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बिजली निगम की लापरवाही - मोबाइल टावर का भेजा 1.5 करोड़ का बिल
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मोबाइल टावर का भेजा 1.5 करोड़ का बिल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बिजली निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। निगम की ओर से एक मोबाइल टावर उपभोक्ता को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बिल भेजा गया है। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (सीजीआरएफ) में की है। फोरम के चेयरमैन केडी बंसल ने इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत सुनते हुए बिल सुधारने के आदेश दिए है।
उपभोक्ता परविंद्र भड़ाना ने बताया कि बल्लभगढ़ भगत सिंह कॉलोनी में शिवम इंफोकॉम कंपनी के नाम पर वोडाफोन का मोबाइल टावर लगा है। हर महीने उनका करीब 35 हजार रुपये बिजली बिल आता है, जिसे वह समय पर भर देते हैं। पिछले दिनों बिजली निगम ने उन्हें नौ लाख यूनिट का 1.64 करोड़ रुपये का बिजली भेज दिया है। बिल को ठीक करवाने के लिए कई बार विभाग में शिकायत की। इसके अलावा उनके यहां डॉमेस्टिक (घरेलू) कनेक्शन लगा है, जबकि उन्होंने नॉन डॉमेस्टिक (व्यवसायिक) कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इसे ठीक करने के लिए भी वह कई बार शिकायत कर चुके है, मगर हर बार उन्हें एवरेज बिल बनाकर दे दिया जाता है। उन्होंने बताया कि थक हारकर मामले की शिकायत सीजीआरएफ फोरम में की। फोरम के चेयरमैन केडी बंसल ने बताया कि बैठक में 21 मामले आए थे। इनमें ये मामला भी शामिल थे। इस मामले में सबडिवीजन अधिकारियों को मामले का समाधान कर अगली बैठक में सभी कागजात सहित पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बिजली निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। निगम की ओर से एक मोबाइल टावर उपभोक्ता को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बिल भेजा गया है। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (सीजीआरएफ) में की है। फोरम के चेयरमैन केडी बंसल ने इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत सुनते हुए बिल सुधारने के आदेश दिए है।
उपभोक्ता परविंद्र भड़ाना ने बताया कि बल्लभगढ़ भगत सिंह कॉलोनी में शिवम इंफोकॉम कंपनी के नाम पर वोडाफोन का मोबाइल टावर लगा है। हर महीने उनका करीब 35 हजार रुपये बिजली बिल आता है, जिसे वह समय पर भर देते हैं। पिछले दिनों बिजली निगम ने उन्हें नौ लाख यूनिट का 1.64 करोड़ रुपये का बिजली भेज दिया है। बिल को ठीक करवाने के लिए कई बार विभाग में शिकायत की। इसके अलावा उनके यहां डॉमेस्टिक (घरेलू) कनेक्शन लगा है, जबकि उन्होंने नॉन डॉमेस्टिक (व्यवसायिक) कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इसे ठीक करने के लिए भी वह कई बार शिकायत कर चुके है, मगर हर बार उन्हें एवरेज बिल बनाकर दे दिया जाता है। उन्होंने बताया कि थक हारकर मामले की शिकायत सीजीआरएफ फोरम में की। फोरम के चेयरमैन केडी बंसल ने बताया कि बैठक में 21 मामले आए थे। इनमें ये मामला भी शामिल थे। इस मामले में सबडिवीजन अधिकारियों को मामले का समाधान कर अगली बैठक में सभी कागजात सहित पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
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