Faridabad: स्मार्ट सिटी में शराब के ठेके नहीं होंगे कम, तीन नए ठेके खोलने की तैयारी, नई आबकारी नीति लागू
स्मार्ट सिटी में शराब ठेकों की संख्या कम नहीं होगी, बल्कि करीब तीन ठेके और खोले जाएंगे। इसके बाद जिले में ठेकों की संख्या करीब 140 हो जाएगी। आबकारी विभाग की ओर से नए बैंड बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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सरकार की नई आबकारी नीति के तहत स्मार्ट सिटी में शराब ठेकों की संख्या कम नहीं होगी, बल्कि करीब तीन ठेके और खोले जाएंगे। इसके बाद जिले में ठेकों की संख्या करीब 140 हो जाएगी। आबकारी विभाग की ओर से नए बैंड बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके बाद ई-ऑक्शन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में शराब के ठेकों के करीब 118 जोन हैं। प्रत्येक जोन में दो ठेके हैं। इसके अलावा ठेकों के सब वेंडर भी हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहरलाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में नई आबकारी नीति लागू हुई। इसके तहत सरकार ने शराब ठेकों की संख्या घटाने की बात कही है। इसके अलावा छोटी क्राफ्ट ब्रेवरीज की लाइसेंस फीस और वाइनरी की सुपरवाइजरी फीस में कमी की गई है, साथ ही खुदरा शराब की बिक्री के जोन का आकार घटाकर चार से दो किया गया है। इसके अलावा पर्यावरण को बचाने की दिशा में भी कदम उठाया गया है। इसके लिए प्लास्टिक की बोतल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है, यानि अब केवल कांच की बोतलों में ही शराब मिलेगी। मंदिर व शिक्षण संस्थानों के आसपास शराब के ठेके नहीं खोलने का फैसला लिया गया है।
शराब के ठेके कम होने की आस में बैठे लोगों को झटका
शहर में अनेक समाजसेवी संस्थाएं और लोग सरकार से जिले में शराब के ठेके कम करने की मांग कर रहे थे लेकिन उनकी आस टूट गई है। इसे लेकर लोग कई बार आबकारी विभाग एवं जिला उपायुक्त ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। जिले में बढ़ रहे शराब के ठेकों की संख्या से उन्हें तगड़ा झटका लगा है। इससे लोगों में सरकार के प्रति काफी रोष है। लोगों ने कहा कि एक तरफ सरकार बीयर पर माइल्ड और सुपर माइल्ड कैटेगरी के तहत एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर जिले में बार कल्चर को बढ़ावा दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ ठेके कम करने के दावे कर रही है। जिन्हें विभाग के अधिकारी ही ठेंगा दिखा रहे हैं।
लोगों से बातचीत
सरकार की घोषणा केवल दिखावा है। वह बार लाइसेंस और बीयर के दाम घटाने की बात करती है लेकिन रिटेल आउटलेट कम करके बार कल्चर को बढ़ाया जा रहा है। इससे ट्रैफिक वायलेंस बढ़ेंगे। चोरी-लूटपाट की घटनाएं बढ़ जाएंगी। - प्रमोद मनोचा, अध्यक्ष, ग्रेटर फरीदाबाद एसोसिएशन
शराब के ठेकों की संख्या बहुत ज्यादा है। सेक्टर व कॉलोनियों में लगभग हर गली के कोने पर ठेके खुले हैं। इन्हें कम करना चाहिए। साथ ही लोगों को शराब के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक करना चाहिए। - अंकित पोद्दार, निवासी ग्रेटर फरीदाबाद
नई पॉलिसी आ गई है। इसके तहत जिले में शराब ठेकों के लिए वैंड बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। अर्बन क्षेत्र ज्यादा होने के कारण यहां करीब तीन और ठेके बढ़ाए जाएंगे। - अनिल यादव, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त