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Faridabad News: बीके अस्पताल में दवाइयों की कमी मरीजों की जेब पर पड़ रही भारी
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बाहर से दोगुने रेट पर खरीदनी पड़ रही दवाइयां
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में दवाइयों की कमी बनी रहती है। ऐसी स्थिति में दूर-दराज से आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करने के बाद भी दवा नहीं मिलती है। इस कारण मरीजों को बाहर की दुकानों से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। प्रबंधन के सामने कई बार दवाओं की कमी के बारे में बताया जा चुका है लेकिन प्रबंधन हर बार दवाइयां पूरी होने की बात करता है।
बीके अस्पताल में दवाई की किल्लत के कारण अब निजी मेडिकल स्टोर वाले फल फूल रहे हैं। दवाई न होने के कारण अब डॉक्टर भी मरीजों के लिए निजी औषधि केंद्र के लिए दवा लिख रहे हैं। इससे मरीजों को बाहर से दोगुने रेट पर दवाई खरीदनी पड़ती है। मरीजों का आरोप है कि जब वह दवाई लेने आते हैं तो डॉक्टर ऐसी दवाई लिखते हैं जो उन्हें अस्पताल के औषधि केंद्र से नहीं मिलती है।
सेक्टर 22 के प्रतीक का कहना है कि उन्हें एलर्जी हो रही थी जिसके कारण वे डॉक्टर से दवाई लेने आए थे। लेकिन डॉक्टर ने ओपीडी कार्ड पर जो दवाई लिखी, उनमें से केवल एक ही दवाई अस्पताल से मिली। बड़खल की अर्शी ने बताया कि अस्पताल से कभी भी पूरी दवाई नहीं मिलती है। अस्पताल के औषधि केंद्र पर केवल बुखार की दवा दी, जबकि डॉक्टर ने गले में गाठ की दवाई लिखी थी।
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वर्जन—
अस्पताल में सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। यदि कोई दवाई नहीं मिल रही है तो उसकी जांच की जाएगी। - एसएमओ डॉ. विकास गोयल
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में दवाइयों की कमी बनी रहती है। ऐसी स्थिति में दूर-दराज से आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करने के बाद भी दवा नहीं मिलती है। इस कारण मरीजों को बाहर की दुकानों से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। प्रबंधन के सामने कई बार दवाओं की कमी के बारे में बताया जा चुका है लेकिन प्रबंधन हर बार दवाइयां पूरी होने की बात करता है।
बीके अस्पताल में दवाई की किल्लत के कारण अब निजी मेडिकल स्टोर वाले फल फूल रहे हैं। दवाई न होने के कारण अब डॉक्टर भी मरीजों के लिए निजी औषधि केंद्र के लिए दवा लिख रहे हैं। इससे मरीजों को बाहर से दोगुने रेट पर दवाई खरीदनी पड़ती है। मरीजों का आरोप है कि जब वह दवाई लेने आते हैं तो डॉक्टर ऐसी दवाई लिखते हैं जो उन्हें अस्पताल के औषधि केंद्र से नहीं मिलती है।
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सेक्टर 22 के प्रतीक का कहना है कि उन्हें एलर्जी हो रही थी जिसके कारण वे डॉक्टर से दवाई लेने आए थे। लेकिन डॉक्टर ने ओपीडी कार्ड पर जो दवाई लिखी, उनमें से केवल एक ही दवाई अस्पताल से मिली। बड़खल की अर्शी ने बताया कि अस्पताल से कभी भी पूरी दवाई नहीं मिलती है। अस्पताल के औषधि केंद्र पर केवल बुखार की दवा दी, जबकि डॉक्टर ने गले में गाठ की दवाई लिखी थी।
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अस्पताल में सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। यदि कोई दवाई नहीं मिल रही है तो उसकी जांच की जाएगी। - एसएमओ डॉ. विकास गोयल