जाएगा अपग्रेड
धातु उत्पादों की मजबूती से लेकर कठोरता तक की हो सकेगी जांच
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। फरीदाबाद के इंजीनियरिंग और धातु उद्योगों को अब अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए दूसरे शहरों की प्रयोगशालाओं पर कम निर्भर रहना पड़ सकता है। हरियाणा सरकार के आपूर्ति एवं निपटान विभाग की ओर से एनआईटी क्षेत्र स्थित सरकारी क्वालिटी मार्किंग सेंटर को आधुनिक टेस्टिंग मशीनों से लैस करने की तैयारी है। सेंटर में 1000 किलो न्यूटन यानी करीब 100 टन क्षमता की यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन समेत कई आधुनिक मशीनें लगाए जाने का प्रस्ताव है। इनके जरिए धातु और इंजीनियरिंग उत्पादों की मजबूती, टिकाऊपन, कठोरता और झटके सहने की क्षमता जैसी कई तकनीकी जांच की जा सकेगी।
नई सुविधाएं शुरू होने के बाद फरीदाबाद के छोटे और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों के नमूने जांच के लिए दिल्ली या एनसीआर से बाहर की प्रयोगशालाओं में भेजने की जरूरत कम हो सकती है। इससे जांच में लगने वाला समय, नमूने भेजने का खर्च और रिपोर्ट मिलने में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ सेंटर पर मशीनें स्थापित होने के बाद नियमित टेस्टिंग सुविधा, शुल्क और रिपोर्ट जारी करने की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
12 हजार से ज्यादा एमएसएमई इकाइयों वाले औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा फायदा
फरीदाबाद लंबे समय से इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, मशीनरी, फेब्रिकेशन और धातु उत्पादों के निर्माण का बड़ा केंद्र है। केंद्र सरकार के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के औद्योगिक क्लस्टर से जुड़े विवरण के अनुसार फरीदाबाद के इंजीनियरिंग क्लस्टर में करीब 12015 एमएसएमई इकाइयां हैं। इनमें ऑटोमोबाइल पार्ट्स, शीट मेटल कंपोनेंट और फेब्रिकेशन से जुड़े उद्योग बड़ी संख्या में हैं।
विज्ञापन
ऐसे में स्थानीय स्तर पर आधुनिक टेस्टिंग सुविधा उपलब्ध होना इन उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर छोटे उद्योगों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है क्योंकि बड़े उद्योगों की तुलना में उनके पास अपनी अत्याधुनिक जांच प्रयोगशाला स्थापित करने के संसाधन सीमित होते हैं। स्थानीय सेंटर पर जांच की सुविधा मिलने से वे कम समय और कम खर्च में अपने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे।
100 टन तक का दबाव डालकर जांच सकेगी मशीन
क्वालिटी मार्किंग सेंटर में प्रस्तावित 1000 किलो न्यूटन क्षमता वाली यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन सबसे महत्वपूर्ण मशीनों में शामिल है। यह मशीन किसी धातु या इंजीनियरिंग सामग्री पर लगातार बढ़ता हुआ दबाव डालकर यह जांचने में मदद करती है कि वह कितनी मजबूती से भार सह सकती है। इससे सामग्री की खिंचाव और दबाव सहने की क्षमता का पता लगाया जा सकता है।
इस तरह की जांच का इस्तेमाल मशीनों के पुर्जों, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट और अन्य धातु उत्पादों की गुणवत्ता परखने में किया जा सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि कोई उत्पाद तय मानकों के अनुसार मजबूत है या नहीं।
बार-बार पड़ने वाले दबाव से उत्पाद कितना टिकेगा, यह भी पता चलेगा
सेंटर में 100 किलो न्यूटन क्षमता की सर्वो-हाइड्रोलिक फटीग टेस्टिंग मशीन भी प्रस्तावित है। यह मशीन ऐसे उत्पादों और पुर्जों की जांच में उपयोगी होती है, जिन पर काम के दौरान बार-बार दबाव, कंपन या भार पड़ता रहता है। मसलन, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और मशीनरी के कई पुर्जे लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में किसी पुर्जे पर बार-बार पड़ने वाले दबाव से वह कितने समय तक मजबूत बना रहेगा, इसकी जांच इस मशीन से की जा सकती है। इससे उत्पाद की टिकाऊ क्षमता का आकलन करने में मदद मिलेगी।
झटके और धातु की कठोरता की भी होगी जांच
