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ईएसआईसी कार्ड के लिए मोबाइल और खाता नंबर देना अनिवार्य
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फरीदाबाद। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने बीमा क्लेम के दौरान होने वाली हेराफेरी रोकने के लिए मोबाइल और बैंक खाता नंबर अनिवार्य कर दिया है। अब नया ईएसआई कार्ड बनवाते समय कर्मचारी को मोबाइल नंबर और बैंक खाता नंबर देना होगा। मातृत्व अवकाश घोटाले के बाद निगम का इसे एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम के लाभार्थियों के लिए अभी तक मोबाइल नंबर और बैंक खाता नंबर देना अनिवार्य नहीं था। कर्मचारी से खाता नंबर तभी लिया जाता था जब उसे किसी तरह का क्लेम देना होता था। इसी वजह से वर्ष 2019 में मातृत्व अवकाश घोटाला सामने आया था, जिसमें निजी क्षेत्र में कार्यरत कई महिलाओं ने निगम की मातृत्व अवकाश सुविधा का लाभ उठाने के लिए खुद को एक साल में चार-चार बार गर्भवती दिखाया था। कुछ महिलाओं ने 15 से 20 बार गर्भवती दिखाकर मातृत्व अवकाश का लाभ लिया था।
अब ऐसा करना कर्मचारियों और ठेकेदारों के लिए आसान नहीं होगा। निगम नियम कड़े कर दिए हैं। इससे कार्य में पारदर्शिता आएगी। अभी तक नियोजक कर्मचारी का कार्ड नंबर अलॉट कर देते थे मगर वे अक्सर बताते नहीं थे मगर अब नया कार्ड बनवाते समय मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा। इससे संबंधित मोबाइल नंबर पर ओटीपी पहुंचेगा। इससे कर्मचारी अपने द्वारा दी गई जानकारी का पुख्ता कर सकेगा। कभी कोई बदलाव भी करेगा तो उसे भी ओटीपी से ही बदल सकता है। बैंक डिटेल में कर्मचारी की बैंक की पासबुक और एक कैंसल चेक देना होगा। इससे निगम की ओर से अगर भविष्य में कार्ड धारक को कोई लाभ दिया जाता है तो वह सभी व्यक्ति के खाते में ही पहुंचेगा।
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ईएसआईसी की ओर से नए कार्ड धारकों को ईएसआई में रजिस्ट्रेशन करवाते समय मोबाइल नंबर और बैंक डिटेज देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे सिस्टम में सुधार होगा, पारदर्शिता आएगी। कोई भी ठेकेदार कर्मचारी का ईएसआई नंबर देने में आनाकानी नहीं कर सकेगा। इससे कर्मचारी ईएसआईसी की सुविधाओं का आसानी से लाभ ले सकेंगे। - आशीष दीक्षित, सहायक निदेशक, ईएसआईसी क्षेत्रीय कार्यालय
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कर्मचारी राज्य बीमा निगम के लाभार्थियों के लिए अभी तक मोबाइल नंबर और बैंक खाता नंबर देना अनिवार्य नहीं था। कर्मचारी से खाता नंबर तभी लिया जाता था जब उसे किसी तरह का क्लेम देना होता था। इसी वजह से वर्ष 2019 में मातृत्व अवकाश घोटाला सामने आया था, जिसमें निजी क्षेत्र में कार्यरत कई महिलाओं ने निगम की मातृत्व अवकाश सुविधा का लाभ उठाने के लिए खुद को एक साल में चार-चार बार गर्भवती दिखाया था। कुछ महिलाओं ने 15 से 20 बार गर्भवती दिखाकर मातृत्व अवकाश का लाभ लिया था।
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अब ऐसा करना कर्मचारियों और ठेकेदारों के लिए आसान नहीं होगा। निगम नियम कड़े कर दिए हैं। इससे कार्य में पारदर्शिता आएगी। अभी तक नियोजक कर्मचारी का कार्ड नंबर अलॉट कर देते थे मगर वे अक्सर बताते नहीं थे मगर अब नया कार्ड बनवाते समय मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा। इससे संबंधित मोबाइल नंबर पर ओटीपी पहुंचेगा। इससे कर्मचारी अपने द्वारा दी गई जानकारी का पुख्ता कर सकेगा। कभी कोई बदलाव भी करेगा तो उसे भी ओटीपी से ही बदल सकता है। बैंक डिटेल में कर्मचारी की बैंक की पासबुक और एक कैंसल चेक देना होगा। इससे निगम की ओर से अगर भविष्य में कार्ड धारक को कोई लाभ दिया जाता है तो वह सभी व्यक्ति के खाते में ही पहुंचेगा।
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ईएसआईसी की ओर से नए कार्ड धारकों को ईएसआई में रजिस्ट्रेशन करवाते समय मोबाइल नंबर और बैंक डिटेज देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे सिस्टम में सुधार होगा, पारदर्शिता आएगी। कोई भी ठेकेदार कर्मचारी का ईएसआई नंबर देने में आनाकानी नहीं कर सकेगा। इससे कर्मचारी ईएसआईसी की सुविधाओं का आसानी से लाभ ले सकेंगे। - आशीष दीक्षित, सहायक निदेशक, ईएसआईसी क्षेत्रीय कार्यालय