{"_id":"65524bd0f8456dd03e0e82b4","slug":"more-than-40-patients-burnt-on-diwali-faridabad-news-c-26-1-gnd1001-16746-2023-11-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: दीपावली पर झुलसे 40 से अधिक मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: दीपावली पर झुलसे 40 से अधिक मरीज
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद जिले में जमकर आतिशबाजी हुई। शहरवासियों ने जमकर पटाखे चलाए। देर रात तक बम और रॉकेट के धमाकों की आवाज सुनाई दी। इस बीच पटाखे चलाने के दौरान कुछ लोग झुलसे भी हैं। जिले में करीब 40 लोग पटाखे जलाने के दौरान झुलसे हैं। हालांकि इस बार गनीमत रही कि पटाखों की वजह से कोई भी गंभीर रूप से नहीं झुलसा।
जिला सीविल अस्पताल में रविवार दोपहर 12 से शाम चार बजे तक मात्र सात झुलसे हुए पहुंचे थे। जिन्हें उपचार देकर घर वापस भेज दिया गया। हर वर्ष प्रतिबंध के बावजूद औद्योगिक जिले में पटाखे चलते हैं और इस दौरान कई लोग गंभीर रूप से झुलस जाते हैं। उन्हें अस्पताल भर्ती भी करना पड़ता है। इस बार भी पटाखों पर प्रतिबंध था। इसके बाद पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सबसे अधिक चले और लोग झुलसे भी हैं। एनआइटी पांच स्थित एक निजी अस्पताल में भी मात्र 10 लोग झुलसे हुए उपचार के लिए पहुंचे। मामूली रूप से झुलसे होने के कारण सभी को उपचार देकर घर भेज दिया गया। किसी को भी भर्ती करने की आवश्यकता नहीं हुई। इस संबंध में प्रधान चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सविता यादव ने बताया कि नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी सात झुलसे लोग उपचार के लिए आए थे। उन्हें उपचार देकर घर भेज दिया गया।
12 बर्न के मरीजों ने करवाया उपचार
बल्लभगढ़ की एम्स शाखा में दीपावली के अवसर पर 12 से अधिक मरीज बर्न के आए। जिनको इमरजेंसी में उपचार देने के बाद घर भेज दिया गया। दो मरीजों को बीके अस्पताल रेफर किया गया। इसके अलावा बल्लभगढ़ में 20 से अधिक छोटे-बड़े निजी अस्पताल में भी बर्न के 20 से अधिक मरीज उपचार के लिए आए। इसमें सबसे ज्यादा मरीज पटाखों की वजह से बर्न हुए पाए गए। जिसमें 15 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे अधिक थे।
विज्ञापन
इमरजेंसी में आने वाले सभी बर्न के मरीजों को प्राथमिक उपचार सम पर दिया गया। वहीं जिन मरीजों को रेफर किया गया उनको एंबुलेंस के जरिए भेजा गया।
डॉक्टर टी सी गिदावल, एसएमओ, एम्स शाखा
विज्ञापन
फरीदाबाद। पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद जिले में जमकर आतिशबाजी हुई। शहरवासियों ने जमकर पटाखे चलाए। देर रात तक बम और रॉकेट के धमाकों की आवाज सुनाई दी। इस बीच पटाखे चलाने के दौरान कुछ लोग झुलसे भी हैं। जिले में करीब 40 लोग पटाखे जलाने के दौरान झुलसे हैं। हालांकि इस बार गनीमत रही कि पटाखों की वजह से कोई भी गंभीर रूप से नहीं झुलसा।
जिला सीविल अस्पताल में रविवार दोपहर 12 से शाम चार बजे तक मात्र सात झुलसे हुए पहुंचे थे। जिन्हें उपचार देकर घर वापस भेज दिया गया। हर वर्ष प्रतिबंध के बावजूद औद्योगिक जिले में पटाखे चलते हैं और इस दौरान कई लोग गंभीर रूप से झुलस जाते हैं। उन्हें अस्पताल भर्ती भी करना पड़ता है। इस बार भी पटाखों पर प्रतिबंध था। इसके बाद पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सबसे अधिक चले और लोग झुलसे भी हैं। एनआइटी पांच स्थित एक निजी अस्पताल में भी मात्र 10 लोग झुलसे हुए उपचार के लिए पहुंचे। मामूली रूप से झुलसे होने के कारण सभी को उपचार देकर घर भेज दिया गया। किसी को भी भर्ती करने की आवश्यकता नहीं हुई। इस संबंध में प्रधान चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सविता यादव ने बताया कि नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी सात झुलसे लोग उपचार के लिए आए थे। उन्हें उपचार देकर घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
12 बर्न के मरीजों ने करवाया उपचार
बल्लभगढ़ की एम्स शाखा में दीपावली के अवसर पर 12 से अधिक मरीज बर्न के आए। जिनको इमरजेंसी में उपचार देने के बाद घर भेज दिया गया। दो मरीजों को बीके अस्पताल रेफर किया गया। इसके अलावा बल्लभगढ़ में 20 से अधिक छोटे-बड़े निजी अस्पताल में भी बर्न के 20 से अधिक मरीज उपचार के लिए आए। इसमें सबसे ज्यादा मरीज पटाखों की वजह से बर्न हुए पाए गए। जिसमें 15 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे अधिक थे।
विज्ञापन
इमरजेंसी में आने वाले सभी बर्न के मरीजों को प्राथमिक उपचार सम पर दिया गया। वहीं जिन मरीजों को रेफर किया गया उनको एंबुलेंस के जरिए भेजा गया।
डॉक्टर टी सी गिदावल, एसएमओ, एम्स शाखा