प्रस्तावित डिजिटल इम्पैक्ट टेस्टिंग मशीन से धातु की अचानक लगने वाले झटके को सहने की क्षमता की जांच की जा सकेगी। वहीं ब्रिनेल, रॉकवेल और विकर्स हार्डनेस टेस्टिंग मशीनों के जरिए अलग-अलग धातुओं और मिश्रधातुओं की कठोरता मापी जा सकेगी। इसके अलावा केस डेप्थ मेजरमेंट मशीन से धातु की सतह पर किए गए हार्डनिंग ट्रीटमेंट की गहराई का पता लगाया जा सकता है। इन सभी मशीनों के उपलब्ध होने से सेंटर पर इंजीनियरिंग और धातु उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़े कई तरह के परीक्षण एक ही स्थान पर किए जा सकेंगे।
बाहरी लैब पर निर्भरता घटने की उम्मीद
अभी कई औद्योगिक इकाइयों को उत्पादों की अलग-अलग तकनीकी जांच के लिए बाहरी प्रयोगशालाओं का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए नमूने भेजने, जांच पूरी होने और रिपोर्ट मिलने में समय लगता है। कई बार परिवहन और जांच की लागत भी छोटी औद्योगिक इकाइयों के लिए अतिरिक्त बोझ बन जाती है। यदि एनआईटी स्थित सेंटर पर प्रस्तावित सभी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध होती हैं तो स्थानीय उद्योगों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। इससे उत्पाद तैयार होने के बाद उसकी गुणवत्ता की जांच जल्दी कराना आसान होगा। गुणवत्ता रिपोर्ट मिलने से उद्योगों को अपने उत्पादों को ग्राहकों और अन्य औद्योगिक इकाइयों के सामने गुणवत्ता मानकों के अनुरूप साबित करने में भी मदद मिल सकती है।
मशीन लगने के बाद शुल्क और नियमित संचालन अहम
उद्योगों के लिए मशीनें स्थापित करना पहला कदम होगा। इसके बाद सेंटर का नियमित संचालन सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। मशीनों की समय-समय पर कैलिब्रेशन, रखरखाव और सही तरीके से जांच रिपोर्ट जारी करने की व्यवस्था जरूरी होगी। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए जांच शुल्क भी व्यावहारिक रखना महत्वपूर्ण होगा।
फरीदाबाद के लिए यह कार्य काफी मायने रखता है इससे काफी मदद मिलेगी।
रोहित गुप्ता उद्योगपति
फरीदाबाद में तेजी से कई सुविधा बढ़ रही है सरकार को इसी तरह तेजी से समस्याओं का समाधान करते रहना चाहिए
हेमंत, उद्योगपति
विज्ञापन
धातु उत्पादों की मजबूती से लेकर कठोरता तक की हो सकेगी जांच
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। फरीदाबाद के इंजीनियरिंग और धातु उद्योगों को अब अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए दूसरे शहरों की प्रयोगशालाओं पर कम निर्भर रहना पड़ सकता है। हरियाणा सरकार के आपूर्ति एवं निपटान विभाग की ओर से एनआईटी क्षेत्र स्थित सरकारी क्वालिटी मार्किंग सेंटर को आधुनिक टेस्टिंग मशीनों से लैस करने की तैयारी है। सेंटर में 1000 किलो न्यूटन यानी करीब 100 टन क्षमता की यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन समेत कई आधुनिक मशीनें लगाए जाने का प्रस्ताव है। इनके जरिए धातु और इंजीनियरिंग उत्पादों की मजबूती, टिकाऊपन, कठोरता और झटके सहने की क्षमता जैसी कई तकनीकी जांच की जा सकेगी।
नई सुविधाएं शुरू होने के बाद फरीदाबाद के छोटे और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों के नमूने जांच के लिए दिल्ली या एनसीआर से बाहर की प्रयोगशालाओं में भेजने की जरूरत कम हो सकती है। इससे जांच में लगने वाला समय, नमूने भेजने का खर्च और रिपोर्ट मिलने में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ सेंटर पर मशीनें स्थापित होने के बाद नियमित टेस्टिंग सुविधा, शुल्क और रिपोर्ट जारी करने की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
विज्ञापन
12 हजार से ज्यादा एमएसएमई इकाइयों वाले औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा फायदा
फरीदाबाद लंबे समय से इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, मशीनरी, फेब्रिकेशन और धातु उत्पादों के निर्माण का बड़ा केंद्र है। केंद्र सरकार के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के औद्योगिक क्लस्टर से जुड़े विवरण के अनुसार फरीदाबाद के इंजीनियरिंग क्लस्टर में करीब 12015 एमएसएमई इकाइयां हैं। इनमें ऑटोमोबाइल पार्ट्स, शीट मेटल कंपोनेंट और फेब्रिकेशन से जुड़े उद्योग बड़ी संख्या में हैं।
विज्ञापन
