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जनता की समस्याओं के निवारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: डीसी
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अतिरिक्त मुख्य सचिव की बैठक के बाद उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्वा कुमार सिंह द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली गई समीक्षा बैठक के बाद, उपायुक्त आयुष सिन्हा ने समाधान शिविर की लंबित शिकायतों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के अधिकारियों को कहा है कि जनता की समस्याओं के निवारण में किसी भी प्रकार की पेंडेंसी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीसी आयुष सिन्हा ने समीक्षा के दौरान पाया कि वर्ष 2024 और 2025 की कई शिकायतें अभी भी पोर्टल पर लंबित हैं, जिन पर अब तक एक बार भी एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा नहीं की गई है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को आदेश दिए कि वे आंतरिक बैठक कर जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा करें। इसके साथ ही शिक्षा, उद्योग और समाज कल्याण विभाग को भी अपनी रिपोर्ट तत्काल अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने एटीआर जमा करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। अब अधिकारियों को परफॉर्मा भरते समय स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करना होगा कि शिकायतकर्ता को फोन पर सूचना दी गई है या नहीं और वह समाधान से संतुष्ट है या नहीं। डीसी ने अनिवार्य किया है कि समाधान रिपोर्ट पर संबंधित व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट अंकित हो, ताकि कोई भी शिकायत तकनीकी आधार पर दोबारा री-ओपन न हो सके।
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डीसी ने स्पष्ट किया कि सरकार समाधान शिविर के माध्यम से त्वरित न्याय देने के लिए गंभीर है। अधिकारियों को फर्स्ट इन टाइम के सिद्धांत पर काम करते हुए पुरानी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना होगा। उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता का संतुष्ट होना अनिवार्य है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे अपनी समस्याओं के लिए प्रत्येक सोमवार और बृहस्पतिवार को सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होने वाले समाधान शिविरों का लाभ उठाएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्वा कुमार सिंह द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली गई समीक्षा बैठक के बाद, उपायुक्त आयुष सिन्हा ने समाधान शिविर की लंबित शिकायतों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के अधिकारियों को कहा है कि जनता की समस्याओं के निवारण में किसी भी प्रकार की पेंडेंसी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीसी आयुष सिन्हा ने समीक्षा के दौरान पाया कि वर्ष 2024 और 2025 की कई शिकायतें अभी भी पोर्टल पर लंबित हैं, जिन पर अब तक एक बार भी एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा नहीं की गई है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को आदेश दिए कि वे आंतरिक बैठक कर जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा करें। इसके साथ ही शिक्षा, उद्योग और समाज कल्याण विभाग को भी अपनी रिपोर्ट तत्काल अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उपायुक्त ने एटीआर जमा करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। अब अधिकारियों को परफॉर्मा भरते समय स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करना होगा कि शिकायतकर्ता को फोन पर सूचना दी गई है या नहीं और वह समाधान से संतुष्ट है या नहीं। डीसी ने अनिवार्य किया है कि समाधान रिपोर्ट पर संबंधित व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट अंकित हो, ताकि कोई भी शिकायत तकनीकी आधार पर दोबारा री-ओपन न हो सके।
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डीसी ने स्पष्ट किया कि सरकार समाधान शिविर के माध्यम से त्वरित न्याय देने के लिए गंभीर है। अधिकारियों को फर्स्ट इन टाइम के सिद्धांत पर काम करते हुए पुरानी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना होगा। उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता का संतुष्ट होना अनिवार्य है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे अपनी समस्याओं के लिए प्रत्येक सोमवार और बृहस्पतिवार को सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होने वाले समाधान शिविरों का लाभ उठाएं।