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Faridabad News: मातृ स्वास्थ्य पखवाड़े की शुरुआत, हाई रिस्क गर्भवतियों पर रहेगा विशेष फोकस
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में मंगलवार से मातृ स्वास्थ्य पखवाड़े की शुरुआत हो गई। 22 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य ''''''''जीरो प्रिवेंटेबल मैटरनल डेथ'''''''' के लक्ष्य के तहत गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और हाई रिस्क गर्भधारण की समय रहते पहचान करना है। पहले दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान, सूची तैयार करने और नियमित फॉलोअप की प्रक्रिया शुरू कर दी। गर्भवतियों की संभावित प्रसव तिथि और प्रसव स्थल का विवरण भी दर्ज किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि हाई रिस्क गर्भवतियों को समय रहते उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाए। आशा कार्यकर्ता प्रसव के दौरान गर्भवती के साथ रहेंगी और प्रसव के बाद 45 दिनों तक मां और नवजात की निगरानी करेंगी। उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना मिश्रा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है।
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फरीदाबाद। जिले में मंगलवार से मातृ स्वास्थ्य पखवाड़े की शुरुआत हो गई। 22 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य ''''''''जीरो प्रिवेंटेबल मैटरनल डेथ'''''''' के लक्ष्य के तहत गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और हाई रिस्क गर्भधारण की समय रहते पहचान करना है। पहले दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान, सूची तैयार करने और नियमित फॉलोअप की प्रक्रिया शुरू कर दी। गर्भवतियों की संभावित प्रसव तिथि और प्रसव स्थल का विवरण भी दर्ज किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि हाई रिस्क गर्भवतियों को समय रहते उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाए। आशा कार्यकर्ता प्रसव के दौरान गर्भवती के साथ रहेंगी और प्रसव के बाद 45 दिनों तक मां और नवजात की निगरानी करेंगी। उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना मिश्रा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है।
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