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जलभराव की समस्या पर कोताही बर्दाश्त नहीं : उपायुक्त

Thu, 05 Jun 2025 12:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:13 AM IST
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Negligence on the problem of waterlogging will not be tolerated: Deputy Commissioner
जलभराव रोकने के प्रयासों को देखने मैदान में उतरे उपायुक्त, कई अंडरपास व ड्रेन का किया दौरा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बारिश शुरू होने से पहले जिले में जलभराव रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखने बुधवार को जिला उपायुक्त विक्रम सिंह खुद मैदान में उतरे। सभी विभागों के अधिकारियों के साथ उन्होंने ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास, सेक्टर 21-ए डिस्पोजल, स्मार्ट रोड-बड़खल और एनएचपीसी अंडरपास का निरीक्षण किया।
इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जरूरी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं ताकि इस वर्ष शहरवासियों को पिछली बार की तरह जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य इस बार शहर को जलभराव से पूरी तरह मुक्त रखना है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लगातार कार्य कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विशेष रूप से ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास का जायजा लिया। जहां बरसात के मौसम में सबसे अधिक जलभराव की शिकायतें आती रही हैं। उन्होंने बताया कि ओल्ड अंडरपास की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नई ड्रेनेज लाइन डालने की अनुमति मिल गई है। जिससे बारिश का पानी तत्काल निपटान सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भी रेलवे डीआरएम से अनुमति मिल गई है, जोकि जल निकासी व्यवस्था के संचालन में सहायक होगा।
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नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और निरीक्षण का कार्य जारी
निरीक्षण के बाद उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से शहर के सभी प्रमुख नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई व निरीक्षण का कार्य जारी है। जहां-जहां नालों में अवरोध या जल निकासी में बाधा की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, वहां त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्लॉकेज को हटाया गया है। कई स्थानों पर जर्जर नालों की मरम्मत का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में जल निकासी प्रणाली की क्षमता अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां तत्काल प्रभाव से उसकी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अतिरिक्त पाइपलाइन, पंपिंग सेट्स और आवश्यक तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
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लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन नियमित रूप से दौरा करें। नालों, ड्रेनेज सिस्टम और अंडरपास की सफाई व्यवस्था की सघन निगरानी सुनिश्चित करें। मानसून से पूर्व सभी व्यवस्थाओं की मौके पर समीक्षा अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही से जनजीवन प्रभावित न हो। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस बार जलभराव की समस्या को लेकर किसी भी स्तर पर कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह समय सक्रियता और जवाबदेही का है और प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को स्वच्छ और जलभराव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।


लोगों से नालों में कूड़ा न डालने की अपील
उपायुक्त विक्रम सिंह ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे नालियों में पॉलीथिन, घरेलू कचरा या किसी भी प्रकार का ठोस अपशिष्ट न डालें। स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि नालों में कचरा नहीं डाला जाएगा, तो जलभराव की समस्या काफी हद तक रोकी जा सकती है।
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