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Faridabad News: सूरजकुंड-पाली मार्ग पर वाहन की टक्कर से तेंदुआ मरा
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फरीदाबाद सूरजकुंड पाली रोड पर मृतक मिला तेंदूआ । संवाद
सूचना मिलते ही पुलिस और वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची, वाहन चालक की तलाश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड-पाली मार्ग स्थित हनुमान मंदिर के पास शनिवार सुबह वाहन की टक्कर से तेंदुआ मर गया। सैर पर निकले कुछ लोग सड़क पर तेंदुए को देखकर डर गए। कुछ देर बाद उन्होंने पास जाकर देखा और सूचना डायल-112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
फिलहाल तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पुलिस सीसीटीवी की सहायता से फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। सुबह के वक्त, सूरजकुंड-पाली मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित सैनिक कॉलोनी के लोग सैर के लिए निकले थे। हनुमान मंदिर के पास एक तेंदुए को पड़ा देख हैरान रह गए। पहले लोग डर से तेंदुए के पास नहीं गए, लेकिन जब कुछ देर तक उस में कोई हरकत नहीं दिखी तो उन्होंने पास जाकर देखा। तेंदुए का शरीर खून से लथपथ था और वह मर चुका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेंदुए की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई है। अनखीर पुलिस चौकी के प्रभारी, सुनील कुमार के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह करीब पांच बजे हुई थी।
पिछले साल भी देखे गए थे तेंदुए
यह पहली बार नहीं है जब फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की उपस्थिति देखी गई हो। पिछले साल फरवरी में ग्रीन वैली में एक तेंदुआ घुस आया था, जिससे स्थानीय लोगों में भगदड़ मच गई थी। उसे पकड़ने में वन्यजीव विभाग की टीम को 11 घंटे की कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी। इसके अलावा, जनवरी 2024 में राजीव कॉलोनी में भी एक तेंदुआ घुस गया था, जिसे वन्यजीव विभाग ने पांच घंटे की मेहनत के बाद पिंजरे में कैद किया था।
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अरावली क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा पर खतरा
अरावली क्षेत्र में तेंदुए और लकड़बग्घे जैसे वन्यजीव सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं। विशेष रूप से गुड़गांव-फरीदाबाद रोड और अन्य राजमार्गों पर ऐसे हादसे सामने आए हैं, जहां वन्यजीवों की वाहनों की टक्कर से मौत हो गई है। यह राजमार्ग वन्यजीवों के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं, क्योंकि जंगलों के बीच से सड़कें बनाई गई हैं, जिससे वन्यजीवों को सड़क पार करते समय या उसके आसपास घूमते समय दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। यह राजमार्ग वन्यजीवों के स्वाभाविक गलियारों को बाधित करते हैं, जिससे उन्हें रहने और भटकने के लिए कम जगह मिलती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड-पाली मार्ग स्थित हनुमान मंदिर के पास शनिवार सुबह वाहन की टक्कर से तेंदुआ मर गया। सैर पर निकले कुछ लोग सड़क पर तेंदुए को देखकर डर गए। कुछ देर बाद उन्होंने पास जाकर देखा और सूचना डायल-112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
फिलहाल तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पुलिस सीसीटीवी की सहायता से फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। सुबह के वक्त, सूरजकुंड-पाली मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित सैनिक कॉलोनी के लोग सैर के लिए निकले थे। हनुमान मंदिर के पास एक तेंदुए को पड़ा देख हैरान रह गए। पहले लोग डर से तेंदुए के पास नहीं गए, लेकिन जब कुछ देर तक उस में कोई हरकत नहीं दिखी तो उन्होंने पास जाकर देखा। तेंदुए का शरीर खून से लथपथ था और वह मर चुका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेंदुए की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई है। अनखीर पुलिस चौकी के प्रभारी, सुनील कुमार के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह करीब पांच बजे हुई थी।
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पिछले साल भी देखे गए थे तेंदुए
यह पहली बार नहीं है जब फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की उपस्थिति देखी गई हो। पिछले साल फरवरी में ग्रीन वैली में एक तेंदुआ घुस आया था, जिससे स्थानीय लोगों में भगदड़ मच गई थी। उसे पकड़ने में वन्यजीव विभाग की टीम को 11 घंटे की कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी। इसके अलावा, जनवरी 2024 में राजीव कॉलोनी में भी एक तेंदुआ घुस गया था, जिसे वन्यजीव विभाग ने पांच घंटे की मेहनत के बाद पिंजरे में कैद किया था।
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अरावली क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा पर खतरा
अरावली क्षेत्र में तेंदुए और लकड़बग्घे जैसे वन्यजीव सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं। विशेष रूप से गुड़गांव-फरीदाबाद रोड और अन्य राजमार्गों पर ऐसे हादसे सामने आए हैं, जहां वन्यजीवों की वाहनों की टक्कर से मौत हो गई है। यह राजमार्ग वन्यजीवों के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं, क्योंकि जंगलों के बीच से सड़कें बनाई गई हैं, जिससे वन्यजीवों को सड़क पार करते समय या उसके आसपास घूमते समय दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। यह राजमार्ग वन्यजीवों के स्वाभाविक गलियारों को बाधित करते हैं, जिससे उन्हें रहने और भटकने के लिए कम जगह मिलती है।