फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Less than an hour of rain left roads flooded with water, leaving people stranded.

Faridabad News: एक घंटे से भी कम हुई बारिश में सड़कों पर भरा पानी, जाम में फंसे लोग

Thu, 18 Sep 2025 12:06 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
Less than an hour of rain left roads flooded with water, leaving people stranded.
कई जगहों पर वाहन बंद हो गए, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून अब अंतिम दौर में चल रहा है, लेकिन जलभराव की समस्या लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही है। सड़कों पर जलभराव, जगह-जगह गड्ढे और जाम की स्थिति से साफ हो रहा है कि निगम पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है।


सबसे अहम बात यह है कि आधा मानसून बीत जाने के बाद कई स्थानों पर निगम ने सफाई और नालों की डी-सिल्टिंग का काम एजेंसियों को सौंपा था। ऐसे में जब बारिश हुई तो हालात पहले से ज्यादा बिगड़े गए थे।
विज्ञापन



बुधवार को बारिश का असर इतना गंभीर रहा कि एक घंटे से भी कम समय तक हुई बारिश ने निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। शहर के कई हिस्सों में नालियां चोक हो गईं और पानी सड़कों पर बहता रहा। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। कई जगहों पर वाहन बंद हो गए, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन



अधिकारियों के दौरे फोटोशूट तक ही सीमित


नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचकर फोटो खिंचवाने और कागजों पर रिपोर्ट बनाने तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। जमीनी स्तर पर काम न के बराबर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी बारिश होती है तो अधिकारी और सफाई कर्मी कागजी खानापूर्ति के लिए पहुंच जाते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान कभी नहीं निकलता। यही वजह है कि हर बार बरसात में हालात बदतर हो जाते हैं।


ब्लॉक स्पॉट बने लोगों की मुसीबत


शहर के कई स्थान ब्लॉक स्पॉट के रूप में बदनाम हो चुके हैं। इनमें बल्लभगढ़, एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद की कई सोसाइटी क्षेत्रों की सड़कें भी शामिल हैं। इन जगहों पर हर बारिश के बाद पानी भर जाता है और ट्रैफिक जाम आम बात हो जाती है। निगम ने दावा किया था कि स्थानों को चिन्हित कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, लेकिन जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। शहर के सबसे व्यस्त नीलम फ्लाईओवर व बाटा फ्लाईओवर के पास भी जलभराव होने से घंटे लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।


लोगों ने जताई नाराजगी


निवासियों का कहना है कि निगम को मानसून शुरू होने से पहले ही नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत कर लेनी चाहिए थी। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी जिम्मेदार विभाग नींद से देर से जागा। अब बारिश का सीजन खत्म होने के बावजूद नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं और कई सड़कों पर पानी निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। लोगों को गड्ढों और कीचड़ से होकर निकलना पड़ रहा है।


जिम्मेदारी से भागता निगम


हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार प्रयास कर रहे हैं और जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। लेकिन नागरिकों का मानना है कि यह केवल आश्वासन तक सीमित है। हर साल यही स्थिति देखने को मिलती है और जनता को भुगतना पड़ता है।




निगम को स्थायी समाधान पर करना चाहिए काम


विशेषज्ञों का मानना है कि निगम को बारिश से पहले नालों की सफाई, जलभराव वाले स्थानों की पहचान और वहां स्थायी जल निकासी व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा, एजेंसियों को समय से काम सौंपने और उसकी निगरानी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। साथ ही शहर में अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाकर पानी के प्राकृतिक प्रवाह को भी सुचारू किया जाना चाहिए।


हर साल बारिश में यही हाल होता है हम लोग लंबे समय से देखते आ रहे हैं। अधिकारी ठीक से काम नहीं करते हैं। अभी तक किसी ने भी मूल समस्या पर काम नहीं किया है। - सौरभ



नगर निगम को चाहिए कि अब नींद से जाग जाए और जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर दे। हम लोग बहुत दिनों से परेशानी झेल रहे हैं अभी यह नहीं पता कितने दिन यही हाल रहेगा। - मौहित
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed