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लोकपाल की जांच में 14 कैटल षैड का पाया घोटाला-बीडीपीओ, एबीपीओ, जेई, एसडीओ, ग्राम सचिव, फर्म मालिक व सरपंच से 6 लाख 53 हजार 710 र
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पुन्हाना। पुन्हाना खंड गांव बीसरू में मनरेगा के तहत हुए विकास कार्यों में घोटालों की परत खुलनी शुरू हो गई है। लोकपाल द्वारा 17 मामलों की शिकायतों में से कैटल शेड की जांच पूरी कर ली है। जिसमें 14 कैटलशेड में हुए घोटालों को उजागर किया है। इन फर्जी कार्यों के लिए पुन्हाना के बीडीपीओ, एबीपीओ, जेई, एसडीओ, ग्राम सचिव, फर्म मालिक व सरपंच को दोषी मानते हुए 30 दिन के अंदर 6,53,710 रुपये की रिकवरी के आदेश दिए हैं। राशि जमा नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं लोकपाल ने अन्य 16 मामलों की सुनवाई तेज करते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया है।
जानकारी के अनुसार गांव बीसरू निवासी जंगशेर ने गंदे पानी की निकासी के लिए पाईप लाईन, पीडब्ल्यू रोड से खेडा तक रास्ता, मोमनानी जोहड की सफाई, पार्क डिवेलपमेंट, हरिजन श्मशानघाट, फिरनी से इसा के खेत तक व श्मशानघाट से अजमत हाउस तक डब्ल्यूबीएम रास्ता, गंदे पानी के नाले का निर्माण, 14 कैटलशेड सहित कुल 17 कार्यों की 12 अप्रैल 2022 को मनरेगा लोकपाल नूंह को लिखित शिकायत की थी। लोकपाल ने अभी केवल एक ही कैटल शैड मामले की जांच पूरी की है।
अन्य विकास कार्यों की भी जांच शुरू
मनरेगा नूंह के लोकपाल रविन्द्र चौहान ने बताया कि गांव बीसरू निवासी जंगशेर ने गांव में कई कार्यों की शिकायत की थी। जिनमें 14 कैटल शैड की जांच पूरी हो चुकी है। बाकी अन्य कार्यों के शिकायत की जांच की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को रिकोर्ड जमा करने के आदेश दिये है। लोकपाल ने बताया कि उन्होंने पटवारी व मनरेगा ऑपरेटर द्वारा करीब 6 घरों का मौका मुआयना किया जहां एक भी केटलशेड नहीं मिला। जांच में शामिल होने के लिए पुन्हाना बीडीपीओ व एबीपीओ को संबंधित रिकॉर्ड व ब्यान के लिए करीब 6 बार नूंह कार्यालय बुलाया गया था। कोई भी अधिकारी संबंधित रिकॉर्ड लेकर कार्यालय नहीं आए। दोषियों को 30 दिन के अंदर रिकवरी के आदेश दिए हैं।
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शिकायतकर्ता जंगशेर ने मनरेगा लोकपाल के आदेश की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों और संबंधित लोगों से रिकवरी के आदेश से साफ हो गया है कि गांव बीसरू में भारी घोटाला हुआ है। उनका कहना है कि यह तो केवल एक मामला है अन्य मामलों में भी भारी घोटाला किया गया है। जिसकी लोकपाल ने जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार गांव बीसरू निवासी जंगशेर ने गंदे पानी की निकासी के लिए पाईप लाईन, पीडब्ल्यू रोड से खेडा तक रास्ता, मोमनानी जोहड की सफाई, पार्क डिवेलपमेंट, हरिजन श्मशानघाट, फिरनी से इसा के खेत तक व श्मशानघाट से अजमत हाउस तक डब्ल्यूबीएम रास्ता, गंदे पानी के नाले का निर्माण, 14 कैटलशेड सहित कुल 17 कार्यों की 12 अप्रैल 2022 को मनरेगा लोकपाल नूंह को लिखित शिकायत की थी। लोकपाल ने अभी केवल एक ही कैटल शैड मामले की जांच पूरी की है।
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अन्य विकास कार्यों की भी जांच शुरू
मनरेगा नूंह के लोकपाल रविन्द्र चौहान ने बताया कि गांव बीसरू निवासी जंगशेर ने गांव में कई कार्यों की शिकायत की थी। जिनमें 14 कैटल शैड की जांच पूरी हो चुकी है। बाकी अन्य कार्यों के शिकायत की जांच की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को रिकोर्ड जमा करने के आदेश दिये है। लोकपाल ने बताया कि उन्होंने पटवारी व मनरेगा ऑपरेटर द्वारा करीब 6 घरों का मौका मुआयना किया जहां एक भी केटलशेड नहीं मिला। जांच में शामिल होने के लिए पुन्हाना बीडीपीओ व एबीपीओ को संबंधित रिकॉर्ड व ब्यान के लिए करीब 6 बार नूंह कार्यालय बुलाया गया था। कोई भी अधिकारी संबंधित रिकॉर्ड लेकर कार्यालय नहीं आए। दोषियों को 30 दिन के अंदर रिकवरी के आदेश दिए हैं।
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शिकायतकर्ता जंगशेर ने मनरेगा लोकपाल के आदेश की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों और संबंधित लोगों से रिकवरी के आदेश से साफ हो गया है कि गांव बीसरू में भारी घोटाला हुआ है। उनका कहना है कि यह तो केवल एक मामला है अन्य मामलों में भी भारी घोटाला किया गया है। जिसकी लोकपाल ने जांच शुरू कर दी है।