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Faridabad News: पथरी के इलाज में बरती गई लापरवाही से हुई थी मौत, पांच महीने बाद केस दर्ज

Sun, 21 Sep 2025 01:07 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 21 Sep 2025 01:07 AM IST
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Negligence in the treatment of kidney stones led to death, case filed after five months
पत्नी की शिकायत पर केस की जांच बीके अस्पताल के मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड से कराई गई
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संवाद न्यूज एजेंसी



फरीदाबाद। एनआईटी तीन स्थित मैक्स स्टोन एंड सर्जिकल सेंटर में पथरी के इलाज में बरती गई लापरवाही से एक व्यक्ति की जान चली गई। घटना अप्रैल की है। पत्नी की शिकायत पर केस की जांच बीके अस्पताल के मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड से कराई गई। बोर्ड की रिपोर्ट में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई । जिस पर पांच महीने बाद दो डॉक्टराें के खिलाफ थाना एसजीएम नगर में केस दर्ज करवाया है।


न्यू हरी नगर कॉलोनी सेक्टर-87 निवासी कविता ने बताया कि उनके पति ओमवीर निजी कंपनी में नौकरी करते थे। 15 अप्रैल को पति के पेट में दर्द हुआ तो वह साईं क्लीनिक चाचा चौक पर दिखाने के लिए गई। अल्ट्रासाउंड में पति ओमवीर सिंह की पित्त की थैली में पथरी बताई गई। क्लीनिक चलाने वाले दीपांशु राठौर ने पति के ऑपरेशन के लिए मैक्स स्टोन सर्जिकल सेंटर एनआईटी 3 में डॉक्टर मखीजा से मिलाया। उन्होंने इलाज के लिए 28 हजार रुपये जमा करा लिए। उन्होंने पति को अस्पताल में 17 अप्रैल को भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने कहा कि अभी जांच में 5 घंटे का समय लग सकता है। जिस पर वह अपने बड़े बेटे को अस्पताल में छोड़कर घर चली आई। कुछ समय के बाद डॉक्टर मखीजा और बाहर से बुलाए गए डॉक्टर जसमीत ने मिलकर उनके पति का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद भी उनके पति ओमवीर सिंह के पेट का दर्द बंद नहीं हुआ। उनके पति को आईसीयू में रखा गया था। एक दिन बीत जाने के बाद भी दर्द बंद नहीं हुआ और पेट भी फूलता जा रहा था।
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जब उन्होंने डॉक्टर से बात की तो उसने कहा कि अभी एक सप्ताह तक अस्पताल में रखना पड़ेगा। जबकि ऑपरेशन दूरबीन से किया गया था। उन्होंने बताया कि पेट लगातार फूलता जा रहा था, तो शक होने पर पति का सेक्टर-16 में सीटी स्कैन कराया। जिसमें पता चला कि ऑपरेशन के दौरान पति की बड़ी आत फटी हुई है। वह वापस अस्पताल पहुंची तो डॉ. मखीजा और डॉ. जसमीत ने कहा कि वह किसी बड़े अस्पताल ले जाओ। कुछ समय के बाद दोनों अस्पताल से भाग गए।
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27 अप्रैल को हुई थी मृत्यु
उनके पति की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्होंने 18 अप्रैल की रात को वी केयर अस्पताल सेक्टर 76 में दाखिल कराया था। 18 अप्रैल से 27 अप्रैल 2025 तक पति वेंटिलेटर पर थे। 27 अप्रैल 2025 को सुबह करीब 3 बजे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से उनके पति की जान गई है। जिसको लेकर उन्होंने मेडिकल बोर्ड को शिकायत की थी।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि इस केस की जांच बीके अस्पताल के मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड से कराई गई थी। बोर्ड की रिपोर्ट में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई। जिस पर दोनों डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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