ऐसे में स्थानीय स्तर पर आधुनिक टेस्टिंग सुविधा उपलब्ध होना इन उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर छोटे उद्योगों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है क्योंकि बड़े उद्योगों की तुलना में उनके पास अपनी अत्याधुनिक जांच प्रयोगशाला स्थापित करने के संसाधन सीमित होते हैं। स्थानीय सेंटर पर जांच की सुविधा मिलने से वे कम समय और कम खर्च में अपने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे।
100 टन तक का दबाव डालकर जांच सकेगी मशीन
क्वालिटी मार्किंग सेंटर में प्रस्तावित 1000 किलो न्यूटन क्षमता वाली यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन सबसे महत्वपूर्ण मशीनों में शामिल है। यह मशीन किसी धातु या इंजीनियरिंग सामग्री पर लगातार बढ़ता हुआ दबाव डालकर यह जांचने में मदद करती है कि वह कितनी मजबूती से भार सह सकती है। इससे सामग्री की खिंचाव और दबाव सहने की क्षमता का पता लगाया जा सकता है।
इस तरह की जांच का इस्तेमाल मशीनों के पुर्जों, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट और अन्य धातु उत्पादों की गुणवत्ता परखने में किया जा सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि कोई उत्पाद तय मानकों के अनुसार मजबूत है या नहीं।
बार-बार पड़ने वाले दबाव से उत्पाद कितना टिकेगा, यह भी पता चलेगा
सेंटर में 100 किलो न्यूटन क्षमता की सर्वो-हाइड्रोलिक फटीग टेस्टिंग मशीन भी प्रस्तावित है। यह मशीन ऐसे उत्पादों और पुर्जों की जांच में उपयोगी होती है, जिन पर काम के दौरान बार-बार दबाव, कंपन या भार पड़ता रहता है। मसलन, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और मशीनरी के कई पुर्जे लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में किसी पुर्जे पर बार-बार पड़ने वाले दबाव से वह कितने समय तक मजबूत बना रहेगा, इसकी जांच इस मशीन से की जा सकती है। इससे उत्पाद की टिकाऊ क्षमता का आकलन करने में मदद मिलेगी।
झटके और धातु की कठोरता की भी होगी जांच
प्रस्तावित डिजिटल इम्पैक्ट टेस्टिंग मशीन से धातु की अचानक लगने वाले झटके को सहने की क्षमता की जांच की जा सकेगी। वहीं ब्रिनेल, रॉकवेल और विकर्स हार्डनेस टेस्टिंग मशीनों के जरिए अलग-अलग धातुओं और मिश्रधातुओं की कठोरता मापी जा सकेगी। इसके अलावा केस डेप्थ मेजरमेंट मशीन से धातु की सतह पर किए गए हार्डनिंग ट्रीटमेंट की गहराई का पता लगाया जा सकता है। इन सभी मशीनों के उपलब्ध होने से सेंटर पर इंजीनियरिंग और धातु उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़े कई तरह के परीक्षण एक ही स्थान पर किए जा सकेंगे।
बाहरी लैब पर निर्भरता घटने की उम्मीद
अभी कई औद्योगिक इकाइयों को उत्पादों की अलग-अलग तकनीकी जांच के लिए बाहरी प्रयोगशालाओं का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए नमूने भेजने, जांच पूरी होने और रिपोर्ट मिलने में समय लगता है। कई बार परिवहन और जांच की लागत भी छोटी औद्योगिक इकाइयों के लिए अतिरिक्त बोझ बन जाती है। यदि एनआईटी स्थित सेंटर पर प्रस्तावित सभी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध होती हैं तो स्थानीय उद्योगों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। इससे उत्पाद तैयार होने के बाद उसकी गुणवत्ता की जांच जल्दी कराना आसान होगा। गुणवत्ता रिपोर्ट मिलने से उद्योगों को अपने उत्पादों को ग्राहकों और अन्य औद्योगिक इकाइयों के सामने गुणवत्ता मानकों के अनुरूप साबित करने में भी मदद मिल सकती है।
मशीन लगने के बाद शुल्क और नियमित संचालन अहम
उद्योगों के लिए मशीनें स्थापित करना पहला कदम होगा। इसके बाद सेंटर का नियमित संचालन सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। मशीनों की समय-समय पर कैलिब्रेशन, रखरखाव और सही तरीके से जांच रिपोर्ट जारी करने की व्यवस्था जरूरी होगी। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए जांच शुल्क भी व्यावहारिक रखना महत्वपूर्ण होगा।
फरीदाबाद के लिए यह कार्य काफी मायने रखता है इससे काफी मदद मिलेगी।
रोहित गुप्ता उद्योगपति
फरीदाबाद में तेजी से कई सुविधा बढ़ रही है सरकार को इसी तरह तेजी से समस्याओं का समाधान करते रहना चाहिए
हेमंत, उद्योगपति