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Faridabad News: छांयसा मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक बनने से मातृत्व सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
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सिजेरियन डिलीवरी के दौरान रक्त की जरूरत पड़ने पर कई गर्भवतियों को करना पड़ता है रेफर, नई सुविधा से मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। छांयसा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में जल्द शुरू होने जा रहे पूर्ण विकसित ब्लड बैंक से मातृत्व सुरक्षा को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में केवल ब्लड स्टोरेज यूनिट संचालित हो रही है। ऐसे में सिजेरियन डिलीवरी या प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव की आशंका वाले मामलों में कई बार गर्भवतियों को बीके नागरिक अस्पताल रेफर करना पड़ता है। ब्लड बैंक शुरू होने के बाद ऐसी परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए पहुंचती हैं। सामान्य प्रसव के साथ-साथ सिजेरियन डिलीवरी भी की जाती है, लेकिन जटिल मामलों में अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल को बीके नागरिक अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार आपात स्थिति में मरीजों को रेफर करना पड़ता है, जिससे उपचार में देरी होने का खतरा बना रहता है।
ब्लड बैंक शुरू होने से मिलेगी त्वरित सुविधा
कॉलेज प्रशासन के अनुसार ब्लड बैंक स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए आवश्यक उपकरण, तकनीकी संसाधन और लाइसेंस संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। ब्लड बैंक शुरू होने के बाद रक्त संग्रहण, जांच, प्रसंस्करण और वितरण की सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध होगी।
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नई सुविधा से केवल गर्भवतियों ही नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों, गंभीर मरीजों और सर्जरी कराने वाले मरीजों को भी समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे छांयसा, पलवल, बल्लभगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों मरीजों को लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक की स्थापना से मातृ मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह सुविधा मेडिकल कॉलेज को क्षेत्र के प्रमुख चिकित्सा केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी।
मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक स्थापित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने से विशेष रूप से प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग को बड़ी मजबूती मिलेगी और आपात स्थिति में गर्भवतियों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।-डॉ. विनोद कुमार, निदेशक, अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। छांयसा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में जल्द शुरू होने जा रहे पूर्ण विकसित ब्लड बैंक से मातृत्व सुरक्षा को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में केवल ब्लड स्टोरेज यूनिट संचालित हो रही है। ऐसे में सिजेरियन डिलीवरी या प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव की आशंका वाले मामलों में कई बार गर्भवतियों को बीके नागरिक अस्पताल रेफर करना पड़ता है। ब्लड बैंक शुरू होने के बाद ऐसी परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए पहुंचती हैं। सामान्य प्रसव के साथ-साथ सिजेरियन डिलीवरी भी की जाती है, लेकिन जटिल मामलों में अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल को बीके नागरिक अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार आपात स्थिति में मरीजों को रेफर करना पड़ता है, जिससे उपचार में देरी होने का खतरा बना रहता है।
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ब्लड बैंक शुरू होने से मिलेगी त्वरित सुविधा
कॉलेज प्रशासन के अनुसार ब्लड बैंक स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए आवश्यक उपकरण, तकनीकी संसाधन और लाइसेंस संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। ब्लड बैंक शुरू होने के बाद रक्त संग्रहण, जांच, प्रसंस्करण और वितरण की सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध होगी।
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नई सुविधा से केवल गर्भवतियों ही नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों, गंभीर मरीजों और सर्जरी कराने वाले मरीजों को भी समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे छांयसा, पलवल, बल्लभगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों मरीजों को लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक की स्थापना से मातृ मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह सुविधा मेडिकल कॉलेज को क्षेत्र के प्रमुख चिकित्सा केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी।
मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक स्थापित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने से विशेष रूप से प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग को बड़ी मजबूती मिलेगी और आपात स्थिति में गर्भवतियों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।-डॉ. विनोद कुमार, निदेशक, अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय